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स्वीडन में भ्रष्ट राजनेता को अब दो से छह साल तक रहना होगा जेल में

TCN Desk TCN Desk | 2h ago
स्वीडन में भ्रष्ट राजनेता को अब दो से छह साल तक रहना होगा जेल में

सार्वजनिक पद के दुरुपयोग से जुड़ा एक नया आपराधिक कानून 1 अगस्त से स्वीडन में लागू हो गया है।

सार्वजनिक पद के दुरुपयोग से जुड़ा एक नया आपराधिक कानून 1 अगस्त से स्वीडन में लागू हो गया है। इससे पहले 15 जून को स्वीडन की संसद Riksdagen ने सरकार के इस सुधार के मुख्य हिस्से को 174 के मुकाबले 172 वोटों से मंजूरी दी थी। सोशल डेमोक्रेट्स, लेफ्ट पार्टी, सेंटर पार्टी और ग्रीन पार्टी ने इसके खिलाफ मतदान किया था।

The Nordic Times के अनुसार, इस सुधार के तहत, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक सेवा में किसी सार्वजनिक पद पर रहते हुए या किसी अन्य रूप में सार्वजनिक कार्य करते समय जानबूझकर किसी कानून या अन्य नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे सजा दी जा सकती है, अगर उसका उद्देश्य खुद को या किसी अन्य व्यक्ति को अनुचित लाभ पहुंचाना या किसी व्यक्ति को अनुचित रूप से नुकसान पहुंचाना हो। इस नए अपराध को 'सार्वजनिक पद का दुरुपयोग' (Abuse of Public Position) कहा गया है।

इसे स्वीडिश दंड संहिता के अध्याय 20 की धारा 2 में शामिल किया गया है। सामान्य मामलों में दोषी पाए जाने पर जुर्माना या अधिकतम दो साल की जेल हो सकती है। गंभीर मामलों में कम से कम एक साल छह महीने और अधिकतम छह साल की जेल का प्रावधान है।

नए अपराध और पहले से मौजूद 'पद पर रहते हुए कदाचार' (Misconduct in Office) के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर इसके दायरे का है। पद पर रहते हुए कदाचार का मौजूदा अपराध सार्वजनिक अधिकारों के इस्तेमाल से जुड़ा है, जबकि नया प्रावधान अन्य सार्वजनिक कार्यों और गतिविधियों को भी अपने दायरे में लाता है। इसके तहत सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ-साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी आ सकते हैं।

स्वीडन की संसद Riksdagen ने इस सुधार को सार्वजनिक अधिकारियों की आपराधिक जवाबदेही का विस्तार बताया है। इसके साथ ही पद पर रहते हुए गंभीर कदाचार के मामलों में न्यूनतम सजा छह महीने से बढ़ाकर एक साल छह महीने कर दी गई है। हालांकि, यह कानून 1970 के दशक में धीरे-धीरे समाप्त की गई सार्वजनिक अधिकारियों की पुरानी और व्यापक जवाबदेही व्यवस्था की वापसी नहीं है। इसके बजाय मौजूदा पद पर रहते हुए कदाचार संबंधी नियमों के साथ एक नया ऐसा आपराधिक प्रावधान जोड़ा गया है, जिसमें अपराध के लिए जानबूझकर गलत काम करने की मंशा होना जरूरी है।

ग्रीन पार्टी ने सरकार के विधेयक को पूरी तरह खारिज करने की मांग की थी। नए अपराध पर हुए निर्णायक मतदान में सोशल डेमोक्रेट्स, लेफ्ट पार्टी, सेंटर पार्टी और ग्रीन पार्टी ने प्रस्ताव के खिलाफ दर्ज आपत्ति का समर्थन किया। वहीं स्वीडन डेमोक्रेट्स, मॉडरेट पार्टी, क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स और लिबरल्स ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि निर्दलीय सांसदों के वोट बंटे हुए थे। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि इस प्रावधान का व्यापक दायरा सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता पैदा कर सकता है।

TCO परिसंघ, सिविल सेवा कर्मचारियों की यूनियन ST और Vision ने संसद के फैसले से पहले चेतावनी दी थी कि नए कानून के कारण सरकारी प्रशासन जरूरत से ज्यादा सतर्क हो सकता है, मामलों के निपटारे में अधिक समय लग सकता है और शिकायतों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि, संसद में बहुमत ने इन आशंकाओं के बावजूद सुधार को मंजूरी दे दी। अब स्वीडन की कानूनी व्यवस्था में इन नए नियमों की व्यावहारिक परीक्षा शुरू हो सकती है। नए जवाबदेही कानून की वास्तविक सीमाएं क्या होंगी, यह अंततः अदालतों के फैसलों से तय होगा।

स्वीडन में इस नए कानून को लेकर सिविल सेवा कर्मचारियों समेत राजनेताओं में खलबली मची हुई है। नए सार्वजनिक पद के दुरुपयोग’ (Abuse of Public Position) कानून को लेकर जगह-जगह आलोचना हो रही है। लोगों के बीच इस कानून के प्रभावी होने के बाद के दुष्परिणाम पर भी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि कानून के प्रभावी होते ही अधिकारी और राजनेता अधिक सतर्क हो गए हैं और लोक प्रशासन का जोखिम बढ़ गया है।

लोगों का मानना है कि अस्पष्ट सीमाओं के बावजूद यह सुधार कानूनी निश्चितता को मजबूत करता है। लेकिन इसकी सही परीक्षा अदालत में होगी जब किसी भ्रष्ट या अपराधिक चरित्र वाले राजनेता को सजा सुनाई जाएगी। अगर अधिकारी या राजनेता अदालत से बेदाग साबित होकर बाहर निकल जाते हैं तो फिर इस कानून पर सवाल भी उठेंगे। ऐसी स्थिति में अदालतों को जल्द स्पष्ट करना होगा कि इस कानून को कैसे लागू किया जाएगा।

हांलाकि कानून के पक्ष में खड़े लोगों का मानना है कि आलोचना बढ़ा-चढ़ाकर की जा रही है। राजनेताओं और सार्वजनिक पद पर रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही जरूरी है।