जेल जाकर भी नहीं सुधरा स्वतंत्र भारद्वाज, जमानत के बाद आया नया धमकी भरा वीडियो
स्वतंत्र भारद्वाज एक बार फिर एक वायरल वीडियो में धमकी देते दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज उसके साथियों को परेशान करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता दिखाई दे रहा है।बता दें कि स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग दलित छात्रा के पिता का “सिर फोड़ने” का दावा करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने उसे अंतरिम जमानत दी है।
The Telegraph की एक रिपोर्ट के अनुसार,
वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज जैसा दिखने वाला व्यक्ति किसी अन्य शख्स से बातचीत करते हुए पुलिस थाने के बाहर एक गाड़ी पर हमले की कोशिश का जिक्र करता है। वह इसमें शामिल लोगों को “हमारे भाई” बताता है और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों से बदला लेने की बात कहता दिखाई देता है।
वीडियो में वह कहता है,
जो भी इनकी गाड़ी को घेरे ना, तुम लोगों को हम कुछ नहीं करने वाले... तुम ना मेरे लायक हो, ना मेरे स्तर के हो।”
इसके बाद वह आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का नाम लेते हुए कहता है, चंद्रशेखर आजाद रावण, उसको जाकर संदेश पहुंचा देना।”
वीडियो में आगे वह कहता है,
उन लोगों पर जो हमला हुआ है, उसका बदला लेने के लिए एक ब्राह्मण शेर है, उसका नाम है स्वतंत्र भारद्वाज। आकर टकरा लेना।
The Telegraph ने वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और रिकॉर्डिंग के समय एवं स्थान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। हालांकि, प्रथम दृष्टया यह वीडियो AI से बनाया हुआ नहीं लगता।
यह वीडियो उस समय सामने आया है, जब दिल्ली की एक अदालत ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार पर हमले से जुड़े मामले में भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने 15 सितंबर को जमानत देते हुए भारद्वाज पर कई पाबंदियां लगाई थीं।
अदालत ने स्वतंत्र को इस मामले में अपने बचाव या शिकायतकर्ता और उसके परिवार से संबंधित कोई बयान, टिप्पणी, वीडियो, पॉडकास्ट, इंटरव्यू, रील अथवा पोस्ट सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया समेत किसी भी सार्वजनिक मंच पर बनाने या साझा करने से रोक दिया था।
अदालत ने उसे इस मामले पर मीडिया से बात करने और शिकायतकर्ता, उनकी बेटी अथवा अभियोजन पक्ष के किसी गवाह से संपर्क करने से भी प्रतिबंधित किया था।
अदालत ने कहा था कि,
तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत के दौरान भारद्वाज के आचरण को उसकी नियमित जमानत याचिका पर विचार करते समय ध्यान में रखा जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।
जमानत देते हुए अदालत ने कहा था,
23 जून 2026 की घटना के संबंध में जो कुछ भी तय होना है, वह सबूतों के आधार पर अदालत में तय होगा, न कि सार्वजनिक रूप से या सोशल मीडिया पर।
अदालत ने जांच अधिकारी को 6 अक्टूबर को रिपोर्ट दाखिल करके यह बताने का भी निर्देश दिया था कि भारद्वाज ने जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन किया है या नहीं।
स्वतंत्र भारद्वाज को इस महीने की शुरुआत में एक वीडियो पॉडकास्ट सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पॉडकास्ट में उसने कथित तौर पर जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल संजय कुमार का “सिर फोड़ने” का दावा किया था। बाद में भारद्वाज के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। नाबालिग छात्र कार्यकर्ता की शिकायत पर पॉक्सो अधिनियम के तहत भी एक अलग मामला दर्ज हुआ।
कॉकरोच जनता पार्टी और कांग्रेस की ओर से दिल्ली पुलिस पर दबाव बनाए जाने के बाद उसके खिलाफ अतिरिक्त धाराएं लगाई गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह नाबालिग छात्रा और उसके परिवार को परेशान एवं धमकाए जाने के आरोपों पर चिंता जताई थी। अदालत ने कहा था कि ऐसे आरोपों को “हल्के में नहीं लिया जा सकता” और छात्रा तथा उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
इसके बाद छात्रा ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उसे अब भी धमकाया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि बोर्ड परीक्षाएं नजदीक होने के बावजूद वह स्कूल और ट्यूशन नहीं जा पा रही है।