जेल में इमरान खान को ‘धीरे-धीरे मारने’ की कोशिश, बेटों ने पाक आर्मी चीफ पर लगाए आरोप
इमरान खान के इलाज और परिवार से मिलने की अनुमति से जुड़ी याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई हो रही है।
पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर उनके पिता के खिलाफ “निजी दुश्मनी” निकालने का आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जताई है कि इमरान खान को जेल में “धीरे-धीरे मारा जा रहा है।”
ये आरोप ऐसे समय लगाए गए हैं, जब इस्लामाबाद में इमरान खान के इलाज और परिवार से मिलने की अनुमति से जुड़ी याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई हो रही है।
इमरान खान के बेटे 27 वर्षीय कासिम खान और 29 वर्षीय सुलेमान खान ने The Guardian को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वे अपने 73 वर्षीय पिता की सेहत को लेकर “बेहद चिंतित” हैं। उन्होंने दावा किया कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में इमरान खान को जिन परिस्थितियों में रखा गया है, वे “मानसिक और शारीरिक यातना” के समान हैं। इमरान खान वर्ष 2023 से जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 वर्ष की सजा काट रहे हैं।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम के बड़े बेटे सुलेमान ने दावा किया,
वास्तविकता यह है कि उन्हें छह गुणा आठ फुट की एक छोटी-सी कोठरी में रखा गया है, जहां उनका किसी इंसान से संपर्क नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों से इमरान खान को नई किताबें नहीं दी गई हैं और उन्हें परिवार के सदस्यों तथा स्वतंत्र डॉक्टर से मिलने की अनुमति भी नहीं मिल रही है।
सुलेमान के अनुसार,
इमरान खान की आंखों की बीमारी का उचित इलाज नहीं किया गया, जिसके कारण संभवतः उनकी एक आंख की रोशनी लगभग चली गई है।
पूर्व पीएम के छोटे बेटे कासिम खान ने कहा कि,
परिवार को इमरान खान की सेहत से जुड़ा कोई स्वतंत्र चिकित्सकीय आकलन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा,
हमें लगता है कि वे उन्हें जेल में धीरे-धीरे मारने की कोशिश कर रहे हैं। यहां असली निजी दुश्मनी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इमरान खान के इलाज और परिवार से उनकी मुलाकात से संबंधित मामले पर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को अधिकारियों को आदेश दिया था कि इमरान खान को अदियाला जेल से इस्लामाबाद के निजी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। वहां एक विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड को उनकी जांच और इलाज करना था। इसके बावजूद इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बजाय सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी PIMS ले जाया गया। जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। इसके बाद इमरान खान के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की।
पाकिस्तान सरकार ने इमरान खान के बेटों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। The Guardian के अनुसार, सरकार ने इन दावों को “फर्जी प्रचार” बताते हुए कहा कि इमरान खान को जेल में पर्याप्त सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें घर का बना खाना, मेवे, बोतलबंद पानी, व्यायाम के उपकरण, परिवार से मुलाकात और नियमित मेडिकल जांच शामिल हैं।
सरकार ने उन आरोपों को भी स्पष्ट रूप से खारिज किया है, जिनमें कहा गया है कि इमरान खान को सजा देने के उद्देश्य से एकांत कारावास में रखा गया है या उनके साथ क्रूरता और सुविधाओं से वंचित करने जैसा व्यवहार किया जा रहा है। सरकार ने PIMS में हुई उनकी मेडिकल जांच का भी बचाव किया। उसका कहना है कि इमरान खान की जांच विशेषज्ञों सहित योग्य डॉक्टरों ने की थी। हालांकि, उनके परिवार और समर्थकों ने जांच की पर्याप्तता तथा उन्हें शिफा अस्पताल नहीं ले जाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के आदेश में इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने और 16 सितंबर तक वहीं रखने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश उनकी दाहिनी आंख की स्थिति को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद दिया गया था। अदालत ने मेडिसिन, सर्जरी, नेत्र रोग और हृदय रोग विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया था।
लेकिन इमरान खान को निजी अस्पताल के बजाय PIMS ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि सरकार ने अदालत के स्पष्ट निर्देश का पालन नहीं किया, जबकि अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से अस्पताल बदलना आवश्यक था।
पाकिस्तान की नवगठित संघीय संवैधानिक अदालत ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट से इमरान खान तथा अदियाला जेल के तीन अन्य कैदियों को निजी अस्पतालों में स्थानांतरित करने से संबंधित मामलों का रिकॉर्ड भी मांगा। बुधवार को मामले की सुनवाई दोबारा शुरू होने पर सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल को तलब किया। पीठ को बताया गया कि संघीय संवैधानिक अदालत ने इस मामले का रिकॉर्ड मांगा है।

कासिम और सुलेमान ने अपने पिता के साथ हो रहे व्यवहार को इमरान खान और जनरल आसिम मुनीर के पुराने संबंधों से जोड़ा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान ने आसिम मुनीर का पद घटाया था। बेटों का आरोप है कि दोनों के बीच पैदा हुआ तनाव सत्ता से हटने के बाद इमरान खान के साथ हो रहे व्यवहार का एक कारण है।
सुलेमान ने दावा किया कि,
उनके पिता के साथ यह व्यवहार “आसिम मुनीर के आदेश पर” किया जा रहा है।
इमरान खान के दोनों बेटे अपने पिता की रिहाई की मांग को लेकर लगातार मुखर हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पाकिस्तानी राजनीति में प्रवेश करने या पिता की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI की कमान संभालने की कोई योजना नहीं है।
दोनों ने बताया कि वे ब्रिटेन से पाकिस्तान जाकर अपने पिता से मिलना चाहते हैं, लेकिन कई महीने पहले आवेदन करने के बावजूद उन्हें वीजा नहीं दिया गया। इस बीच PTI ने इमरान खान की रिहाई और जेल में उनकी परिस्थितियों को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए देशव्यापी आंदोलन की योजना बनाई है।
इमरान खान अपने खिलाफ दर्ज मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते रहे हैं। उनके समर्थकों का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी और सजा राजनीतिक रूप से प्रेरित है। 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद इमरान खान के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें कुछ सजाओं को अपील के दौरान निलंबित या रद्द भी किया जा चुका है।