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IPS बुशरा बानो का अस्सलामुअलैकुम और जज़ाकल्लाह कहने पर हुआ ट्रांसफर?

TCN Desk TCN Desk | 55m ago · 5 min read
IPS बुशरा बानो का अस्सलामुअलैकुम और जज़ाकल्लाह कहने पर हुआ ट्रांसफर?

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार में एक आईपीएस अधिकारी का सिर्फ इसलिए तबादला कर दिया गया क्योंकि उसने अभिवादन के लिए अरबी भाषा के शब्द इस्तेमाल किए।

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार में एक आईपीएस अधिकारी का सिर्फ इसलिए तबादला कर दिया गया क्योंकि उसने अभिवादन के लिए अरबी भाषा के शब्द इस्तेमाल किए। पश्चिम बंगाल में जब से भाजपा की सरकार बनी है, मुस्लिमों और ईसाईयों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को एक रिपोर्ट आई थी कि प्रदेश में 252 मदरसों को बंद कर दिया गया और 100 से ज्यादा मदरसों को बंद करने की नोटिस दी गई। चर्चों पर हमले हो रहे हैं। भय और दहशत में जी रहे ईसाई समुदाय के लोगों ने कई जिलों में चर्च की प्रार्थना सभा में जाना बंद कर दिया। चर्चों में प्रार्थना सभा के दौरान बजरंग दल और हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की।

अब आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो का सोमवार को तबादला इसलिए कर दिया गया क्योंकि कुछ दिन पहले सिविल सेवा में अपने सफर से जुड़े एक वीडियो में अरबी भाषा के शब्द अभिवादन के लिए इस्तेमाल करने को लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।

2021 बैच की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो को खड़गपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद से हटाकर राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है। यह तबादला 13 सितंबर को जारी उनके वीडियो के बाद हुआ है।

वीडियो में IPS बुशरा बानो ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा की तैयारी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए थे और सिविल सेवा अभ्यर्थियों का उत्साह बढ़ाया था।
आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के खिलाफ ‘हिंदू लीगल फंड’ ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव से शिकायत करते हुए वीडियो में बुशरा बानो द्वारा ‘अस्सलामुअलैकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी।

संगठन ने आरोप लगाया कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सेवारत अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में तटस्थता बनाए रखनी चाहिए और ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए।


संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,

उन्होंने शुरुआत अस्सलामुअलैकुम से की, बीच में इंशाअल्लाह कहा और अंत जज़ाकल्लाह से किया, लेकिन वंदे मातरम् या जय हिंद का इस्तेमाल नहीं किया। संगठन ने इस मामले की जांच की मांग की है। इस शिकायत के बाद यह बहस छिड़ गई है कि क्या नौकरशाहों से निजी या सार्वजनिक संवाद में किसी विशेष धार्मिक अथवा राष्ट्रीय अभिव्यक्ति के इस्तेमाल की अपेक्षा की जानी चाहिए।

बुशरा बानो ने वीडियो में अपने व्यक्तिगत और शैक्षणिक सफर के बारे में बताया था। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में जन्मी बानो ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मैनेजमेंट स्टडीज में पीएचडी की। उन्होंने जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) भी उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने सऊदी अरब में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया। बाद में वह भारत लौट आईं और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की।

बानो ने अपनी सफलता में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी की भूमिका का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, अकादमी ने उन्हें अध्ययन सामग्री, पुस्तकालय और टेस्ट सीरीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। वर्ष 2018 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 277वीं रैंक हासिल की और उन्हें भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) आवंटित की गई। हालांकि, अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण उन्होंने सेवा जॉइन नहीं की। अगले वर्ष उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और 234वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुईं।

2021 बैच की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो को पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित किया गया था। उन्होंने हुगली ग्रामीण में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। जून में उन्हें पदोन्नत कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। राज्य सरकार ने पार्थ घोष को खड़गपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और शुभेंदु मंडल को चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट में अतिरिक्त उपायुक्त नियुक्त किया है।

IPS अधिकारी बुशरा बानो के तबादले को लेकर विपक्ष ने पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पोस्ट करते कहा कि,


एक ओर भाजपा सरकार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘प्रार्थना कक्ष’ बनाकर अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि का प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम महिला आईपीएस अधिकारी डॉ. बुशरा बानो को केवल ‘अस्सलामुअलैकुम’ और ‘जज़ाकल्लाह’ कहने पर दरकिनार किया जा रहा है—और इस तरह गोदी मीडिया द्वारा फैलाई जा रही नफरत को बढ़ावा दिया जा रहा है। बुशरा, हम आपके साथ हैं।

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने आईपीएस बुशरा बानो के तबादले को लेकर भाजपा सरकार की नफरती विचारधारा पर हमला बोला है।


एक्स पोस्ट करते इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि,

ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया भर से आये हुए मुस्लिम राष्ट्राध्यक्षों को बांहें फैलाकर गले लगाने वाले मोदी जी की पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने खड़गपुर में तैनात IPS बुशरा बानो का महज़ इसलिये ट्रांसफर कर साइड लाइन कर दिया क्योंकि एक वीडियो संदेश के ज़रिये युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने इंशाअल्लाह और जज़ाकअल्लाह कह दिया था जिसका अर्थ बड़ा सामान्य सा है। एक नफ़रती TV चैनल ने पहले वो वीडियो सनसनीख़ेज़ बनाकर पोस्ट किया और महिला IPS की ऑनलाइल ट्रोलिंग करवाई गई, राज्य सरकार ने उनका साथ देने के बजाय अगले दिन उनका ट्रांसफ़र कर दिया। ये कैसा भारत बना रहे हैं आप नरेंद्र मोदी जी।

एक्स पर एक पोस्ट करते कवीश अजीज ने लिखा है कि,


सलाम करने पर बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया और वर्दी में धार्मिक यात्रा में शामिल होने पर अनुज चौधरी का प्रमोशन कर दिया गया था।