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हिन्दू राष्ट्र की दुकान में अखंड भारत के 36 नक्शे

Pro. Hemantkumar Shah Pro. Hemantkumar Shah | 1h ago · 4 min read
हिन्दू राष्ट्र की दुकान में अखंड भारत के 36 नक्शे

RSS के संविधान में कहीं नहीं हैं अखंड भारत की स्थापना की बात।

अखंड भारत के नाम पर क्या क्या नहीं हो रहा। पोस्टर, केलेंडर छप रहे हैं या रास्ते पर बोर्ड लगा दिए जाते हैं। अखंड भारत किस को चाहिए? RSS को। लेकिन इस का खुद का जो संविधान सरदार पटेल को सौंपा गया था इस में तथाकथित अखंड भारत का कोई जिक्र नहीं किया गया। इसके अनुच्छेद-3 में कहा गया है कि,

संघ के उद्देश्य और लक्ष्य हिंदू समाज के भीतर के विविध समूहों को एक साथ जोड़ना और उसके धर्म और संस्कृति के आधार पर उसी का पुनरुत्थान और कायाकल्प करना है, ताकि वह भारतवर्ष का सर्वांगीण विकास प्राप्त कर सके”।

यहां भी भारत नहीं लिखा गया है, जो सरकारी या अधिकारिक या संवैधानिक नाम है देश का, लेकिन भारतवर्ष लिखा गया है और इसमें कहीं भी अखंड भारत का जिक्र नहीं है।

RSS के संविधान का अनुच्छेद – 4 में भी अखंड भारत के लिए कुछ भी नहीं लिखा गया है। इसमें तीन उप धारा में संघ की क्या नीति होगी वह लिखा गया है। मतलब संघ का घोषित उद्देश नहीं है अखंड भारत की स्थापना करने का।

लेकिन फिर भी अखंड भारत RSS का उद्देश्य बन गया है। सुरुचि प्रकाशन, RSS द्वारा चलाया जाने वाला दिल्ली का एक प्रकाशन गृह है। इस ने 'पुण्यभूमि भारत' नाम का एक नक्शा हमारे सामने पेश किया था जिसमें अफगानिस्तान को "उपगणस्थान",काबुल को "कुभा नगर", पेशावर को "पुरुषपुर", मुल्तान को "मूलस्थान", तिब्बत को "त्रिविष्टप",श्रीलंका को "सिंहलद्वीप" और म्यांमार को "ब्रह्मदेश" कहा गया था। इसमें और भी नाम थे। उस नक्शे के नीचे संस्कृत में दिए गए एक कैप्शन में लिखा था कि, “हिमालय के दक्षिण में और हिंद महासागर के उत्तर में जो कुछ भी है वह भारत है”।

आरएसएस के कई अन्य प्रकाशन भी हैं जिनमें प्रत्येक ‘राष्ट्रभक्त का सपना: अखंड भारत’ शीर्षक वाली एक पुस्तक भी शामिल है। इसमें अखंड भारत स्थापित करने की बात की गई है। अब जो अखंड भारत का सपना नहीं देख रहा वह अपने आप देशद्रोही हो गया!

संघ के वर्तमान सरसंघचालक मोहन भागवत भी अखंड भारत ही भारत के लोगों के लिए सच्ची स्वतंत्रता लाएगा ऐसा बार बार कहते रहते हैं। Indian Express ने इस का जिक्र एक फरवरी, 2007 के अपने अख़बार में किया था। नरेन्द्र मोदी ने भी 2012 में इस प्रकार की बात कही थी। फिर बीजेपी के महामंत्री राम माधव ने 2015 में भी यही बात Indian Express अख़बार में एक लेख लिखकर कही थी। हालाँकि कोई यह नहीं कहता कि अखंड भारत में आज के भारत के आलावा कौन से देश शामिल होंगे।

अब देखो क्या हो रहा है। 'Science Direct' नामक एक पत्रिका में फेलिक्स पाल और अलेक्जेंडर डेविस का एक लेख प्रकाशित हुआ है। और उसमें यह कहा गया है कि

अखंड भारत के अलग-अलग क्षेत्र को दर्शाने वाले 36 नक्शे यानि मानचित्र प्रकाशित हुए हैं और उनके प्रकाशक किसी न किसी तरह से RSS या उसके जैसे हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े हुए हैं।

सिर्फ़ पाकिस्तान या बांग्लादेश ही उन के अखंड भारत में शामिल नहीं किए जा रहे हैं। थाईलेंड, लाओस, कम्बोडिया, फिलीपिंस और इंडोनेशिया तो हैं ही इसमें शामिल।

अखंड भारत के कई नक़्शे तो ऐसे हैं कि जिस में ईरान, इजिप्ट और उत्तर आस्ट्रेलिया भी शामिल हैं। जर्मनी भी शामिल हैं। किसी एक नक़्शे में साईबिरिया को भी शामिल किया गया है! RSS का एक बंदा है, इन्द्रेश कुमार। आजकल वे RSS के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य मार्गदर्शक की हैसियत से काम कर रहे हैं। उन्होंने 2019 में ऐसा कहा था कि 2025 तक ऐसी स्थिति बन जाएगी कि भारत के हिंदु पाकिस्तान के लाहौर में ज़मीन खरीद पाएँगे और कैलास एवं ढाका भारत में शामिल हो जाएँगे। कुछ भी हुआ नहीं, यह 2026 चल रहा है।

याद नहीं होगा बहुत लोगों को , पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ आरपार की लड़ाई के नाम पर हमारी सेना सीमा पर भेज दी थी, फिर कुछ नहीं हुआ। करोड़ों रूपये का खर्च हुआ और सीमा पर से सेना वापस बुला ली गई क्योंकि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता था। फिर नरेन्द्र मोदी के समय में आपरेशन सिन्दूर हुआ और तीन दिन में ख़त्म हो गया।

हालाँकि एक गोदी मीडिया चैनल ने टीवी स्क्रीन पर भारत में लाहौर जीता जा चुका था। अखंड भारत मुंगेरीलाल के सपने जैसा है, एक बहुत बड़ा छलावा है। नक़्शे का नशा है। 36 नक़्शे हैं इसके, जो चाहे वह ले लो, हिन्दू राष्ट्र की दुकान खुली है। फिर घर की दीवार पर इसे चिपका कर जय श्री राम बोलते रहो।
Pro. Hemantkumar Shah

Pro. Hemantkumar Shah

प्रो शाह जाने-माने अर्थशास्त्री हैं और गुजरात में लंबे समय तक अध्यापन के बाद लेखन और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।