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यूपी में ओवैसी को झटका, चुनाव से पहले असीम वकार कांग्रेस में शामिल

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
यूपी में ओवैसी को झटका, चुनाव से पहले असीम वकार कांग्रेस में शामिल

असीम वकार के कांग्रेस में शमिल होने के फैसले से ओवैसी को बड़ा झटका लगा है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम वकार लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात की पहले से चर्चा थी कि उत्तर प्रदेश के चुनाव से पहले ही असदुद्दीन ओवैसी को को झटका लगने वाला है अब यह खबर पक्की हो गई है कि असीम वकार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं असीम वकार को कांग्रेस में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने निभाई


राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में चुनाव होने वाला है, इस संदर्भ में ओवैसी उत्तर प्रदेश में वोट काटने वाली पार्टी के रूप में जानी जा रही थी और उत्तर प्रदेश में ही AIMIM की सीटें जीतने की संभावना थी जिसे अब उनकी ही पार्टी के प्रवक्ता ने कांग्रेस में शामिल होकर धूमिल कर दिया हैअसीम वकार के कांग्रेस में शमिल होने के फैसले से ओवैसी को बड़ा झटका लगा है असीम वकार के कांग्रेस में शामिल होने से मुस्लिम वोट बैंक में असर देखने को मिल सकता है वकार एआईएमआईएम पार्टी में लगभग एक दशक तक रहे वहीं अब उन्होंने अपना रुख बदल लिया है और कांग्रेस में शामिल हो गए हैं

असीम वकार ने एआईएमआईएम पार्टी के प्रवक्ता के रूप में यूपी की राजनीति में खासा नाम कमाया था। संभव ही है पार्टी छोड़ने पर इसका असर उत्तर प्रदेश के AIMIM के सीटों पर पड़ सकता हैखबरों के मुताबिक असीम वकार एआईएमआईएम के उत्तर प्रदेश से जुड़े फैसलों से नाखुश थे वकार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी में शामिल होने से पहले समाजवादी पार्टी से 20 साल तक जुड़े हुए थे

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन में है वैसे दोनों पार्टियों में सीटों को लेकर औपचारिक बातचीत शुरु नहीं हुई है यह देखना दिलचस्प होगा कि उत्तर प्रदेश की सीटों में किसका दाव ज्यादा मजबूत होगा

अब AIMIM की आलोचना करते हुए असीम वकार ने कहा है,

भले ही शीर्ष नेतृत्व में भले ही पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विरोध करती हुई दिखाई दे, लेकिन असल में उसका संघर्ष कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ था।

आगे वकार कहते हैं

“भारत में देश से प्रेम करने वाले सभी लोगों का उद्देश्य भाजपा को सत्ता से हटाकर धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाना है। हालांकि, जब मैं एआईएमआईएम में था, तब शीर्ष नेतृत्व से भले ही ऐसा लगता था कि हम भाजपा से लड़ रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही थी; असल में लड़ाई कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ लड़ी जा रही थी।

काँग्रेस और समाजवादी पार्टी का उत्तर प्रदेश के विधानसभा में गठबंधन का लक्ष्य 2027 में फिर से चुनाव में जीत सुनिश्चित करना और अपना प्रभाव फिर से उत्तर प्रदेश में बहाल करना है उत्तरप्रदेश के 2022 के विधानसभा सीटों में काँग्रेस की 399 में 2 सीटें आई थी वहीं एआईएमआईएम एक भइओ सीट जीत पाने में नाकाम नहीं थी अब ये देखना होगा कि आसिम वकार के एआईएमआईएम से काँग्रेस में शमिल होने के बाद नतीजों में कितना अंतर देखने को मिलेगा क्योंकि भाजपा भी अपना खूब दमखम उत्तर प्रदेश के चुनाव जीतने में लगा रही है

अब जब समाजवादी पार्टी और काँग्रेस इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है तब ये फैसला कितना प्रभावकारी होगा ये आने वाले चुनाव के नतीजे ही बता पाएंगे

वकार ने कहा है कि

उनके AIMIM के फैसले से असहमत होने के बाद उन्होंने काँग्रेस में शमिल होने का फैसला किया वकार ने बंगाल ने नेता हुमायू कबीर का जिक्र किया किया, जिन पर उन्होंने भाजपा एजेंट होने का आरोप लगाया था स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देकर जिसमें आरोप लगाया गया था कहा कि कबीर को 1,100 करोड़ रुपये मिले थे। वकार ने कहा, "केंद्र में कांग्रेस सरकार बनने के बाद, हम इस बात की जांच करेंगे कि यह पैसा किसने दिया और कहां गया।"

फिलहाल उड़ती खबरों के बाद अब ये साफ हो गया है कि असीम वकार एआईएमआईएम से अब काँग्रेस में शमिल हो गए है वाकई ही उनका ये फैसला AIMIM और ओवसी के लिए उत्तर प्रदेश के चुनावों में कितना घातक होगा ये अगले साल के विधानसभा के चुनावों में मालूम पड़ेगा