ईरान-अमेरिका में फिर छिड़ी भीषण जंग, अमेरिकी हमले में 11 ईरानी नागरिकों की मौत
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले से अधिक विनाशकारी हमले की चेतावनी दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच कई हफ्तों की सबसे बड़ी सैन्य झड़प के बाद बुधवार को दोनों देश एक बार फिर जंग के मैदान में आ गए हैं । वॉशिंगटन ने पहले से भी अधिक विनाशकारी हमलों की चेतावनी दी है। वहीं, ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमले में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया, जिसमें 4 नागरिकों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। वहीं Times Of Israel के अनुसार, ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुज़ेस्तान प्रांत में अहवाज़ और अघाजारी शहरों के पास दो स्थानों को मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया, खुज़ेस्तान प्रांत में तीन स्थानों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों में 7 लोग मारे गए हैं।
ईरान ने दावा किया है कि उसके क्षेत्र पर अमेरिकी हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई। सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान में एक नए हमले के बाद यह जानकारी सामने आई है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने खुज़ेस्तान प्रांत के सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था मामलों के उप-गवर्नर के हवाले से कहा, “बीती रात प्रांत में तीन स्थानों पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमलों में सात लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए हैं।”
इससे पहले ईरानी रेड क्रिसेंट ने बताया था कि दक्षिणी सिरिक काउंटी में एक शादी समारोह पर हुए अमेरिकी हमले में एक बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए। हालांकि, मृतकों और घायलों के इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।
Reuters के अनुसार, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि मंगलवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों पर सिलसिलेवार हमले किए गए। इनमें वायु रक्षा केंद्र, रडार प्रणाली, समुद्री सैन्य संसाधन, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता वाले ठिकाने और संचार केंद्र शामिल थे।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार को देशभर में कई स्थानों पर हमले हुए। इनमें से कई ठिकाने होर्मुज़ के पास स्थित थे। ईरान इस संकरे समुद्री रास्ते से उसकी अनुमति के बिना गुजरने वाले तेल टैंकरों को लगातार चेतावनी देता रहा है।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने बहरीन पर भी हमले की खबर दी। IRGC ने दावा किया कि जॉर्डन में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, लेकिन दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि शुरुआती आकलन में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों से वायु रक्षा प्रणाली ने मुकाबला किया। इनमें से 10 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन मिसाइलें दूरदराज के इलाकों में गिरीं। बहरीन ने भी बताया कि ईरानी ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया।
IRGC ने यह भी दावा किया कि उसकी जमीनी सेना ने उत्तरी इराक के एरबिल में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से संयुक्त हमला किया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। हालांकि, इराक या अमेरिका ने इस हमले और उससे हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
यह जुलाई के बाद पहली गंभीर सैन्य झड़प है। इसके साथ ही वह दौर समाप्त हो गया, जब दोनों पक्ष सीधे हमलों से बच रहे थे, लेकिन बातचीत की मेज पर लौटने की दिशा में भी कोई ठोस रुचि नहीं दिखा रहे थे।
यह अस्थायी शांति ऐसे समय में बनी थी, जब युद्ध दोनों देशों की क्षमताओं को कमजोर करता दिखाई दे रहा था। पहले से संकटग्रस्त ईरानी अर्थव्यवस्था को युद्ध से भारी नुकसान पहुंचा है और उसकी पारंपरिक सैन्य क्षमता भी काफी घट चुकी है। दूसरी ओर, नवंबर में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बढ़ती ईंधन कीमतों के दबाव का सामना कर रहे हैं। रॉयटर्स ने पिछले महीने बताया था कि अमेरिकी सेना अपने अत्यधिक सटीक लंबी दूरी के मिसाइल भंडार का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर चुकी है, जिससे भविष्य के संभावित संघर्षों के लिए उसकी सैन्य तैयारियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले मंगलवार को अमेरिकी समयानुसार दोपहर 12 बजे शुरू हुए। इसमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े “वायु रक्षा ठिकानों, रडार प्रणालियों, समुद्री संपत्तियों और सुविधाओं, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं तथा संचार ठिकानों” को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने मंगलवार शाम 6:33 बजे X पर पोस्ट कर बताया कि हमलों का यह चरण पूरा हो गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि,
अगर उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कोई कार्रवाई की, तो अमेरिका उससे भी अधिक गंभीर सैन्य कार्रवाई करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अभी “सबसे बड़े हमले” को रोककर बैठा है।
ट्रंप ने मंगलवार को Truth Social पर लिखा,
उन्हें फिर से कहीं अधिक कड़े और ऊंचे स्तर पर निशाना बनाया जाएगा। लेकिन यह सबसे बड़ा हमला नहीं होगा। वह हमला अभी इंतजार कर रहा है और जब वह खत्म होगा, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा बचा होगा।”
ईरान ने तुरंत “करारा” जवाब देने की धमकी दी। ईरान ने यह भी दावा किया कि,

अमेरिका के एक हमले में दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया, जिसमें एक छोटे बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो गई और करीब 50 लोग घायल हुए।
हमलों का यह नया दौर ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि अमेरिका सैन्य अभियान से दूर हटकर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाने की योजना बना रहा है। मंगलवार को उत्तरी कैरोलिना में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों की बैठक में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने भी इसी रणनीति की बात कही।
ट्रंप ने मंगलवार रात Truth Social पर लिखा,
“मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किसी बेकार समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं या नहीं। मुझे हमारी मौजूदा स्थिति कहीं बेहतर लगती है, जिसमें हॉर्मुज़ पर लगभग पूरा नियंत्रण हमारे पास है और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह ढह रही है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए दबाव नहीं डाल रहा हूं।”