नेपाल बाढ़: अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है
नेपाल में मलबों, सुरंगों से लोगों को निकालने की कोशिश जारी है ।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से कई लोगों की मौत हुई है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की ताजा खबर के अनुसार अब बाढ़ की चपेट में आने वाले मृतकों की संख्या 903 पहुँच गई है वहीं अब भी लगभग 4,247 लोगों के लापता होने की खबर आ रही है।
भीषण बाढ़ के बाद अब आज्ञात शवों को दफनाने का कार्य शुरू हो गया है। चितवन के जंगल में शवों को दफन करने के लिए कब्र तैयार की जा रही है। विभिन्न देश आपदा के वक्त में नेपाल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। भारत ने भी अपनी तरफ से नेपाल के लिए मदद भेजी है। दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार भारत ने फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें भेजी हैं। साथ ही भारत ने 10 टन मानवीय सहायता के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और सुरंग बचाव टीम भी भेजीं है। विदेश मंत्रालय के अनुसार फोरेंसिक टीम काठमांडू पहुँच कर काम शुरू कर चुकी है। इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने एंडी बर्नहम ने 50 लाख पाउंड की मदद का ऐलान किया है और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 20 लाख यूरो की तत्काल मानवीय सहायता देने की घोषणा की है । अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। कनाडा की विदेश मंत्री ने अनिता आनंद ने 50 लाख कनाडाई डॉलर की मदद का ऐलान किया है। चीन के राजदूत के मुताबिक भी आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है,
इस भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का आंकड़ा अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। इस भारी विपदा के बीच कई देशों ने नेपाल के लिए आर्थिक और मानवीय मदद का ऐलान किया है। विभिन्न देश रेस्क्यू मिशन के लिए अपनी सेनाएँ भेजना कहते हैं किन्तु नेपाल अब मदद लेने में संकोच कर रहा है। नेपाल को डर है कि 2015 में हुई घटना दुबारा न हो जाए। 2015 में 7.8 की तीव्रता का भूकंप आया था जिससे अनेक जानें गई थी विभिन्न देशों से उस वक्त 'सर्च-एंड-रेस्क्यू टीमें नेपाल पहुँची थी उस समय हवाई अड्डे से लेकर आपदा के इलाके तक भारी भीड़ हो गई थी साथ ही नेपाल के संवेदनशील इलाकों में विदेशी सेनाएँ घूम रही थी और भारतीय मीडिया की एकतरफा कवरेज से भी नाराजगी थी।
तो सवाल ये आता है नेपाल अकेले इतने लापता लोगों को कैसे ढूंढ पाएगा?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने सोमवार को सुबह 9 बजे जारी अपने खोज, बचाव और राहत संबंधी अपडेट में बताया कि बाढ़ प्रभावित कई जिलों से मानव अवशेषों सहित 903 शव बरामद किए गए हैं। गुजरते दिन के साथ मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। विभिन्न जिलों से शव बरामद होने की खबर आ रही है जिनमें चितवन से 272, परासी से 151,नवलपुर 207, तनहु 37, गोरखा 62, धादिंग 55, रसुआ 24, नुआकोट से 95 है। शवों को दफनाया जा रहा है क्योंकि लंबे समय तक पानी में रहने से शव खराब होते जा रहे है जिससे शवों की पहचान करने में समस्या हो रही है। साथ ही प्रशासन शवों की पहचान करने के लिए पहचान नंबर जारी कर रहा है जिससे DNA की जांच से शवों को पहचान कर परिजनों को सौंपा जा सकता है।
बाढ़ के कारण हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फँसे लोगों को निकालने का कार्य जारी है। त्रिशूली-3A समेत कई प्रोजेक्ट्स की सुरंगों के मुहाने पर जमा मलबा और कीचड़ हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश की जा रही है। बचाव कार्य में नेपाल की सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के भी विशेषज्ञ शमिल हैं सुरक्षा बल सुरंगों के अंदर जाकर दबे लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। प्रभावित जिलों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं और 20,819 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इस बल में नेपाली सेना के 8,722 जवान, नेपाल पुलिस के 7,894 जवान और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं।
नवभारत टाइम्स की खबरों के मुताबिक नेपाल ने 3 महीने पहले ही तिब्बत से आने वाली संभावित तबाही को लेकर चीन से जानकारी शेयर करने की मदद मांगी थी। खबर को लेकर खुलासा हुआ है कि नेपाल-चीन बॉर्डर के पास हिमालय की एक घाटी में पानी, कीचड़ और चट्टानों की एक विनाशकारी लहर के आने से तीन महीने पहले दोनों देशों के अधिकारी और एक्सपर्ट काठमांडू में मिले थे। बैठक के दौरान ही खतरों के विषय में चर्चा की गई थी जिससे तबाही आ सकती है।
नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक अब तक 10,451 लोगों को बचाया जा चुका है बचाव कार्य में हवाई अभियानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है खबरों के मुताबिक 411 हेलीकॉप्टर उड़ानें भरी जा चुकी हैं (जिनमें आज की 17 उड़ानें शामिल हैं)। नेपाली सेना द्वारा किए गए हवाई बचाव कार्यों में 3,344 नेपाली ,252 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें रविवार को एक जलविद्युत संयंत्र से निकाले गए 15 चीनी और 7 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ में पीड़ित शवों को सुरक्षित रखना इस वक्त प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई अज्ञात शवों को विभिन्न अस्पतालों में रखा गया है साथ ही अज्ञात शवों से संबंधित जानकारी नेपाल पुलिस द्वारा आपदा पोर्टल और नेपाल आपदा प्रबंधन एजेंसी (एनडीआरआरएमए) के आधिकारिक फेसबुक पेज पर उपलब्ध कराई जा रही है।