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अमेरिकी हमले का ईरान ने दिया करारा जवाब, खाड़ी में फिर होगी जंग की शुरुआत

Md. Tousif Md. Tousif | 1h ago · 5 min read
अमेरिकी हमले का ईरान ने दिया करारा जवाब, खाड़ी में फिर होगी जंग की शुरुआत

ईरान और अमेरिका ने रविवार रात से सोमवार तड़के तक एक-दूसरे पर हमले किए।

अमेरिका ईरान के बीच युद्ध शुरू हुए छह महीने से ज्यादा बीत चुके हैं इस बीच सीजफायर और शांति वार्ता के कई प्रयास हुए लेकिन इसपर फिलहाल कोई समझौता होता दिख नहीं रहा है। इसी बीच रविवार की रात एक बार फिर से अमेरिकी सेना ने ईरान पर करीब एक महीने बाद हमला किया है। अमेरिकी सेना द्वारा इस बार के हमले में ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया।

एक महीने से अधिक समय में पहली बार ईरान और अमेरिका ने रविवार रात से सोमवार तड़के तक एक-दूसरे पर हमले किए। इस जवाबी कार्रवाई से कई हफ्तों की सैन्य शांति के बाद विनाशकारी संघर्ष के दोबारा भड़कने का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। यह कार्रवाई ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर अमेरिकी हमले के जवाब में की गई।

अमेरिका का दावा है कि इन लॉन्चरों से समुद्री बारूदी सुरंगों को होर्मुज में पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। होर्मुज एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है, जो क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक प्रयासों का केंद्र बन चुका है।

AL MAYADEEN की एक रिपोर्ट के मुताबिक लारक द्वीप स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के पास बेहद स्ट्रेटेजिक पॉइंट पर स्थित है। यह होर्मुज के सबसे संकरे वाले हिस्से के करीब है और उन समुद्री मार्गों के पास है, जिनका इस्तेमाल कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए होता है। इस वजह से यह क्षेत्र निगरानी और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए लारक द्वीप पर हुआ ताजा हमला ईरान के दक्षिणी इलाकों और उसकी रणनीतिक सैन्य एवं समुद्री अवसंरचना पर लगातार बढ़ते सैन्य दबाव की पृष्ठभूमि में हुआ है।


अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के जवान यहां से होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। ईरानी सेना के अनुसार अमेरिकी हमले में कई सैनिक और नागरिकों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए हैं।


अमेरिकी हमले के कुछ ही घंटे बाद ईरान ने जवाबी हमले में जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। ईरानी मीडिया के मुताबिक जोर्डन में मौजूद किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के तकनीकी एवं रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों की पोजिशन को निशाना बनाया गया। हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट ने जॉर्डन के हवाले से बताया की उसने ईरान के तरफ से आनेवाली सारी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया था। ईरानी सेना ने दावा किया है कि UAE पर ड्रोन से हमला किया है, हमले में UAE के अल मिनहाद में उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां हेलीकॉप्टर और अमेरिकी सैनिक तैनात थे। AL ARABIYA के मुताबिक UAE के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में बताया गया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आनेवाले कई ड्रोन का सामना किया है जो UAE जल क्षेत्र में थे।

इसके अलावा IRGC ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के ऊपर एक और अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन को मार गिराया है। Anadolu Agency ने ईरानी मीडिया के हवाले से बताया कि इस ड्रोन को मिसाइल से निशाना बनाया गया और वह फारस की खाड़ी में जा गिरा। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन आज सुबह तेहरान से किर्गिस्तान के लिए रवाना हुए यहाँ वे बिश्केक में आयोजित होनेवाले SCO समिट में हिस्सा लेंगे, दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने एक बयान में कहा कि- ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उसपर हुए किसी भी हमले के सामने वह कभी चुप नहीं बैठेगा और हर हमले का निर्णायक जवाब देगा।

अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में स्थित ईरान के एक द्वीप पर हमला करने और इसके जवाब में तेहरान की ओर से की गई कार्रवाई के बाद आज अन्तराष्ट्रिय बाजार में तेल की कीमतों में 2% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। REUTERS के मुताबिक ब्रेंट क्रूड के भाव में 2.21 डॉलर यानी 2.51% की बढ़ोतरी हुई और यह 90.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड की कीमत 1.83 डॉलर यानी 2.19% बढ़कर 85.23 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

इस हमले से ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित संदेश जारी किया जिसमें मुस्लिम देशों, खासकर खाड़ी देशों से एकजुट होने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के बीच मतभेद उनके विरोधियों के हित में हैं। उनका यह संदेश पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर मनाए जाने वाले इस्लामिक यूनिटी वीक के लिए उनके आधिकारिक टेलीग्राम अकाउंट पर जारी किया गया।

इस बयान में उन्होंने मुस्लिम देशों से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और आपसी रक्षा मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में मुस्लिमों के बीच विभाजन पैदा करता है, वह इस्लाम के दुश्मनों की मदद करता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर मुस्लिम देश एकजुट होते, तो क्या फिलिस्तीनियों को इस तरह “बेबस” छोड़ दिया जाता? मुस्लिम एकता की उनकी यह अपील शुक्रवार को ईरानी जनता के लिए दिए गए उनके संदेश के मुताबिक ही है, जिसमें उन्होंने सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने और ऐसे बयानों से बचने की अपील की थी, जो जनता का मनोबल कमजोर कर सकते हैं।


खामेनेई ने मुस्लिम देशों के शासकों से कहा,

“मेरी जोरदार और बार-बार की सलाह है कि खासकर पश्चिम एशिया और खाड़ी के देश अपने वास्तविक दुश्मन की पहचान करें, उसकी योजना को समझें और उसका मुकाबला करें।”
Md. Tousif

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मोहम्मद तौसिफ़ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर नजर रखते हैं और ‘द क्रेडिबल हिस्ट्री’ में रिसर्चर के रूप में कार्यरत हैं।