पंजाब नेशनल बैंक में कैसे पहुँचे 17 करोड़ के जाली नोट?
सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से करीब 17 करोड़ रुपये का जाली नोट मिला है।
याद है आपको। अगर याद नहीं है तो यह याद दिलाना जरूरी है कि जब 2016 में नोटबंदी किया गया था तो इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया था कि यह देश में चल रहे जाली नोट के अवैध कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक है। लेकिन न तो जाली नोटों का अवैध कारोबार बंद हुआ और न ही इससे आतंकवाद खत्म हुआ। अब यूपी से एक खबर आ रही है सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से करीब 17 करोड़ रुपये का जाली नोट मिला है।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच में शक है कि करेंसी चेस्ट में नकली नोट जमा कराए गए और उनके बदले असली नोट निकाल लिए गए। मामले में तीन बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर बैंक प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। पुलिस ने जांच के लिए SIT गठित की है, जबकि बैंक मुख्यालय की टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है। जिन बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और करेंसी चेस्ट खेरा बाजार जगाधरी के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं। पीएनबी के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की ओर से कोतवाली सदर बाजार में तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद बैंक ने यह कार्रवाई की। करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां व्यवस्थित करने वाले पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को भी काम से हटा दिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि करेंसी चेस्ट तक इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट आखिर पहुंचा कैसे। मामले की शुरुआती जांच में करेंसी चेस्ट से 148 बंडल जाली नोट बरामद हुए थे। हर बंडल में 500 रुपये के एक हजार नोट थे। इस हिसाब से पहले करीब 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट सामने आए थे। जांच आगे बढ़ने के साथ जाली नोटों की कुल रकम बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये पहुंच गई। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जाली नोटों को करेंसी चेस्ट में किस तरह जमा कराया गया और उनके बदले असली नोट किस तरीके से बाहर निकाली गई।
करेंसी चेस्ट की CCTV फुटेज में हाउसकीपर विशाल कुमार गड्डियों से नोट निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी उसी के पास थी। फुटेज और दूसरे रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच आगे बढ़ने पर कुछ और बैंक अधिकारियों और शाखा प्रबंधकों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें हरियाणा, उत्तराखंड और आसपास के जिलों में दबिश दे रही हैं। दो नामजद बैंक प्रबंधकों के यमुनानगर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में शामिल दूसरे लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
जब बैंकों में सुरक्षा इतनी कड़ी होती है तब ये चूक हुई कैसे? और कौन लोग थे जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। खबर में बताया जा रहा है कि पुलिस ने सदर पुलिस स्टेशन में पीएनबी के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। दर्ज मामले के मुताबिक FIR में वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार एवं करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील शर्मा और अमित कुमार को मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया है।
PNB के मुख्य उप प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक,
बैंक में धोकाधड़ी की खबर तब सामने आई जब 10 अगस्त को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भेजी गई नगदी में 4.36 लाख रुपए की कमी पाई गई जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कराए गए ऑडिट में जाली नोटों के मिलने की खबर आई।
निशा सिंह ने कहा,
“जांच जारी है और एक बार जब हमारे पास सभी संबंधित पक्षों के खिलाफ पूर्ण विवरण और सबूत या जाएंगे तो निष्कर्ष सार्वजनिक कर दिए जाएंगे”।
साथ ही बैंक में ही 'स्पष्ट रूप से नगदी की कमी' के संदर्भ में हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ अलग से रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा जानकारी देते हुए निशा सिंह ने कहा नकली नोटों की गिनती जारी है और अंतिम संख्या का सत्यापन किया जा रहा है।
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक ने धोखाधड़ी के विषय में एसआईटी के गठन की जाने की खबर दी है और साथ ही कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की खबर दी है नोट की गिनती जारी है उन्होंने कहा है जांच के बाद मुद्रा को बरामद किया जाएगा।
पुलिस अधिकारी बैंक लेनदेन रिकार्ड, लेखा बहीखाता और मुद्रा भंडार से सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं जिससे ये पता लगाने में आसानी होगी की नोटों की बदली कैसे हुई और साथ ही हेराफेरी में शामिल लोगों की पड़ताल की जा सके। आए दिन खबरों में धोखाधड़ी की खबर सामने आती है कहीं बैंक में लूट तो कहीं चोरी, डकैती की खबर आम होती जा रही है। नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार ही SBI का कैशियर 20 किलो सोना और 1.1 करोड़ की नगदी चुराकर भाग गया।