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सेहत से खिलवाड़, महाराष्ट्र में डिटर्जेंट पाउडर से बना 2.3 करोड़ लीटर मिलावटी दूध बाजार में बेचा

TCN Desk TCN Desk | 14 Jul, 2026 · 3 min read
सेहत से खिलवाड़, महाराष्ट्र में  डिटर्जेंट पाउडर से बना 2.3 करोड़ लीटर मिलावटी दूध बाजार में बेचा

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के भूम तालुका में दूध में बड़े पैमाने पर मिलावट का मामला सामने आया है।

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के भूम तालुका में दूध में बड़े पैमाने पर मिलावट का मामला सामने आया है। पुलिस और फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

मिलावटी दूध को असली जैसा दिखाने और उसमें वसा (फैट) का स्तर बनाए रखने के लिए आरोपी कथित तौर पर डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और बेहद घटिया क्वालिटी के केमिकल पाउडर का इस्तेमाल कर रहे थे।

इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, केस दर्ज होने के आठ दिन बाद भी सभी आरोपी फरार हैं। ज़ब्त बिक्री रजिस्टरों की जांच में पता चला कि पिछले छह महीनों में मिलावट के लिए करीब 2,30,470 किलोग्राम घटिया क्वालिटी के मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया गया। इससे लगभग 23,04,070 लीटर सिंथेटिक (नकली) दूध तैयार किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 9 करोड़ 21 लाख 62 हजार 800 रुपये बताई गई है।

जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि आरोपी हर 100 लीटर असली दूध में 10 लीटर मिलावटी दूध मिलाते थे। इसी आधार पर अधिकारियों को आशंका है कि भूम क्षेत्र के दूध कलेक्शन सेंटरों से महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में 2.3 करोड़ (23 मिलियन) लीटर से अधिक मिलावटी दूध की सप्लाई की गई हो सकती है।

आरोपियों और मिलावटी सामग्री के नेटवर्क का पता लगाने के लिए एक पुलिस निरीक्षक की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। टीम लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डिटर्जेंट और पाम ऑयल जैसे रसायनों से तैयार इस मिलावटी दूध का लगातार सेवन यकृत (लिवर), गुर्दे (किडनी) और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकता है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दूध में इस तरह की खतरनाक मिलावट के दोषियों को 10 लाख रुपये तक के जुर्माने और आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा का प्रावधान है। भूम के पुलिस इंस्पेक्टर श्रीगणेश कनागुडे के अनुसार, “छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मिलावटी दूध पाउडर के 61 बोरे जब्त किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बालासाहेब गोडगे भूम क्षेत्र की कई डेयरी इकाइयों को मिलावटी दूध बनाने के लिए यह पाउडर सप्लाई कर रहा था। जांच में कई दूध संग्रहण केंद्रों की संलिप्तता भी सामने आई है। हालांकि, पाउडर से बने हजारों लीटर मिलावटी दूध को खरीदने वालों की अभी तक पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह पूरा रैकेट पशु आहार बेचने की आड़ में संचालित किया जा रहा था। भूम तालुका प्रतिदिन लाखों लीटर दूध की सप्लाई करता है और यहां 70 से 80 टन खोया का उत्पादन होता है, इसलिए इस मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।”