मैं पहली बार किसी नेता के प्रोग्राम में गया था और राहुल गांधी ने इतिहास रच दिया
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूज' कार्यक्रम में शामिल एक छात्र की Ground Zero से रिपोर्ट
जीवन में पहली बार मैं किसी नेता के कार्यक्रम में शामिल हुआ हूँ और वो भी इसीलिए क्योंकि मुद्दा हम छात्रों से और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ा हुआ था।
मैं मूल रूप से बिहार राज्य का निवासी हूँ और प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र हूँ। साथ ही मैं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता हूँ, इस साल जून महीने में जब नीट पेपर लीक के कारण छात्रों का आंदोलन पूरे उबाल पर था तभी कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की थी कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी देश के विभिन्न शहरों में "छात्रों की गूँज" कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों के साथ सीधा संवाद करेंगे। इस कड़ी की शुरुआत हुई कोटा से हुई और फिर अगला कार्यक्रम हुआ देहरादून में। फिर घोषणा हुई कि तीसरा कार्यक्रम प्रयागराज में होगा।
यकीन मानिए जब से ये घोषणा हुई तब से ही यहाँ के छात्रों में इस संवाद कार्यक्रम को लेकर बड़े स्तर पर उत्साह देखा जाने लगा। सभी आपस में चर्चा करने लगे थे कि पहली बार इस तरह का कोई कार्यक्रम होने जा रहा है जिसका एकमात्र उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर बात करना है और इस वजह से बड़ी संख्या में छात्रों की दिलचस्पी इस कार्यक्रम के प्रति बढ़ती जा रही थी। चाहे वो विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र हों या विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कोचिंग के छात्र हों, सबके अंदर इस कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी।
कार्यक्रम के लिए दिन तय हुआ 8 अगस्त 2026 और आयोजन स्थल बना प्रयागराज के जार्ज टाउन में स्थित केपी मैदान। कार्यक्रम को लेकर पूरे शहर में प्रचार प्रसार का कार्यक्रम वृहद स्तर पर शुरू हो चुका था। कांग्रेस छात्र संगठन NSUI से जुड़े लोग शहर के हर हिस्से में छात्रों के साथ संपर्क साधने में जुट गए और पूरे शहर में इस कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई।
कार्यक्रम से 2 या 3 दिन पहले खबर आई कि केपी ग्राउंड की बुकिंग कैंसिल कर दी गई है और कार्यक्रम के आयोजन को लेकर संकट के बादल मंडराने लगे थे लेकिन आयोजन से जुड़े कांग्रेस के लोगों ने दृढ़ता से कहा कि कार्यक्रम तय समय पर तय स्थल पर ही होगा और बाद में इस कार्यक्रम को लेकर पुनः मैदान की मंजूरी मिल गई और उसके बाद तो मानो कार्यक्रम को लेकर छात्रों की ऊर्जा दोगुनी हो गई क्योंकि जिस मजबूती से आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम तो होकर ही रहेगा इससे छात्रों की उम्मीदों को बल मिला और जब नेतृत्वकर्ता मजबूत होता है तो उसके पीछे समर्थन करने वालों का सैलाब स्वतः चल पड़ता है।
अब 8 अगस्त का दिन आ गया था और साथ ही शहर में लगातार 2-3 दिन से बारिश भी काफी हो गई थी जिसके कारण मैदान की हालत भी ठीक नहीं थी लेकिन आयोजन करने वालों में युद्ध स्तर पर तैयारी की और मैदान को कार्यक्रम के लायक बनाया।
दोपहर का समय था राहुल शहर में आ चुके थे और अपने पूर्वजों की धरोहर आनंद भवन में मौजूद थे और दूसरी तरफ बड़ी संख्या में शहर के अलग-अलग रास्तों से युवाओं का हुजूम कार्यक्रम स्थल की ओर चल पड़ा था। पांच बजे से कार्यक्रम की आधिकारिक शुरूआत होने की घोषणा थी लेकिन साढ़े तीन बजे तक मैदान आधा से ज्यादा भर चुका था और लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी था। चूंकि ये कार्यक्रम विशेषकर युवाओं और छात्रों के लिए था तो कार्यक्रम की रूपरेखा भी उनके अनुरूप ही तय की गई थी और उनके जनरेशन के दो लोकप्रिय कलाकारों द्वारा एक छोटा सा म्यूजिक कंसर्ट भी हुआ जिसने वहां मौजूद तमाम छात्रों को एक खुशनुमा वातावरण का एहसास करवाया। कुछ समय तक सभी छात्रों ने गीत संगीत का आनंद उठाया और फिर
धीरे धीरे पूरा मैदान भर चुका था यहाँ तक कि आसपास के बिल्डिंग के छतों पर भी लोग भर चुके थे और कार्यक्रम स्थल पर कुछ हिस्सों में कीचड़ होने के बावजूद भी लोग कीचड़ में भी चलते हुए मैदान में जा रहे थे और कुछ उत्साही छात्र तो कार्यक्रम के आयोजन के लिए मैदान में लगे ट्रकों की छतों पे चढ़कर कार्यक्रम देख रहे थे।
और फिर आया वह पल जिसके लिए सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंच पर आ चुके थे, मंच पर आते ही भीड़ ने उनका जोरदार अभिवादन किया। पूरा मैदान शोर से गूंज उठा था। राहुल जी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि,
ये शहर मेरे परिवार का घर हुआ करता था साथ ही उन्होंने प्रयागराज को ज्ञान का केंद्र का कहा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बारे में उन्होंने कहा कि एक समय पर यह देश के सबसे अच्छे यूनिवर्सिटी में से एक हुआ करता था।
आगे बात करते हुए उन्होंने डेटा और दौलत की बात की और उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों को समझाया कि किस प्रकार सिस्टम के चक्रव्यूह ने युवाओं को उलझाया हुआ है। उन्होंने रील को आज के युग का नशा बताया और पेपर लीक और भर्तियों में हो रही अनियमितताओं पर बात की।
उन्होंने मंच पर विभिन्न जगहों से आए छात्रों को बुलाकर उनको बोलने का पूरा मौका दिया,
कार्यक्रम का एक दिल को छूने वाला पल तब आया जब एक छात्र बोलते-बोलते थोड़ा हिचकिचा रहा था तो राहुल ने एक बड़े भाई की तरह उसका हौसला बढ़ाया।
उनके साथ संवाद करने वाले छात्रों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े छात्र थे कुछ कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र थे कुछ शिक्षक भर्ती से जुड़े हुए तो कुछ सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले। सबसे खास बात यह थी कि राहुल जी ने सभी को अपनी बात रखने का पूरा समय दिया और बिना किसी दवाब और बिना किसी टाइम लिमिट के छात्रों ने खुलकर विस्तृत रूप से अपनी समस्याओं को मंच पर उठाया और राहुल भी गंभीरता से उनकी बात सुन रहे थे। फिर राहुल ने अंत में युवाओं से कहा कि हमें किसी के साथ भी नफ़रत नहीं करनी है हम सबको मुहब्बत के साथ अपनी आवाज उठानी है।
राहुल जी का भाषण काफी शानदार रहा उन्होंने AI की बात की, शिक्षा, बेरोजगारी, जेन जी, डेटा इकोनॉमी, अकाउंटेबिलिटी, पारदर्शिता, इंडस्ट्रीज और तमाम प्रमुख मुद्दे जो छात्रों से सीधा जुड़ा हुआ है सभी को अपने भाषण में शामिल किया। उन्होंने युवा शक्ति पर बल देते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति के सामने अमेरिका और चीन भी कुछ नहीं है बस युवाओं को सही अवसर और मौका मिलने की देर है।
छात्रों ने उनकी बातों को काफी गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के बाद जब भीड़ निकल रही थी तब सभी आपस में उनके शानदार भाषण की चर्चा कर रहे थे। कार्यक्रम में आने वाले छात्र स्वतः आए थे और बहुत से ऐसे लोग भी थे जो कह रहे थे कि हम पहले कांग्रेस को पसंद नहीं करते थे लेकिन इस बार जिस तरह से राहुल गांधी इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं उससे प्रभावित होकर हम सभा में शामिल होने आए हैं।
सभा स्थल से निकलते हुए मैने भीड़ का जो माहौल महसूस किया वो अलग ही लेवल का था, सभी लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि राहुल गांधी हाल के दिनों में युवाओं की सबसे प्रमुख आवाज़ बन गए हैं और लोग यह भी कह रहे थे कि एक मौका राहुल को भी मिलना चाहिए।
कुल मिलाकर मेरा अनुभव बहुत ही शानदार रहा, मैं पहली बार इतने बड़े कार्यक्रम में शामिल हुआ था और प्रयागराज के इस कार्यक्रम ने तो मानो इतिहास रच दिया, क्या ज़बरदस्त भीड़ थी और क्या ही अद्भुत दृश्य था।
Atul Chaudhary
अतुल चौधरी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र से एमए कर रहे हैं और साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं।