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भजन क्लबिंग के लिए समय, जवाब देने के लिए नही : पीएम मोदी पर कांग्रेस ने दागे सवाल

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
भजन क्लबिंग के लिए समय, जवाब देने के लिए नही : पीएम मोदी पर कांग्रेस ने दागे सवाल

कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली में ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाए हैं।

कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली में ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के पास ऐसे आयोजनों के लिए समय है, लेकिन चुनाव आयोग से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के लिए समय नहीं है।

खड़गे ने शनिवार को एक्स पर लिखा,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ‘भजन क्लबिंग’ के लिए समय है, लेकिन चुनाव आयोग के जरिए लोकतंत्र पर हो रहे हमले जैसे गंभीर सवालों का जवाब देने के लिए समय नहीं है।


उन्होंने आगे कहा कि,

बीते 13 वर्षों से एक ही ढर्रा देखने को मिला है- सरकार के सामने मुश्किल सवाल आते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी उनका जवाब नहीं देते। खरगे के मुताबिक, प्रधानमंत्री समारोहों में मौजूद रहते हैं, लेकिन जवाबदेही के सवालों पर चुप्पी साध लेते हैं।

भाजपा ने खड़गे के बयान को भजन और भक्ति की परंपरा का अपमान बताया। पार्टी प्रवक्ता सीआर केसवन ने खरगे की पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक विरासत का मजाक उड़ा रही है।

यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ जब चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किए। इसी बीच, दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में पुलिसकर्मी बनकर आए तीन लोगों पर एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद महिला सुरक्षा को लेकर भी विरोध प्रदर्शन हुए। बुधवार को लेडी श्रीराम कॉलेज समेत अन्य संस्थानों के सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया। घटना के बाद कॉलेज ने कुछ समय के लिए कक्षाएं ऑनलाइन कर दी थीं। इन घटनाओं के बीच युवाओं खासकर जेन-जी को केंद्र में रखकर आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ में प्रधानमंत्री की मौजूदगी सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।

बता दें कि कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। The Indian Express की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर दर्ज आपत्तियां जताई थीं। उनका कहना था कि ये फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 में बदलाव और मतदाता सूची के डेटाबेस पर नियंत्रण को केंद्रीकृत करने जैसे मुद्दे शामिल थे।

चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानी, उनके कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर समेत कई राज्यों में प्रदर्शन किए हैं। अन्य विपक्षी दलों ने भी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह कानूनी रूप से वैध हैं। आयोग के अनुसार, किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय सामने आना सामान्य बात है।

गौरतलब है कि,

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय के सामने आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह आयोजन दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर हुआ था। ‘भजन क्लबिंग’ में युवा कॉन्सर्ट जैसे माहौल में भजन गाते, तालियां बजाते और नृत्य करते हैं। इस मौके पर पीएम मोदी शुक्रवार रात युवाओं के साथ भजनों की धुन पर ताली बजाते और खंजरी बजाते दिखे।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। शनिवार को उन्होंने अलग-अलग कोणों से शूट किए गए दो और वीडियो पोस्ट किए। इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के साथ उन्होंने पूछा, “क्या इसे देखते हुए आपके पैर भी थिरके?” भाजपा ने इस आयोजन को संस्कृति, भक्ति और नई ऊर्जा का संगम बताया।


हालांकि, प्रधानमंत्री की पोस्ट पर कुछ लोगों ने कार्यक्रम के समय को लेकर सवाल उठाए।


कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मोदी की पोस्ट के जवाब में दक्षिण दिल्ली के एक पार्क में 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म की खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया और केवल एक शब्द लिखा—“प्राथमिकताएं”।

पोस्ट पर दिख रहे आंकड़ों के अनुसार, उनकी टिप्पणी को 11 हजार से अधिक लाइक मिले।

सोशल मीडिया पर अन्य लोगों ने भी व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं। वहीं, कुछ उपयोगकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि ‘भजन क्लबिंग’ युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है और आधुनिक अंदाज में भक्ति से जुड़ने का माध्यम है। मोदी भी इस चलन को भक्ति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और आधुनिकता का मेल बता चुके हैं।