झारखंड में मुसलमानों का वोट काटने के लिए BLO को धमका रहे हैं BJP के एजेंट
जिन नामों को हटाने की धमकी बीएलओ को दी गई है उनमें सभी नाम मुस्लिम समुदाय के वोटरों की है।
झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। गोड्डा जिले से खबर आ रही है कि वहां भाजपा के एजेंट बीएलओ को मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने के लिए धमकी दे रहे हैं और भाजपा के एजेंट बड़ी संख्या में फार्म- 7 लेकर पहुंच रहे हैं।
झारखंड के गोड्डा जिले के कुछ मतदान केंद्रों पर पिछले एक महीने से मतदाताओं के नामों को लेकर एक खास पैटर्न सामने आया है। राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 5 अगस्त को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) बड़ी संख्या में फॉर्म-7 लेकर पहुंच रहे हैं और मसौदा सूची में शामिल मतदाताओं के नाम हटाने की मांग कर रहे हैं।
ऊपर बताए गए अधिकांश नाम मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं। जिन नामों को हटाने की धमकी बीएलओ को दी गई है उनमें सभी नाम मुस्लिम समुदाय के वोटरों की है। इनमें अब्दुल मन्नान खान, मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद शफीक, बीबी बसिलन, मोहम्मद असलम के नाम मुख्य रूप से शामिल है।
Indian Express की जांच में सामने आया है कि कम से कम चार मतदान केंद्रों के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने इन आवेदनों को संदिग्ध या प्रक्रियागत रूप से गलत बताते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया। BLO राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं और फिलहाल झारखंड में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार है।
भाजपा ने शिकायत की है कि BLO फॉर्म स्वीकार न करके गलती कर रहे हैं। इससे मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है और जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। मामला अब राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक पहुंच चुका है।
Indian Express ने उन कुछ मतदाताओं से संपर्क किया, जिनके नाम हटाने की मांग की गई थी। जांच में सामने आया कि उनके परिवार कई पीढ़ियों से गांव में रह रहे हैं। इनमें से कई मतदाताओं के नाम 2003 में हुए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में भी सत्यापित किए गए थे। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, इससे मौजूदा SIR में उनका नाम शामिल करना आसान होना चाहिए। गोड्डा के महेशटिकरी गांव के बूथ संख्या-9 पर भाजपा के एक BLA संजीव कुमार रोशन ने 25 मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 जमा किए। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने इनमें से आठ मतदाताओं से बात की। सभी ने आशंका जताई कि उनका मतदान का अधिकार छीना जा सकता है और वे सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं। पड़ोस के एक बूथ पर BLA लगभग 75 ऐसे फॉर्म लेकर पहुंचा। जब BLO ने उससे सवाल किए तो उसने, अपने ही स्वीकारोक्ति के अनुसार, सभी फॉर्म वहीं जला दिए।
इन मतदान केंद्रों वाले गोड्डा के बसंतराय प्रखंड के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) श्रीमन मरांडी ने बताया कि,
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के रूप में उन्हें चार बूथों—महेशटिकरी, पचुआ किता, लोचनी और बाघाकोल—से शिकायतें मिली हैं। क्षेत्र में सत्यापन के बाद जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। BLO को इन फॉर्मों पर कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि अधिकारियों को इनके स्रोत की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा, “वे (BLA) पहले एसडीओ या मुझे लिखित शिकायत देकर जांच कराने की मांग कर सकते थे। गोड्डा से राजद विधायक संजय प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने मरांडी से बात की है और उन्हें बताया गया है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
झारखंड में SIR की प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई थी। इसका मसौदा 5 अगस्त को प्रकाशित हुआ, जिसमें मतदाता सूची से करीब 16.48 प्रतिशत यानी लगभग 43 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। फिलहाल दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है, जो 4 सितंबर को समाप्त होगी।
बता दें कि फॉर्म-7 के माध्यम से किसी मतदाता का नाम अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट या भारतीय नागरिक न होने जैसे आधारों पर हटाने की मांग की जा सकती है।
महेशटिकरी की BLO अनीशा बानो ने बताया कि,
भाजपा का एक BLA उनके पास लगभग 25 फॉर्म लेकर आया था, जो “मूल” या आधिकारिक फॉर्म नहीं थे। BLA ने बताया कि ये फॉर्म उन मतदाताओं के लिए हैं जो गांव में नहीं रहते। उसने यह भी कहा कि बाद में 50 और फॉर्म लाए जाएंगे। सभी फॉर्म मुस्लिम मतदाताओं के नाम पर थे।”
बानो ने शुरुआत में 25 फॉर्म स्वीकार कर लिए थे। बाद में BDO मरांडी ने BLO को निर्देश दिया कि ये दस्तावेज आधिकारिक फॉर्म नहीं हैं, इसलिए इन्हें स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद उन्होंने बाकी फॉर्म लेने से इनकार कर दिया। बानो ने बताया कि जिन मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई थीं, उन सभी के नाम 2003 की मतदाता सूची से जुड़े हुए थे। पचुआ किता के BLO मुख्तार ने बताया कि एक BLA उनके पास लगभग 75 फॉर्म-7 लेकर आया था। ये फॉर्म प्रखंड कार्यालय से आधिकारिक रूप से प्राप्त फॉर्मों से अलग थे।
मुख्तार ने कहा,
BLA ने मुझसे पूछा कि यह फॉर्म किस काम के लिए है। उसने बताया कि उससे कहा गया था कि यह नाम जोड़ने वाला फॉर्म है। मैंने उसे समझाया कि इसके जरिए आपको इस बात का गवाह बनाया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाए। मुख्तार ने फॉर्म स्वीकार नहीं किए। उन्होंने बताया कि 75 फॉर्मों में लगभग सभी नाम मुस्लिम मतदाताओं के थे और इनमें से अधिकतर के नाम 2003 की सूची से जुड़े थे। सवाल किए जाने पर फॉर्म जमा करने आया BLA सभी फॉर्म जलाकर चला गया।
महेशटिकरी गांव के कई निवासियों ने बूथ संख्या-9 पर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए जाने को लेकर BDO मरांडी से शिकायत की है।
70 वर्षीय अब्दुल मन्नान खान भी शिकायतकर्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि,
उनका परिवार कई पीढ़ियों से गांव में रह रहा है और उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में भी मौजूद था। यही हमारा घर है और हम भी झारखंडी हैं। फिर हमारे नाम कैसे हटाए जा सकते हैं? BLO बानो ने भरोसा दिलाया है कि उनके नाम मतदाता सूची में बने रहेंगे। इसके बावजूद उन्हें डर है कि कहीं वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न हो जाएं।
गौरतलब है कि झारखंड के 2024 विधानसभा चुनाव में मंडल गोड्डा सीट से आरजेडी के संजय यादव से 20 हजार से अधिक वोटों से हार गए थे। आरजेडी, जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा है। इससे पहले 2020 के चुनाव में मंडल ने यादव को करीब 4,500 वोटों के मामूली अंतर से हराया था।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा कि,
गोड्डा के सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारी (एईआरओ) और उपायुक्त से बात की है और इसमें कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज की गई थीं और इन्हें “एक साथ बड़ी संख्या में भी जमा किया जा सकता है।अगर किसी बीएलए को लगता है कि कोई मतदाता एक से अधिक राज्यों में पंजीकृत है, तो वह आपत्ति दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा, “आपत्ति दर्ज कराने में कुछ भी गलत नहीं है। बीएलओ को फॉर्म खारिज नहीं करने चाहिए। “पहले आपको एईआरओ को सूचना देनी होगी। वे तय करेंगे कि आगे क्या किया जाना है। इसके बाद आप अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में सिफारिश दे सकते हैं।”
जेएमएम के स्थानीय प्रखंड अध्यक्ष सुल्तान अहमद ने इन फॉर्मों को “मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की भाजपा की साजिश” बताया। कांग्रेस महासचिव सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि पार्टी झारखंड में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर करीबी नजर रख रही है, ताकि फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने की किसी भी कोशिश की निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा, “हम चुनिंदा मतदाताओं के नाम निशाना बनाकर हटाने की किसी भी कोशिश की निंदा करते हैं।”
उड़ीसा और उत्तराखंड में भी मुसलमानों के वोट काटने को लेकर बीजेपी के एजेंट इसी तरह बीएलओ को धमकी दे रहे हैं। पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए हैं। Newslaundry की एक रिपोर्ट के अनुसार, “उत्तराखंड की झबरेड़ा विधानसभा सीट पर वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट पर दर्ज 1,657 आपत्तियों में आवेदक के तौर पर जिन 35 लोगों के नाम थे, उनका कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया। इन आपत्तियों में जिन वोटरों को निशाना बनाया गया, उनमें से ज़्यादातर मुस्लिम थे.
18 और 19 अगस्त को हरिद्वार जिला प्रशासन को दिए गए हलफनामों में इन 35 लोगों में से हर एक ने कहा कि किसी ‘अज्ञात व्यक्ति’ ने उनके नाम, एपिक नंबर और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके ‘फॉर्म 7’ के तहत आवेदन किया है।इन आवेदनों का इस्तेमाल वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए किया जाता है। दिलचस्प बात ये है कि इन 35 लोगों में से 31 भाजपा के बीएलए-2 हैं।
वहीं उड़ीसा में ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’ ने भद्रक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) द्वारा मुस्लिम मतदाताओं के नाम सामूहिक रूप से हटवाने के कथित गैरकानूनी प्रयास से जुड़े दस्तावेज हासिल किए हैं। हमने भाजपा एजेंटों सहित कई अलग-अलग सूत्रों से भी पुष्टि की कि ऐसा प्रयास किया गया है। भद्रक में पाया गया है कि कई भाजपा बीएलए ने सैकड़ों मुस्लिम मतदाताओं के नामों की समीक्षा कराने के लिए जिला प्रशासन के पास आवेदन दाखिल किए थे। भद्रक में मुस्लिम मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटवाने के इस प्रयास की पुष्टि न केवल दाखिल दस्तावेजों से हुई, बल्कि कुछ भाजपा एजेंटों से बातचीत के आधार पर भी हुई।