पुलिस और गुंडों ने की मोदी की माफ़ी बेअसर
रुचिका की मां ने कहा कि पुलिस की लगातार पूछताछ और ऑनलाइन धमकियों के कारण उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा।
पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने के आरोप में फंसी 15 साल की रुचिका सिंह की मां ने बताया कि पुलिस और मीडिया वालों की लगातार पूछताछ और दबाव के कारण उन्हें नोएडा में अपना किराए का घर छोड़ना पड़ा।
अंग्रेजी अखबार The Telegraph को रुचिका की मां ने बताया कि,
"मेरी बेटी के सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बावजूद, हर दिन पुलिस वालों, टीवी रिपोर्टरों और अजनबियों को अपने घर आते देखकर हम डरे हुए थे। डर के कारण हमें किराए का घर छोड़ना पड़ा।" उन्होंने कहा, "मोदी जी के यह कहने के बावजूद कि उन्होंने मेरी बेटी को माफ़ कर दिया है, पुलिस घर आती रही। अब हमने एक रिश्तेदार के घर में शरण ली है।" वह नोएडा में अपनी बेटी के साथ किराए के घर में रहती थीं, जो 10वीं कक्षा की छात्रा है।
रुचिका की मां और रिश्तेदारों का आरोप है कि दक्षिणपंथी इकोसिस्टम उसे परेशान कर रहा है। मेरी बेटी रुचिका को ऑनलाइन जान से मारने और रेप की धमकियां दे रहा है, जबकि उस लड़की ने वीडियो में सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी थी और मोदी ने भी माफ़ी का संदेश दिया था।
नोएडा पुलिस ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने के आरोप में लड़की के खिलाफ ज़ीरो FIR दर्ज की थी। यह मामला पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि एफआईआर कब वापस ली जाएगी।
जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने के लिए माफी मांगते हुए एक 15 साल की लड़की का भावुक वीडियो पोस्ट करने के कुछ दिनों बाद, एक्स पर उसकी दो तस्वीरें शेयर की जाने लगी। एक उसके माफी वाले वीडियो से ली गई तस्वीर और दूसरी जिसमें वह कैमरे के सामने अपशब्द कह रही थी। "AI" का इस्तेमाल करके उसकी उम्र का अंदाजा लगाने के लिए उसके चेहरे की बनावट का विश्लेषण किया गया और दावा किया गया कि यह मामला एक 25 साल की लड़की का है जो "हमदर्दी पाने के लिए" अपनी छोटी बहन का इस्तेमाल कर रही है। उसके चेहरे के हर हिस्से का विश्लेषण किया गया। पोस्ट में उसकी आँखों, कानों, दांतों और नाक की बनावट (नेज़ल ब्रिज) को ज़ूम करके दिखाया गया। जबकि उसकी कोई बहन नहीं है, न बड़ी और न ही छोटी। उस लड़की का सिर्फ एक छोटा भाई है, जो 12 साल का है।
The Print की एक रिपोर्ट के अनुसार, रुचिका के मां ने फोन पर कहा कि,
हर पल रेप, मर्डर और एसिड अटैक की ऑनलाइन धमकियों से परेशान होकर, 15 साल की रुचिका, उसकी विधवा माँ और छोटा भाई ग्रेटर नोएडा वाले अपने घर से रात के अंधेरे में चप्पल पहने ही निकल गए। उन्होंने किसी को नहीं बताया कि वे कहाँ जा रहे हैं। वह अपने जन्मदिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी और इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाली है, उसने पिछले 10 दिनों में न तो कोई किताब खोली है और न ही स्कूल गई है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दक्षिणपंथियों की भीड़ ने हमें हमारे घर से निकाल दिया है। उसने देश से माफी मांग ली है, अब और क्या बचा है? यह एक बच्ची है जिसने गलती की है, क्या हम उसका पूरा भविष्य बर्बाद कर देंगे? पिछले 5-10 दिनों में हमने बहुत बुरा वक़्त देखा है। हर कोई मेरे पास आ रहा है और एक माँ के तौर पर मुझसे सवाल कर रहा है कि मैंने उसकी परवरिश कैसे की है? क्या मैंने उसे गाली-गलौज करना सिखाया है?"
बता दें कि बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर देर रात एक वीडियो मैसेज में कहा कि जंतर-मंतर पर "कुछ शरारती युवाओं ने बहुत बुरी गालियाँ दीं", जिनमें से कुछ गालियाँ उन्हें और उनकी दिवंगत माँ को भी दी गई थीं।
पीएम मोदी ने कहा कि, "बेटियों" को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते देखना एक "कल्चरल शॉक " था। वह इन बच्चों को माफ करना चाहते हैं, क्योंकि "उन्हें सजा देने, अदालती कार्यवाही में घसीटने या समाज में परेशान करने से हालात नहीं बदलेंगे"।
रुचिका की मां ने बताया कि उनकी बेटी का जन्मदिन 1 अगस्त को था। ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न शुरू होने से पहले वह अपने दोस्तों और परिवार के साथ इसे मनाने के लिए बहुत उत्साहित थी। 23 जुलाई को उसने मुझे बताया था कि वह अपने जन्मदिन की शॉपिंग के लिए कनॉट प्लेस जा रही है। वह अपनी सहेलियों के साथ गई थी। जब वह विरोध प्रदर्शन वाली जगह के पास पहुँची, तो उसे अपनी उम्र के लोग दिखे, इसलिए वह भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गई...”माँ ने बताया कि उनकी बेटी ने एक वीडियो बाइट दी थी जिसमें उसने "अपमानजनक भाषा" का इस्तेमाल किया था।