डीयू ने छात्रों को जंतर-मंतर से दूर रहने का दिया आदेश, राहुल ने कहा, हिम्मत कैसे हुई
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों को जंतर-मंतर आंदोलन से दूर रहने का आदेश दिया है।
आईआईटी रुड़की और दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों और स्टाफ को NEET पेपर लीक के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल न होने की सलाह देने के कुछ दिनों बाद, दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने भी शुक्रवार को ऐसी ही सलाह जारी की। यूनिवर्सिटी ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और ज़िम्मेदार व्यवहार पर जोर दिया और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की इस एडवाइजरी नेता विपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते लिखा है कि
हाऊ डेयर यू... "छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह ठहराए जाएंगे।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने छात्रों और फैकल्टी से "जंतर-मंतर से दूर रहने" को कहा है, जहां बड़ी संख्या में छात्र नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
गुरुवार, 23 जुलाई को X पर एक पोस्ट में, यूनिवर्सिटी ने छात्रों को विरोध स्थल पर प्रदर्शनों में भाग न लेने की सलाह दी। इसके पीछे छात्रों की सुरक्षा, कानूनी नतीजों और पढ़ाई-लिखाई पर असर पड़ने जैसी चिंताओं का हवाला दिया गया।
बता दें कि यह सब तब हो रहा है जब जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करने, परीक्षा में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी ने अपनी पोस्ट में कहा कि
जंतर-मंतर पर कोई भी गैर-कानूनी जमावड़ा या प्रदर्शन - जो भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित है - कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।" यूनिवर्सिटी ने आगे कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से "छात्रों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है और उनकी पढ़ाई-लिखाई और करियर पर बुरा असर पड़ सकता है।"