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WhatsApp ने क्यों 24 घंटे तक देशभर में कई यूजर्स के एकाउंट को रिव्यू पर रखा?

TCN Desk TCN Desk | 3h ago
WhatsApp ने क्यों 24 घंटे तक देशभर में कई यूजर्स के एकाउंट को रिव्यू पर रखा?

यह अभी पता नहीं चल पाया है कि कि ये अकाउंट रिव्यू किसी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा तो नहीं थी।

भारत में बड़ी संख्या में WhatsApp यूजर्स ने सोमवार शाम अचानक अपने अकाउंट को अनिवार्य समीक्षा (Mandatory Account Review) के तहत पाए जाने की शिकायत की। इसके कारण वे अस्थायी रूप से मैसेजिंग सेवा का इस्तेमाल नहीं कर सके।

देशभर में कई WhatsApp यूजर्स ने बताया कि सोमवार शाम उनके अकाउंट अचानक ऑटोमेटेड रिव्यू प्रक्रिया में डाल दिए गए, जिसके बाद वे WhatsApp का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। यूजर्स के मुताबिक,

यह पाबंदी बिना किसी चेतावनी के लगाई गई और WhatsApp द्वारा सेवा की शर्तों के तहत अकाउंट गतिविधियों की जांच किए जाने तक कई प्रमुख फीचर्स तक उनकी पहुंच अस्थायी रूप से रोक दी गई। कई यूजर्स ने सोमवार शाम अचानक अपने अकाउंट को अनिवार्य समीक्षा (Mandatory Account Review) के तहत पाए जाने की शिकायत की। शुरुआती रिपोर्ट्स के समय Meta की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी, जिससे यूजर्स के बीच इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी रही कि समस्या की वजह क्या है, कितने लोग इससे प्रभावित हुए हैं और सामान्य सेवा कब बहाल होगी।

रात करीब 8 बजे से इस तरह की शिकायतें सामने आने लगीं। प्रभावित यूजर्स ने सोशल मीडिया पर जाकर पूछा कि क्या दूसरे लोग भी ऐसी ही समस्या का सामना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने दावा किया कि उन्होंने कोई असामान्य गतिविधि नहीं की थी, वे WhatsApp का आधिकारिक वर्जन इस्तेमाल कर रहे थे और रिव्यू शुरू होने से पहले उन्हें कोई चेतावनी भी नहीं मिली थी।


The Hindu की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित यूजर्स को ऐप के भीतर एक नोटिस दिखाया गया, जिसमें बताया गया कि उनके अकाउंट की समीक्षा की जा रही है। Meta की ओर से नोटिस में कहा गया कि WhatsApp अकाउंट की गतिविधियों और डिवाइस से जुड़ी जानकारी की जांच कर रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अकाउंट उसकी सेवा की शर्तों का पालन कर रहा है। साथ ही बताया गया कि यूजर्स को आमतौर पर 24 घंटे के भीतर फैसले की जानकारी मिल जाएगी। Meta ने समस्या को स्वीकार किया और कहा कि इसे ठीक करने के लिए काम किया जा रहा है।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा,

"हम अपनी सेवा का दुरुपयोग करने की कोशिश करने वालों से आगे रहने के लिए लगातार काम करते हैं और दूसरे यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाते हैं। कभी-कभी हमसे इसमें गलती हो जाती है और ऐसी स्थिति में हम इसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग दोबारा चैटिंग शुरू कर सकें। हमने प्रभावित अकाउंट्स को बहाल करने के लिए कार्रवाई की है।" हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह समस्या किसी खास भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित थी या नहीं।

रिव्यू स्क्रीन पर यूजर्स को WhatsApp का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने से जुड़े दिशानिर्देश भी दिखाए गए। इसमें हैक या चोरी हुए अकाउंट्स से संबंधित जानकारी के लिंक भी शामिल थे। हालांकि नोटिस में इस प्रक्रिया को सामान्य समीक्षा की तरह दिखाया गया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि किसी विशेष अकाउंट को आखिर समीक्षा के लिए क्यों चुना गया। ऑनलाइन शिकायतें बढ़ने के साथ कई यूजर्स ने रिव्यू पेज के स्क्रीनशॉट शेयर किए और मदद की मांग की। X पर एक यूजर ने लिखा, "मेरा WhatsApp अकाउंट बिना किसी स्पष्टीकरण के बंद कर दिया गया है। मैंने पहले ही अपील कर दी है, लेकिन रिव्यू पेज पर केवल एक सामान्य संदेश दिखाई दे रहा है कि इसकी 'आमतौर पर 24 घंटे के भीतर समीक्षा की जाएगी।' मुझे तत्काल मदद चाहिए।"

कई लोगों के लिए इस पाबंदी का समय खास तौर पर परेशानी भरा रहा। भारत में WhatsApp का इस्तेमाल केवल निजी बातचीत के लिए ही नहीं, बल्कि कामकाजी संवाद, कस्टमर सपोर्ट, बिजनेस लेनदेन और कम्युनिटी ग्रुप्स के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में थोड़े समय के लिए भी अकाउंट सस्पेंड होने से उन व्यक्तियों और संगठनों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं, जो इस प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये रिव्यू किसी तकनीकी गड़बड़ी, ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम या किसी अन्य आंतरिक प्रक्रिया के कारण शुरू हुए थे। WhatsApp लंबे समय से ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों की पहचान करने के लिए करता रहा है, जो उसकी नीतियों का उल्लंघन कर सकती हैं। इनमें स्पैम, बड़ी संख्या में एक साथ संदेश भेजना और सेवा के अन्य प्रकार के दुरुपयोग शामिल हैं। हालांकि, ऑटोमेटेड जांच के दौरान कई बार वैध अकाउंट्स भी गलती से रिव्यू के लिए फ्लैग हो सकते हैं। इस समस्या का वास्तविक दायरा अभी तक स्पष्ट नहीं है। यह भी पता नहीं चल पाया है कि कितने यूजर्स इससे प्रभावित हुए, शिकायतें केवल भारत तक सीमित थीं या फिर ये अकाउंट रिव्यू किसी व्यापक कार्रवाई का हिस्सा थे।

इस अनिश्चितता ने उन यूजर्स की चिंता और बढ़ा दी है, जो WhatsApp की निर्बाध सेवा पर निर्भर हैं। ऐप में दिखाई देने वाली सूचना के मुताबिक रिव्यू आमतौर पर एक दिन के भीतर पूरा हो जाता है, लेकिन कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि उनके अकाउंट को आखिर समीक्षा के लिए चुना ही क्यों गया, खासकर तब जब उनका मानना है कि उन्होंने WhatsApp के सभी नियमों का पालन किया है।

फिलहाल रिव्यू में डाले गए यूजर्स के पास WhatsApp के फैसले का इंतजार करने के अलावा बहुत कम विकल्प हैं। कंपनी का कहना है कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावित अकाउंट्स को इसकी सूचना दी जाएगी। जब तक Meta इस मामले में और जानकारी नहीं देता, तब तक यह सवाल बना रहेगा कि इतनी बड़ी संख्या में अकाउंट्स अचानक रिव्यू में क्यों गए और क्या आने वाले समय में अन्य यूजर्स को भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।