Flydubai की उड़ान में क्या हुआ था? कैसे टला हादसा?
ईरान ने आरोप लगाते कहा है कि तेहरान को दोषी ठहराने के लिए मोसाद ने विमान से जुड़ी ‘फॉल्स फ्लैग’ घटना की साजिश रची।
संयुक्त अरब अमीरात से इजराइल जा रही Flydubai की उड़ान FZ1073 बुधवार को उस समय सऊदी अरब मोड़नी पड़ी, जब कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, सह-पायलट ने विमान गिराने की कोशिश की, जिसे यात्रियों और चालक दल ने नाकाम कर दिया। विमान सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर उतरा और सभी यात्री सुरक्षित इजराइल पहुंचे।
घायल कैप्टन की पहचान भारतीय नागरिक स्मित मच्छर के रूप में हुई है। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि उनका तबूक के अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत स्थिर है। दूतावास उनके परिवार और सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यात्रियों की जान बचाने के लिए उनकी प्रशंसा की।
Al Jazeera की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल-शम्सी ने गुरुवार को जांच का आदेश दिया। उनके कार्यालय के मुताबिक, जांच टीम घटना की सच्चाई, परिस्थितियों, विवरण और मकसद समझने के लिए जानकारी तथा सबूत जुटाएगी। यह भी जांचा जाएगा कि इसका किसी आतंकवादी गतिविधि से संबंध था या इसे पहले से बनाई गई योजना अथवा किसी के निर्देश पर अंजाम दिया गया।
नेतन्याहू ने कहा कि,
मकसद पर निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। Fox News के कार्यक्रम ‘Hannity’ में उनसे पूछा गया था कि क्या इसके पीछे ईरान हो सकता है। उन्होंने कहा कि आरोपी से सऊदी अरब में पूछताछ हो रही है और संभवतः उसे यूएई ले जाया जाएगा। इजराइल जांच पर नजर रखेगा और संभवतः उसमें शामिल भी होगा।
वहीं, ईरानी न्यूज एजेंसी Fars के अनुसार , ईरान ने आरोप लगाते कहा है कि तेहरान को दोषी ठहराने के लिए मोसाद ने विमान से जुड़ी ‘फॉल्स फ्लैग’ घटना की साजिश रची।

Flydubai के प्रवक्ता ने भी कहा कि घटना के कारण और मकसद फिलहाल अज्ञात हैं। एयरलाइन ने तथ्यों के सामने आने तक अटकलों से बचने की अपील की।
Reuters के मुताबिक, दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में थी, जब उसे दूसरी दिशा में मोड़ा गया। घटना के बाद इजराइल ने लड़ाकू विमान तैनात किए।
अधिकारियों के अनुसार,
संघर्ष तब शुरू हुआ जब सह-पायलट ने कैप्टन को चाकू मारा। इसके बाद विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फुट, यानी 4,267 मीटर नीचे आ गया। नेतन्याहू ने पहले कहा था कि एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारने के बाद विमान गिराने की कोशिश की। उन्होंने अन्य संभावित खतरों के लिए तैयारी की बात भी कही।
सऊदी सरकारी चैनल Al Ekhbariya पर प्रसारित तबूक हवाई अड्डे के बयान के मुताबिक,
घायल कैप्टन और First Pilot, दोनों को अस्पताल ले जाया गया। विमान के भीतर के वीडियो में घायल कैप्टन केबिन के फर्श पर पड़े दिखते हैं। उनके शरीर पर चाकू के कई घाव दिखाई देते हैं। एक यात्री के सिर पर भी खून बहता घाव नजर आता है।
नेतन्याहू के प्रवक्ता ने Reuters को बताया कि,
खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला रिलीज बटन दबाने में कामयाब रहे। इससे यात्रियों और चालक दल को भीतर पहुंचकर सह-पायलट को काबू करने का मौका मिला। विमान में मौजूद FlyDubai के दो अन्य पायलटों ने इसके बाद नियंत्रण संभाला और उसे तबूक में उतारा।
नेतन्याहू ने एक्स पर कहा कि मच्छर ने इजराइली नागरिकों और अन्य देशों के यात्रियों समेत 174 लोगों की जान बचाई। मोदी ने गुरुवार तड़के अपनी पोस्ट में उन्हें ‘हीरो’ बताया।
एक अन्य वीडियो में विमान के झटके खाने के दौरान यात्री रोते और घबराहट में चिल्लाते दिखाई देते हैं। यात्री मरियम की मां यास्मिन अबुकासिस ने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटी को लगा था कि वह मर जाएगी। उनके मुताबिक, विमान नियंत्रण खोने लगा था, लेकिन बाद में उसे संभाल लिया गया।
यात्री डालिया श्पीगेल ने इजराइली अखबार ‘हारेत्ज’ को बताया कि विमान नीचे जाने लगा तो आगे बैठे कुछ यात्रियों को गड़बड़ी का एहसास हुआ और वे कॉकपिट में घुस गए। उन्होंने कहा कि उतरने से करीब एक घंटे पहले विमान अनियंत्रित होकर झटके खाने लगा था।
नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने ऐसे एक इजराइली यात्री से बातचीत की, जिसने कॉकपिट में पहुंचकर विमान की प्रणालियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे पायलट को काबू किया। उन्होंने यात्रियों की सूझबूझ और साहस की प्रशंसा की। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक, आरोपी को काबू करने वालों में शामिल बताए गए यात्री यित्जाक लीबर ने परिवार को वीडियो भेजा। उसमें उन्होंने कहा कि एक पायलट गंभीर रूप से घायल है और हमलावर को बांध दिया गया है। उन्होंने आरोपी के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द इस्तेमाल किया।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, दुबई से रवाना होने के लगभग ढाई घंटे बाद विमान अचानक नीचे आया। फ्लाइटराडार24 ने बताया कि पहले सामान्य आपात स्थिति वाला कोड 7700 जारी हुआ। बाद में इसे ‘गैरकानूनी हस्तक्षेप’ दर्शाने वाले कोड 7500 में बदला गया।

भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार Flydubai Flight का घटनाक्रम:-
- सुबह 8:35 बजे: उड़ान एफजेड1073 दुबई से रवाना हुई।
- सुबह 10:51 बजे: विमान की ऊंचाई में उतार-चढ़ाव शुरू हुआ।
- सुबह 10:52 बजे: विमान 30 सेकंड से भी कम समय में 14,000 फुट से अधिक नीचे गिरा।
- सुबह 11:01 बजे: सामान्य आपात स्थिति का संकेत 7700 जारी हुआ।
- सुबह 11:08 बजे: संकेत बदलकर 7500 किया गया, जो ‘गैरकानूनी हस्तक्षेप’ दर्शाता है।
- दोपहर 12:15 बजे: विमान सऊदी अरब के तबूक क्षेत्रीय हवाई अड्डे पर उतरा।
तबूक हवाई अड्डे ने पुष्टि की कि अधिकांश इजराइली यात्रियों को दूसरी उड़ान से तेल अवीव भेजा गया। ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक, यह उड़ान लगभग 16:00 जीएमटी से पहले पहुंची। नेतन्याहू यात्रियों से मिलने बेन गुरियन के टर्मिनल-1 पहुंचे। परिवारों के लिए अलग स्थान तय किया गया था और सुरक्षा अधिकारी यात्रियों से पूछताछ की तैयारी कर रहे थे।
Reuters से नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बात करने वाले एक इजराइली अधिकारी ने आरोपी को ओमानी नागरिक बताया। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दावा किया कि उसका इरादा विमान गिराकर सभी लोगों की हत्या करना था। उन्होंने इसे ‘जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश’ कहा। हालांकि, जांच पूरी होने तक मकसद स्पष्ट नहीं है।
दुबई से तेल अवीव जा रही दूसरी उड़ान एफजेड1081 के लौटने की खबर गलत थी। ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक, हिब्रू मीडिया में आई यह सूचना संभवतः फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइटों की तकनीकी गड़बड़ी के कारण फैली। विमान ने कोई आपात संकेत नहीं दिया और वह तेल अवीव की ओर सामान्य रूप से बढ़ रहा था।
Reuters के अनुसार, नेतन्याहू ने इजराइली तथा गैर-इजराइली विमान सेवाओं की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया। विपक्षी नेता यायर लापिड ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू के सहयोगी घटना को चुनाव से पहले हमले की चेतावनियों से जोड़ रहे हैं। इजराइल में चुनाव 27 अक्टूबर को निर्धारित हैं। लापिड ने कहा कि विदेश में गतिविधियों संबंधी चेतावनी दो वर्ष से अधिक पुरानी है और उसका इस घटना से संबंध नहीं था।
यूएई और इजराइल ने 2020 में संबंध सामान्य किए थे, जिसके बाद यूएई इजराइली पर्यटकों का लोकप्रिय गंतव्य बना। सऊदी अरब और ओमान के इजराइल से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।