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नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत रद्द कराने पहुंची पश्चिम बंगाल पुलिस को SC से बड़ा झटका

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत रद्द कराने पहुंची पश्चिम बंगाल पुलिस को SC से बड़ा झटका

नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होना है।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस से मौखिक रूप से कहा कि वह नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ उसकी अपील को ‘निश्चित रूप से खारिज’ करेगा। हालांकि, अदालत ने अपील पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामला सोमवार को लिया जाएगा। कलकत्ता हाई कोर्ट ने प्रधान को चुनाव प्रचार करने और उपचुनाव लड़ने के लिए अंतरिम जमानत दी है। नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर, मंगलवार को होना है।

Live Law की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुबह मामलों की तत्काल सुनवाई के अनुरोध के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बंगाल पुलिस की अपील जल्द सूचीबद्ध करने की मांग की। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से आग्रह किया कि चुनाव की तारीख नजदीक होने के कारण मामले पर गुरुवार को ही सुनवाई की जाए।

मेहता ने कहा,

“वह आईपीसी की धारा 302 के मामले में आरोपी हैं। उन्हें चुनाव के लिए जमानत दी गई है। क्या मैं कल सुनवाई का अवसर मांग सकता हूं? मैं बस यही कह रहा हूं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने जवाब दिया, “कल हमारी सूची बहुत लंबी है। हम इसे निश्चित रूप से खारिज करेंगे, लेकिन सोमवार को, कल नहीं।”

मेहता ने दोबारा आग्रह किया कि हाई कोर्ट ने प्रधान को चुनाव प्रचार और चुनाव लड़ने के लिए जमानत दी है। यदि अपील पर तत्काल सुनवाई नहीं हुई तो उसका उद्देश्य समाप्त हो जाएगा। उन्होंने गुरुवार को मामला लेने का अनुरोध दोहराया, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा, “नहीं, सोमवार।” उन्होंने मौखिक टिप्पणी में फिर कहा कि अदालत अपील खारिज करेगी, लेकिन सोमवार को।

प्रधान को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इससे ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद तृणमूल उम्मीदवार ने चुनाव मैदान से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान किया था।

प्रधान के खिलाफ दर्ज छह मामले लगभग 19 साल पुराने हैं और नंदीग्राम के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े हैं। मंगलवार को जमानत देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामलों के पुराने होने तथा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद उनकी गिरफ्तारी का संज्ञान लिया था। बुधवार को हल्दिया जेल से रिहा होकर नंदीग्राम स्थित अपने घर पहुंचे प्रधान का स्थानीय लोगों और पार्टी समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। रिहाई के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया और पुलिस बार-बार उनसे उपचुनाव का नामांकन वापस लेने को कहती रही। उन्होंने कहा, “एक समय मुझे डर लगा कि वे मेरी जान ले सकते हैं।”

प्रधान ने दावा किया कि उनकी आंखों को गमछे से ढक दिया गया था। उनके मुताबिक, संभवतः उन्हें मंदारमणि के किसी होटल में ले जाया गया, जहां बाद में एक पुलिस अधिकारी ने पूछा कि नामांकन वापस लेने के बदले वह क्या चाहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि,

यह सवाल एक आईपीएस अधिकारी ने पूछा था। संभवतः वहां एक डीएसपी भी मौजूद थे। सवाल पूछे जाने के दौरान मैं अकेला था। मैंने उनसे कहा कि मेरे लिए ऐसा करना संभव नहीं है। मेरी कुछ विचारधाराएं हैं, जिन्हें मैं छोड़ नहीं सकता।

प्रधान ने कहा कि नंदीग्राम के लोग समझ चुके हैं कि उन्हें किस तरह परेशान किया गया। उन्होंने दावा किया कि मतदाता चुनाव में इस साजिश का जवाब देंगे। उनके अनुसार, “भाजपा सरकार मुझे झूठे मामलों में फंसाकर रोक नहीं पाएगी। बंगाल में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने प्रधान के आरोपों को ‘निराधार’ बताया। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में कांग्रेस का कोई जनाधार नहीं है। सरकार के मुताबिक, यह सोचना बेतुका है कि भाजपा कांग्रेस की जीत से डरकर प्रशासन के जरिए उसके उम्मीदवार को धमकाने की कोशिश करेगी।

इस बीच, बुधवार को पुलिस ने कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं—सुकृत रंजन बिस्वास और मानिक फकीर—को नंदीग्राम के एक होटल से हिरासत में लिया। उत्तर 24 परगना के रहने वाले बिस्वास मतुआ समुदाय के अधिकारों के लिए काम करते हैं, जबकि फकीर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। दोनों को कांग्रेस के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी गई थी।

हिरासत में लेने के बाद दोनों को नंदीग्राम थाने ले जाया गया। बिस्वास को बाद में छोड़ दिया गया, लेकिन रिपोर्ट लिखे जाने तक फकीर हिरासत में थे। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।