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ट्रंप प्रशासन ने ढाई लाख वीजा किए रद्द, कितने भारतीयों पर पड़ेगा असर?

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 5 min read
ट्रंप प्रशासन ने ढाई लाख वीजा किए रद्द, कितने भारतीयों पर पड़ेगा असर?

भारत से पढ़ाई, नौकरी, कारोबार और पर्यटन के लिए अमेरिका जाने वाले लोगों के संदर्भ में यह घटनाक्रम अहम है।

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से ढाई लाख से अधिक वीजा रद्द किए जा चुके हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई विदेशी नागरिकों की जांच बढ़ाने और आव्रजन नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर सख्ती करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।

रद्द किए गए वीजा किसी एक श्रेणी के नहीं हैं। इनमें वीजा की शर्तें तोड़ने, आपराधिक गतिविधियों, धोखाधड़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग मामले शामिल हैं।

भारत से पढ़ाई, नौकरी, कारोबार और पर्यटन के लिए अमेरिका जाने वाले लोगों के संदर्भ में यह घटनाक्रम अहम है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया है कि रद्द किए गए वीजा में कितने भारतीय नागरिकों के हैं। इसलिए ढाई लाख से अधिक वीजा रद्द होने के आंकड़े को भारतीयों के खिलाफ किसी विशेष कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह विभिन्न देशों के नागरिकों और अलग-अलग वीजा श्रेणियों से जुड़ा कुल आंकड़ा है।

Fox News से बातचीत में विदेश विभाग के अधिकारी ने बताया कि,

कार्रवाई के पीछे कई आधार हैं। इनमें अमेरिका में रहने की अनुमति से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन, अपराध, गलत जानकारी देकर वीजा हासिल करना, अमेरिका के खिलाफ हिंसा का समर्थन और ऐसा आचरण शामिल है जिसे अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। विभाग का कहना है कि वीजा मिलने के बाद भी संबंधित व्यक्ति की पात्रता और गतिविधियों की समीक्षा जारी रह सकती है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने ढाई लाख से ज्यादा वीजा रद्द किए जाने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

Tommy Pigott ने कहा कि,

विभाग वीजाधारकों की लगातार जांच कर रहा है। विदेश विभाग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी इस आंकड़े की जानकारी दी। विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रशासन इस प्रक्रिया को अपने सुरक्षा और आव्रजन नियंत्रण कार्यक्रम का हिस्सा बता रहा है।

कार्रवाई में ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़े 2,300 वीजा रद्द किए जाने का भी उल्लेख है।

बर्थ टूरिज्म का सामान्य अर्थ ऐसी यात्रा से है जिसमें कोई विदेशी नागरिक विशेष रूप से बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से अमेरिका जाता है, ताकि बच्चे को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता मिल सके। उपलब्ध रिपोर्ट में इसका संदर्भ जन्मसिद्ध नागरिकता की मौजूदा व्याख्या से जोड़ा गया है। ट्रंप प्रशासन ने इस तरह की यात्राओं को अपनी व्यापक आव्रजन सख्ती के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।

इस कैटेगरी में वैसे हजारों भारतीय दंपत्ति प्रभावित हो सकते हैं, जो ग्रीन कार्ड लेने के लिए अपने बच्चों का जन्म अमेरिका में प्लान करते हैं। हालांकि भारतीय संदर्भ में बर्थ टूरिज्म और सामान्य पारिवारिक या चिकित्सा यात्रा के बीच अंतर समझना जरूरी है। रिपोर्ट में कार्रवाई का संबंध खास तौर पर बच्चे की नागरिकता हासिल करने के उद्देश्य से की गई यात्राओं से बताया गया है।

इसमें अमेरिका जाने वाली सभी गर्भवती महिलाओं या वहां बच्चे को जन्म देने वाले सभी विदेशी परिवारों के खिलाफ एक समान कार्रवाई की बात नहीं कही गई है। भारतीय नागरिकों से जुड़े ऐसे मामलों की अलग संख्या भी नहीं दी गई है।

आपराधिक गतिविधियों से जुड़े वीजाधारक भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में हैं। अगस्त में विदेश विभाग ने बताया था कि वह 1.75 लाख से अधिक वीजा रद्द कर चुका है। विभाग के अनुसार, इनमें ज्यादातर मामले आपराधिक आचरण को लेकर कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई से जुड़े थे। मारपीट, शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाना, चोरी और मादक पदार्थों से जुड़े अपराध प्रमुख कारणों में शामिल बताए गए थे।

इसके अलावा लापरवाही से वाहन चलाने, यौन हमले, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी और गबन से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया। विभाग का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने प्रवास की शर्तें तोड़ता है या ऐसे आधार सामने आते हैं जिनसे वह अमेरिकी वीजा रखने के अयोग्य हो जाता है, तो उसका वीजा रद्द किया जा सकता है। इस नीति का जोर वीजा जारी होने से पहले की जांच के साथ बाद की समीक्षा पर भी है।

विदेशी नागरिकों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, नवीनतम घोषणा के तहत,

एक अक्टूबर से कुछ अतिरिक्त वीजा श्रेणियों के आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी की विस्तृत समीक्षा होगी। इनमें कुछ राजनयिक और व्यापार संबंधी श्रेणियां शामिल हैं। विभाग पहले से छात्र और अस्थायी कामगारों समेत कई श्रेणियों में ऐसी समीक्षा लागू करता है। उसका कहना है कि इसका उद्देश्य सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं की पहचान करना है।

भारतीय छात्रों, पेशेवरों और कारोबारी यात्रियों के लिए इन बदलावों की अहमियत उनकी संबंधित वीजा श्रेणी पर निर्भर करेगी। सभी आवेदकों पर एक जैसी नई जांच लागू होने का निष्कर्ष इस रिपोर्ट से नहीं निकलता। हालांकि, बढ़ती निगरानी से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन आवेदन में दी गई जानकारी के साथ वीजा जारी होने के बाद सामने आने वाली जानकारी को भी महत्व दे रहा है।

व्यापक कार्रवाई के तहत विदेश विभाग ने भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों पर 27 लैटिन अमेरिकी अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के वीजा भी रद्द किए हैं। प्रशासन उन लोगों के कारोबारी और पर्यटक वीजा रद्द करने पर भी विचार कर रहा है, जिन्होंने इन वीजा पर अमेरिका में प्रवेश करने के बाद शरण के लिए आवेदन किया। यह प्रस्ताव विचाराधीन बताया गया है।