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ईरान के हमले के डर से अंकारा से विमान बदल कर चुपके से भागे थे ट्रंप?

TCN Desk TCN Desk | 11 Aug, 2026 · 5 min read
ईरान के हमले के डर से अंकारा से विमान बदल कर चुपके से भागे थे ट्रंप?

Washington Post के मुताबिक उन्हें एक कैटरिंग ट्रक की मदद से गुप्त रूप से एक सैन्य विमान तक पहुंचाया गया।

आपको याद होगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड् ट्रंप ने अंकारा में शिखर सम्मेलन के दौरान कहा था कि वह ईरान के नंबर वन टारगेट हैं। क्या इसी डर के कारण ट्रंप ने पिछले महीने तुर्किये में नाटो शिखर सम्मेलन से रवाना होते समय गुप्त रूप से विमान बदल लिया था। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान से संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा के लिए यह बेहद गोपनीय और विस्तृत योजना बनाई गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति पहले टेलीविजन कैमरों के सामने एयर फोर्स वन में सवार हुए। लेकिन Washington Post के मुताबिक, इसके बाद उन्हें एक कैटरिंग ट्रक की मदद से गुप्त रूप से एक सैन्य विमान तक पहुंचाया गया। एयर फोर्स वन में मौजूद पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी कि राष्ट्रपति को वहां से निकाल लिया गया है।


व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने CBS न्यूज़ को बताया कि,

अमेरिका को ऐसी विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि ईरान राष्ट्रपति के विमान पर मिसाइल दाग सकता है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने विमान बदलने की इस गुप्त कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है। यह गुप्त कार्रवाई उस समय हुई जब एक दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत टूटने के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर से सैन्य हमले शुरू किए थे।

ट्रंप कतर द्वारा उपहार में दिए गए नए बोइंग 747-8 विमान से तुर्किये पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने घोषणा की थी कि वह पुराने एयर फोर्स वन से वापस जाएंगे। 8 जुलाई को सामने आए वीडियो में ट्रंप को अंकारा एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति के विमान में चढ़ते हुए देखा गया। लेकिन वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, इसके बाद उन्हें गुप्त रूप से एक छोटे C-32A सैन्य विमान में पहुंचाया गया। यह बोइंग 757 का संशोधित संस्करण है, जिसका इस्तेमाल अक्सर अमेरिकी उपराष्ट्रपति करते हैं। इसके लिए एक कैटरिंग ट्रक को विमान की ऊंचाई तक उठाया गया और ट्रंप को विमान के उस हिस्से से बाहर निकाला गया, जो उस तरफ था जहां से वह पहले चढ़े थे उसके विपरीत दिशा में था।


इस गुप्त सुरक्षा योजना की जानकारी सबसे पहले वॉशिंगटन पोस्ट ने दी और बाद में CNN ने भी इसकी पुष्टि की। इससे पता चलता है कि,

अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप को ईरान की ओर से संभावित हत्या के प्रयास से बचाने के लिए किस स्तर तक सुरक्षा इंतजाम किए थे।

ट्रंप कतर द्वारा उपहार में दिए गए नए विमान से तुर्किये पहुंचे थे, जिसे एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया जाना था। लेकिन यात्रा के दौरान अधिकारियों ने घोषणा की कि वह पुराने राष्ट्रपति विमान से वापस जाएंगे। CNN और अन्य मीडिया संस्थानों ने पहले बताया था कि यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण लिया गया था। लेकिन अब सामने आया है कि यह घोषणा भी संभवतः पूरी गुप्त योजना का ही हिस्सा थी। कैमरों के सामने पुराने विमान में सवार होने के बाद ट्रंप कैटरिंग वाहन के जरिए चुपचाप बाहर निकले और छोटे एयर फोर्स C-32A विमान में चले गए।

इसके बाद कतर द्वारा उपहार में दिया गया विमान, एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया गया पुराना विमान और C-32A—तीनों अलग-अलग ब्रिटेन के लिए रवाना हुए। ब्रिटेन पहुंचने के बाद ट्रंप फिर कतर द्वारा उपहार में दिए गए विमान में सवार हुए और अमेरिका के लिए रवाना हुए।

अखबार के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अलग से बाहरी सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हुए C-32A में सवार हुए, ताकि उड़ान सामान्य दिखाई दे।

पत्रकार और व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारी एयर फोर्स वन में सवार हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक,

उनसे विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद करने को कहा गया। उन्हें यह पता ही नहीं था कि राष्ट्रपति अब उस विमान में मौजूद नहीं हैं। इसके बाद ट्रंप अमेरिका जाने के रास्ते में ब्रिटेन पहुंचे, जहां वह दोबारा पुराने एयर फोर्स वन में सवार हुए। RAF मिल्डेनहॉल में विमान उतरने के बाद उन्हें उसी विमान से नीचे उतरते हुए देखा गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वह C-32A से पुराने राष्ट्रपति विमान में वापस कैसे पहुंचे। उस उड़ान के दौरान ट्रंप ने विमान में मौजूद पत्रकारों से बातचीत की और ईरान से मिलने वाले खतरों का जिक्र किया, लेकिन इससे पहले हुए गुप्त विमान परिवर्तन के बारे में कुछ नहीं बताया।

जब ट्रंप से पूछा गया कि तुर्किये से उड़ान भरते समय पत्रकारों को विमान की खिड़कियों के पर्दे नीचे करने के लिए क्यों कहा गया था, तो उन्होंने कहा कि,

उनकी जान को हर समय खतरा” रहता है और ईरान की सूची” में वह “नंबर वन” हैं।

व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने इन रिपोर्टों की सीधे तौर पर न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि नया एयर फोर्स वन एक “अत्याधुनिक विमान” है, जिसमें राष्ट्रपति और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी सुरक्षा प्रणालियां लगी हुई हैं। सीबीएस न्यूज़ की पहले की रिपोर्टिंग के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप या उनके विमान पर हमले के एक विशेष खतरे को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी इससे पहले कतर द्वारा उपहार में दिए गए विमान से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर रिपोर्ट की थी। इसमें बताया गया था कि सीक्रेट सर्विस ने नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय ट्रंप को विमान बदलने की सलाह दी थी।

बता दें कि अमेरिका पिछले कई महीनों से 40 करोड़ डॉलर के बोइंग 747-8 विमान को राष्ट्रपति के इस्तेमाल के योग्य बनाने के लिए उसमें बदलाव कर रहा है। पुराने एयर फोर्स वन विमानों में ऐसी लेजर तकनीक मौजूद है जो आने वाली मिसाइलों को भ्रमित या निष्क्रिय करने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कतर द्वारा दिए गए विमान में कौन-कौन सी सुरक्षा प्रणालियां मौजूद हैं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बयान में कहा,

नया एयर फोर्स वन राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन इस साल इसमें कुछ अतिरिक्त अपग्रेड और सुधार किए जाएंगे, जिन्हें पूरा करने में लगभग एक महीने का समय लगेगा।