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पूरे सिस्टम ने बृजभूषण सिंह को बचाने का काम किया : विनेश फोगाट

TCN News Desk TCN News Desk | 1h ago
पूरे सिस्टम ने बृजभूषण सिंह को बचाने का काम किया : विनेश फोगाट

बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ महिला पहलवान विनेश फोगाट अपील करेंगी।

पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ महिला पहलवान विनेश फोगाट अपील करेंगी। पहलवान विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि मामले की शुरुआत से ही “पूरी सरकारी मशीनरी, सरकार और सिस्टम बृजभूषण को बचाने में लगी रही है।

सोमवार को फैसला आने के बाद जारी एक बयान में विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि,

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पूरे मामले के दौरान अधिकारियों ने पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बचाने की कोशिश की। उन्होंने पुष्टि की कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दिया है।

विनेश ने लिखा,

“सत्ताधारी पार्टी के एक ताकतवर नेता के खिलाफ सड़कों पर उतरने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए हमें बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। सरकार में अपने प्रभाव और राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराया-धमकाया, जिसके कारण उन्होंने मामले से अपने नाम वापस ले लिए। इसके बावजूद कई महिला पहलवान मजबूती से डटी रहीं और अदालत में बृजभूषण के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी।”

अगले कानूनी कदम की घोषणा करते हुए फोगाट ने कहा, “महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दिया है और जल्द से जल्द अपील दाखिल की जाएगी। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और पहलवान अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।”


विनेश फोगाट का यह बयान उस फैसले के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने छह महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी एवं WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया।

2023 में विनेश फोगाट के साथ विरोध प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बजरंग पुनिया ने भी इसी पोस्ट को अपने अकाउंट पर दोबारा साझा किया और फैसले पर अपनी असहमति जाहिर की। विनेश ने यह आरोप भी लगाया कि पूरी कानूनी कार्यवाही के दौरान सत्ता-तंत्र ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बचाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि,

“शुरुआत से ही पूरा सिस्टम, सरकार और सत्ता-तंत्र बृजभूषण को बचाने में लगा रहा है।”‘हमने उम्मीद नहीं खोई है’

बृजभूषण को बरी किए जाने का यह फैसला विनेश के उस सार्वजनिक खुलासे के कुछ महीनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने बताया था कि इस मामले की छह शिकायतकर्ताओं में से वह भी एक थीं। विनेश ने पहले कहा था कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान उन्होंने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया था, क्योंकि यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं की पहचान की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश हैं।

2023 में शुरू हुए इस मामले के बाद कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन चले थे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने किया था। पहलवानों की मांग थी कि बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें WFI अध्यक्ष पद से हटाया जाए।

गौरतलब है कि जनवरी 2023 में ओलंपियन और देश के प्रमुख पहलवानों, जिनमें विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया शामिल थे, ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने तत्कालीन भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए। पहलवानों ने उन्हें पद से हटाने की मांग की। तत्कालीन खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बातचीत के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने आरोपों की जांच के लिए एक निगरानी समिति (Oversight Committee) गठित की। इसके बाद पहलवानों ने कुछ समय के लिए अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया। अप्रैल 2023 में पहलवानों का प्रदर्शन दोबारा शुरू हुआ। पहलवानों ने आरोप लगाया कि समिति की जांच के निष्कर्षों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पहलवानों के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो FIR दर्ज कीं। पहली FIR छह वयस्क महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थी। इसमें IPC की यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग करने और पीछा करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं। दूसरी FIR एक नाबालिग पहलवान की शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट के तहत दर्ज की गई। 28 मई 2023 को प्रदर्शनकारी पहलवानों ने नवनिर्मित संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कुछ दिनों बाद पहलवानों ने अपने पदक गंगा में बहाने की घोषणा की। हालांकि, किसान नेताओं के हस्तक्षेप और केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया।

15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने वयस्क महिला पहलवानों से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल की। वहीं, नाबालिग शिकायतकर्ता से जुड़े अलग POCSO मामले में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। जुलाई 2023 में दिल्ली की एक अदालत ने आरोपों का संज्ञान लिया, जिसके बाद मामले में मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ी। ट्रायल कोर्ट ने पांच शिकायतकर्ताओं से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मई 2024 में आरोप तय किए। वहीं, WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ एक शिकायत में आपराधिक धमकी देने का आरोप तय किया गया। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों से इनकार किया। दिल्ली की एक अदालत ने नाबालिग शिकायतकर्ता से जुड़े POCSO मामले में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। नाबालिग शिकायतकर्ता के पिता ने आरोप वापस लेने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष ने कुल 32 गवाहों से पूछताछ की और मई 2026 में अपने साक्ष्य पूरे किए। जून में आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। मामले में अंतिम दलीलें 2 जुलाई 2026 को पूरी हुईं।