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रूस की एंटी प्लेग लैब में वायरल इंफेक्शन से रिसर्चर की मौत, कोरोना-पार्ट 2 की आशंका!

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
रूस की एंटी प्लेग लैब में वायरल इंफेक्शन से रिसर्चर की मौत, कोरोना-पार्ट 2 की आशंका!

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लैब में वायरस के सैंपल वाली टेस्ट ट्यूब टूटने के बाद यह घटना हुई।

रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक लैब रिसर्चर की संदिग्ध संक्रमण के बाद मौत होने की खबरों ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लैब में हुई एक दुर्घटना के दौरान कर्मचारी किसी खतरनाक वायरस के संपर्क में आई थीं। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन बाद उनकी मौत हो गई।

स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लैब में वायरस के सैंपल वाली टेस्ट ट्यूब टूटने के बाद यह घटना हुई। इसके बाद 197 लोगों को क्वॉरेंटाइन क्वॉरेंटाइन भी किया गया।

रूसी अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि महिला की मौत किसी खास वायरस से हुई है या प्लेग से। घटना इरकुत्स्क के पास शेलेखोव स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुई। रूस की संक्रमण निगरानी एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर ने बताया कि कर्मचारी को अज्ञात कारण वाला निमोनिया हुआ था। एजेंसी के मुताबिक, इरकुत्स्क, इरकुत्स्क शहर और शेलेखोव में स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है। घटना के बाद जरूरी स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय किए गए हैं।


शेलेखोव के एक मैटरनिटी अस्पताल में क्वारंटाइन (अलग रखने के इंतजाम) की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इनकी रूस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। महिला के संपर्क में आए लोगों की भी मेडिकल निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं मिले हैं और उनके टेस्ट निगेटिव आए हैं।

महिला की मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि कहीं उसे प्लेग तो नहीं हुआ था। बुर्यातिया क्षेत्र के प्रमुख अलेक्सी त्सिदेनोव ने कहा कि मौत प्लेग से हुई हो सकती है, लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में प्लेग फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं है।

इरकुत्स्क के गवर्नर Igor Kobzev ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने बताया कि मामले को देखते हुए अधिकारियों ने आपात बैठक भी की थी।

रूस के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी गेन्नादी ओनिशेंको ने कहा कि,

फिलहाल यह बीमारी प्लेग लगने की संभावना कम है। उनका कहना है कि अगर प्लेग की पुष्टि भी होती है, तो इसके बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा नहीं है।हालांकि, संक्रमण की पहचान और दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर अभी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


मृतक की पहचान 28 वर्षीय दार्या शिपिलोविया के रूप में बताई गई है। वह इरकुत्स्क एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट में लैब असिस्टेंट थीं। रूस में स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी करने वाली संघीय एजेंसी रोस्पोत्रेबनादजोर के मुताबिक, मामला ऐसे निमोनिया से जुड़ा था, जिसका कारण स्पष्ट नहीं था। कुछ समाचार संस्थानों ने आशंका जताई है कि संक्रमण न्यूमोनिक प्लेग, यानी फेफड़ों को प्रभावित करने वाला प्लेग, हो सकता है। लेकिन उपलब्ध विवरण में इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्टों में न्यूमोनिक प्लेग को जानलेवा, लेकिन उपचार योग्य बीमारी बताया गया है। हालांकि, शिपिलोविया की मौत इसी बीमारी से हुई, यह अभी स्थापित तथ्य नहीं है। इस मामले में प्रयोगशाला दुर्घटना, कर्मचारी के संक्रमण और संभावित प्लेग के बीच संबंध को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।

स्वतंत्र समाचार संस्थान ‘मेडुजा’ के अनुसार, रूसी सरकार ने मरीज की मौत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इस बीच, इरकुत्स्क के गवर्नर Igor Kobzev ने बताया कि क्षेत्रीय सरकार ने स्वच्छता और महामारी की रोकथाम से संबंधित आयोग की विशेष बैठक बुलाई थी। उनके मुताबिक, यह बैठक क्षेत्र के एक निवासी में अत्यंत खतरनाक संक्रमण का संदिग्ध मामला सामने आने की सूचना के बाद की गई।

Kobzev ने बताया कि रोस्पोत्रेबनादजोर संक्रमण पर नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। मरीज के संपर्क में आए लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उनके बयान के मुताबिक, इन लोगों में बीमारी के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। यह जानकारी अहम है, क्योंकि अब तक उपलब्ध विवरण में अन्य लोगों के बीमार पड़ने की पुष्टि सामने नहीं आई है। निगरानी में रखे जाने और संक्रमित पाए जाने के बीच का अंतर इस मामले में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

स्वतंत्र समाचार संस्थान ‘द मॉस्को टाइम्स’ सहित कुछ अन्य स्रोतों के अनुसार, करीब 200 कर्मचारियों को निगरानी में रखा गया है। लेकिन इन कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। ब्रिटेन के ‘द संडे टाइम्स’ के रक्षा संवाददाता डोमिनिक हाउसचाइल्ड ने इसके लिए रूसी सरकार की गोपनीयता को जिम्मेदार बताया। हाउसचाइल्ड के अनुसार,

आशंका जताई जा रही है कि यह एक और वुहान जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि, यह तुलना एक आशंका है; उपलब्ध जानकारी किसी व्यापक महामारी या वुहान जैसे घटनाक्रम की पुष्टि नहीं करती।