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पीएम मोदी के सिस्टम को सवाल पूछने वाले छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए: राहुल गांधी

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 5 min read
पीएम मोदी के सिस्टम को सवाल पूछने वाले छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पर लोगों की डिजिटल निगरानी और फोन टैप करने का आरोप लगाया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार (19 सितंबर 2026) को कहा कि देश को चलाने वाला 'सिस्टम' ऐसे छात्रों को पसंद नहीं करता जो सवाल पूछते हैं। वह केवल 'अंधभक्त' चाहता है। कांग्रेस बीजेपी के कट्टर समर्थकों के लिए 'अंधभक्त' शब्द का इस्तेमाल करती है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में पांचवें 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि,

एक 'सिस्टम' ने देश को अपने कब्जे में ले लिया है और यह सिस्टम छात्रों तथा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम को कुछ ताकतवर लोग नियंत्रित कर रहे हैं, जबकि सवाल पूछने वाले छात्र उनके लिए खतरा हैं।


राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने इससे पहले कोटा, पुणे, देहरादून और प्रयागराज जैसे शहरों में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम किए हैं। इनमें पेपर लीक, संस्थानों की नाकामी, बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति और शिक्षा के निजीकरण जैसे छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। इंदौर में हमने तय किया है कि आज हम 'सिस्टम बनाम छात्र' के बारे में बात करेंगे। इंदौर के आईडीए ग्राउंड में हजारों युवाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि,

इस सिस्टम की कई परतें हैं और सबसे ऊपर छह लोग हैं। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहा है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसके 'एनफोर्सर' हैं।

राहुल गांधी ने कई बीजेपी और आरएसएस नेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, उद्योगपतियों तथा मीडिया और फिल्म जगत से जुड़े लोगों की तस्वीरें दिखाते हुए अपने आरोप लगाए। उन्होंने 'सिस्टम' की ऊपरी परत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उद्योगपति गौतम अडानी व मुकेश अंबानी के नाम लिए।


राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पर लोगों की डिजिटल निगरानी और फोन टैप करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि डोभाल लोगों के फोन और सोशल मीडिया पर नजर रखते हैं और इसकी जानकारी अमित शाह तथा नरेंद्र मोदी तक पहुंचाते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि,

डोभाल ने अनौपचारिक बातचीत में कहा है कि अगर भारत को नियंत्रित करना है तो केवल 500 लोगों को नियंत्रित करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया, "डोभाल हमारे और आपके फोन में बैठे हैं।"
उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी आरोप लगाया कि वह सिस्टम में विचारधारा लाते हैं और बदले में उनकी संस्था को शैक्षणिक संस्थान चलाने के लिए करोड़ों रुपये दिए जाते हैं।

राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी पर 'सिस्टम' को वित्तीय मदद देने और सरकारी ठेकों से कमाए गए पैसे को इस सिस्टम तक पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा बीजेपी को दिया जाता है, जिसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार और 'सिस्टम' को चलाने में किया जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस सिस्टम ने राजनीति, कारोबार, न्यायपालिका, नौकरशाही, शिक्षा, मीडिया, मनोरंजन और खेल समेत विभिन्न संस्थानों में अपने लोगों को जगह दी है।

क्रिकेट का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में कई क्रिकेट खिलाड़ी होने के बावजूद क्रिकेट का पूरा ठेका अमित शाह के बेटे जय शाह को दे दिया गया है।


राहुल गांधी ने कहा कि छात्र इसलिए इस सिस्टम के लिए खतरा हैं क्योंकि वे सवाल पूछते हैं कि न्यायपालिका, नौकरशाही और चुनाव आयोग जैसे संस्थान अपना काम ठीक से क्यों नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा,

इसीलिए सिस्टम को छात्र नहीं चाहिए। उसे अंधभक्त चाहिए, जो छात्रों के विरोधी हैं। सिस्टम अंधभक्तों को तैयार और बढ़ावा देता है।"

राहुल गांधी ने छात्रों और 'अंधभक्तों' के बीच तुलना करते हुए कहा कि,

छात्र जिज्ञासु होते हैं, जबकि अंधभक्त भ्रम में रहते हैं। उनके अनुसार छात्र प्रेम और सम्मान की बात करते हैं, जबकि अंधभक्त नफरत फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र विनम्र होते हैं और दूसरों की बात सुनते हैं, जबकि अंधभक्त अहंकार से भरे होते हैं।


उन्होंने आगे कहा कि,

छात्र निडर होते हैं, जबकि अंधभक्त डरपोक होते हैं। छात्रों के महिलाओं का सम्मान करने की बात कहते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अंधभक्त पितृसत्तात्मक सोच रखते हैं और महिलाओं पर हमला करते हैं। उन्होंने छात्रों को ईमानदार और अंधभक्तों को बेईमान तथा झूठा बताया।

राहुल गांधी ने दावा किया कि जो लोग इस 'सिस्टम' को चलाते हैं, वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे अंधभक्त बनें और वे अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजते हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि,

देशभर में एक लाख से ज्यादा स्कूल बंद किए जा चुके हैं और इनमें से 55 प्रतिशत स्कूल अकेले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि,

केंद्र सरकार के शिक्षा बजट का कुल बजट में हिस्सा 2014 में 4.6 प्रतिशत था, जो 2026 में घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है।

कार्यक्रम में कई छात्रों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाया गया। उन्होंने मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती में देरी, ओबीसी आरक्षण बढ़ाने से जुड़े मामले के अदालत में विचाराधीन होने के कारण सरकारी पदों पर भर्ती रुके होने और नर्सिंग परीक्षाओं में देरी जैसी समस्याएं उठाईं। नर्सिंग परीक्षा में देरी के विरोध में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की बात भी सामने आई।

देवास के 18 वर्षीय छात्र अर्पित जाज के परिवार ने भी राहुल गांधी से मंच पर मुलाकात की। अर्पित की इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में हुई इमारत दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत 'सिस्टम की नाकामी' के कारण हुई। परिवार से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह बुनियादी ढांचे की कमी और सरकार के शिक्षा बजट में कटौती की कीमत है।

इससे पहले शनिवार सुबह इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कई पोस्टर सामने आए। कार्यक्रम से पहले इसे लेकर कई विवाद भी सामने आए।इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार इस कार्यक्रम को लेकर डरी हुई थी और उसने कार्यक्रम को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की।