DUSU चुनाव में चार में से तीन पदों पर ABVP का कब्जा, निर्दलीय दीपांशु उपाध्यक्ष निर्वाचित
ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026-27 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत दर्ज की है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को केंद्रीय पैनल के किसी भी पद पर जीत नहीं मिली।
ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए हैं।
अध्यक्ष पद के चुनाव में ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले। उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। NSUI से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
DUSU चुनाव की मतगणना शनिवार को नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुउद्देश्यीय हॉल में शुरू हुई। इस दौरान ABVP और NSUI के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा। हाई-प्रोफाइल छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ था, जिसमें 40.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए वोट डाले गए थे।
ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष पद के लिए ईशु मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को उम्मीदवार बनाया था। NSUI की ओर से अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी मैदान में थे। AISA-SFI गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष पद के लिए अक्षत शिखर, सचिव पद के लिए स्टैनजिन देसक्योंग और संयुक्त सचिव पद के लिए बी. पारिजात को उम्मीदवार बनाया था।
मतगणना से पहले NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने चारों सीटों पर जीत का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि NSUI सभी चार पदों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में है और ABVP बिखराव की हालत में है। दूसरी ओर, ABVP ने भी चारों केंद्रीय पदों पर जीत का भरोसा जताया था। संगठन ने शुक्रवार को हुए विभिन्न कॉलेज छात्रसंघ चुनावों में अपने प्रदर्शन का हवाला दिया था।
ABVP ने एक बयान में दावा किया था कि,
उसने अदिति महाविद्यालय, श्री अरबिंदो कॉलेज (मॉर्निंग), शिवाजी कॉलेज, भारती कॉलेज, डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में क्लीन स्वीप किया है। संगठन ने केशव महाविद्यालय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज के कई प्रमुख पदों के साथ पुस्तकालय विज्ञान विभाग में भी जीत का दावा किया था।
वहीं, AISA-SFI गठबंधन ने अपने पैनल को ‘वैकल्पिक राजनीति’ का प्रतिनिधि बताया था। गठबंधन ने कहा था कि वह छात्र-नेतृत्व वाला DUSU बनाने और ‘धनबल तथा बाहुबल की राजनीति’ का विरोध करने के लिए काम करेगा।
केंद्रीय पैनल के चार पदों के लिए शुक्रवार को दो पालियों में मतदान कराया गया। सुबह की पाली वाले कॉलेजों के छात्रों ने सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक वोट डाले। वहीं, शाम की पाली वाले कॉलेजों में दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान हुआ। मिरांडा हाउस, रामजस कॉलेज, विधि संकाय और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज समेत कई कॉलेजों में कॉलेज स्तर के छात्रसंघ चुनाव भी कराए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रोफेसर राज किशोर शर्मा के मुताबिक,
48 कॉलेजों और विश्वविद्यालय के 12 विभागों में करीब 960 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) लगाई गई थीं। तकनीकी खराबी से निपटने के लिए 40 अतिरिक्त मशीनें सुरक्षित रखी गई थीं।
शुक्रवार शाम सात बजे तक 43 EVM मतगणना केंद्र पहुंच चुकी थीं और शनिवार की मतगणना की तैयारियां जारी थीं। शुक्रवार सुबह मतदान की शुरुआत धीमी रही, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद इसमें तेजी आई। प्रथम वर्ष के छात्रों और पहली बार मतदान करने वाले विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ वोट डाला। कई छात्रों ने उम्मीद जताई कि छात्र राजनीति विश्वविद्यालय परिसर में सार्थक बदलाव लाने में मदद करेगी।
हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन को लेकर भी सवाल उठे। दिल्ली हाई कोर्ट की बार-बार की गई टिप्पणियों और कड़े चुनावी दिशा-निर्देशों के बावजूद परिसरों में प्रचार सामग्री बिखरी हुई दिखाई दी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान तेज संगीत बजाते वाहनों और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच शारीरिक झड़पों की घटनाएं भी सामने आईं।