IIT Bombay में पिछले 7 महीने में तीसरी आत्महत्या से भड़के छात्र, निदेशक के इस्तीफे पर अड़े
छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद संस्थान परिसर में 400 से अधिक विद्यार्थी एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
मुंबई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे यानी IIT Bombay में शुक्रवार को द्वितीय वर्ष के एक 19 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला बताया है। घटना से कुछ घंटे पहले छात्र को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था। छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद संस्थान परिसर में 400 से अधिक विद्यार्थी एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के विरोध के बाद संस्थान में चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया।
फरवरी में एक छात्र की मौत, जुलाई में नए सेमेस्टर की शुरुआत में दूसरी खुदकुशी और अब सितंबर में इस तीसरे दर्दनाक हादसे ने पूरे एजुकेशन सिस्टम, अकादमिक दबाव और संस्थान के मेंटल हेल्थ मैकेनिज्म को कटघरे में खड़ा कर दिया है। छात्रों का सवाल है कि अगर मेंटल प्रेशर न हो तो कोई सुसाइड क्यों करेगा?
छात्र IIT Bombay के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह संस्थान के हॉस्टल नंबर-4 में रहता था। शुक्रवार को वह मिड-सेमेस्टर परीक्षा देने गया था। IIT Bombay प्रशासन के अनुसार, परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था।
छात्र के माता-पिता में से एक ने कहा,
हमें अपने बेटे की मौत का जवाब चाहिए। वह हमारा इकलौता बच्चा था। वह हार मानने वालों में से नहीं था। वह एक संघर्षशील छात्र था और बेहद गरीब परिवार से आया था। जब तक हमें उसकी मौत का स्पष्टीकरण नहीं मिल जाता, हम संस्थान के मुख्य द्वार से नहीं हटेंगे। हम अधिकारियों की किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं और अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे।
माता-पिता ने यह भी आरोप लगाया कि परिसर में होने वाला भेदभाव उनके बेटे की मौत के कारणों में से एक हो सकता है। वहीं, छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए सोशल मीडिया अभियान शुरू कर दिया है और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं।
संस्थान की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि,
छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड किया था और उसके माध्यम से उत्तर हासिल करने का प्रयास किया था। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पाए जाने के बाद छात्र से संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने बातचीत की थी।
IIT Bombay प्रशासन ने दावा किया कि छात्र के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। संस्थान के मुताबिक, शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र की काउंसलिंग की तथा उसे आश्वासन दिया कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
संस्थान ने अपने बयान में कहा,
दिन में परीक्षा के दौरान छात्र को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था। उसने उत्तर प्राप्त करने के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था। छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई। संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से बातचीत की, उसकी काउंसलिंग की और उसे आश्वस्त किया कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बयान के अनुसार, बातचीत के बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था। बाद में शाम को वह अपने कमरे में मृत पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही संस्थान के अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया गया।
पवई पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षा शाम करीब चार बजे समाप्त हुई थी। इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में चला गया। शाम को उसके मृत पाए जाने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस की एक टीम हॉस्टल पहुंची और कमरे का पंचनामा किया। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल भेज दिया गया।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी सुसाइड नोट के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने फिलहाल छात्र की मौत के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की है। परीक्षा कक्ष में हुई घटना और छात्र की मौत के बीच सीधे संबंध को लेकर भी जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
छात्र की मौत की खबर फैलते ही आईआईटी बॉम्बे परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकत्र होने लगे। 400 से अधिक छात्र संस्थान की मुख्य इमारत के पास जमा हुए और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी विद्यार्थी संस्थान के निदेशक से मुलाकात की मांग कर रहे थे।
विरोध प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। रात करीब 10:30 बजे आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे। इसके बाद छात्रों की सभा को मुख्य इमारत के सामने स्थित दीक्षांत सभागार में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई।
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों के अनुसार, छात्र की मौत के बावजूद संस्थान में परीक्षाएं और दूसरी गतिविधियां सामान्य तरीके से जारी रहने को लेकर उनमें नाराजगी थी। छात्रों ने कहा कि ऐसी गंभीर घटनाओं के बाद प्रशासन को अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और प्रभावित विद्यार्थियों को मानसिक एवं भावनात्मक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि,
संस्थान में किसी छात्र की मौत जैसी गंभीर घटना के बाद भी सामान्य कामकाज जारी रहने को लेकर विद्यार्थी पहले से सवाल उठाते रहे हैं। शुक्रवार रात भी कई छात्रों ने यही मुद्दा उठाया। विरोध और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को स्थगित करने की घोषणा की गई।
घटना को लेकर छात्रों और संस्थान प्रशासन के अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं।
कुछ विद्यार्थियों ने दावा किया कि छात्र को परीक्षा के दौरान दूसरे विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका देखते हुए पकड़ा गया था और उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा गया था। छात्रों का यह भी आरोप था कि अधिकारियों ने उसे निलंबन समेत संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में बताया था।
हालांकि, IIT Bombay ने इन दावों का खंडन किया। संस्थान ने कहा कि,
छात्र किसी अन्य विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका नहीं देख रहा था, बल्कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। उसने प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड करके उत्तर मांगे थे। प्रशासन ने दोहराया कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उसे आश्वस्त किया गया था कि इस घटना के कारण उसका अकादमिक भविष्य प्रभावित नहीं होगा।
प्रशासन के बयान और छात्रों के दावों में अंतर को देखते हुए घटना से पहले हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठ रही है। विद्यार्थी यह जानना चाहते हैं कि परीक्षा कक्ष में छात्र के पकड़े जाने के बाद उससे किस तरह की बातचीत हुई, उस समय कौन-कौन से अधिकारी मौजूद थे और संस्थान के नियमों के तहत उसे क्या जानकारी दी गई थी।
IIT Bombayने अपने आधिकारिक बयान में छात्र की मौत पर दुख व्यक्त किया। संस्थान ने कहा, “
IIT Bombay एक छात्र को खोने से बेहद दुखी है। संस्थान मृतक के दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस दुखद घटना से प्रभावित अन्य लोगों को सहायता प्रदान कर रहा है। छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।”
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को देखते हुए पुलिस को भी परिसर में बुलाया गया था। देर रात तक छात्र कैंपस में मौजूद रहे और प्रशासन से जवाबदेही, पारदर्शिता तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता की मांग करते रहे। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
नोट: मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट का सामना कर रहे व्यक्ति को किसी भरोसेमंद व्यक्ति, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या उपलब्ध आपातकालीन सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए।