छात्रों को कोई जरूरत नहीं है माफी मांगने की : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने उन पांच प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की जिन्हें सोशल मीडिया पर परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को उन पांच छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की जिन्हें छात्र आंदोलन में शामिल होने के कारण सोशल मीडिया पर परेशान किया जा रहा है। रेप और जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है। जिनके घरों पर पुलिस के पहरे लगाए जा रहे हैं और अनावश्यक पुलिस उनके परिवार वालों को परेशान कर रही है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि,
प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और आंदोलन खत्म होने के बाद भी उन्हें सोशल मीडिया पर अपशब्दों और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने "कुछ भी गलत नहीं किया" और उन्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवाओं की चिंताओं को न समझने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा, "हमने कुछ युवा प्रदर्शनकारियों के साथ खुलकर बातचीत की। उन्होंने मुझे बताया कि किस तरह उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें पीटा गया और धमकाया गया। मुझे इन पर बहुत गर्व है। इन्होंने और इनके जैसे हजारों युवा भारतीयों ने जो किया, उस पर मुझे गर्व है। इन्होंने संविधान की रक्षा की है, भारत के विचार की रक्षा की है और भारत के भविष्य की रक्षा की है। शिक्षा व्यवस्था की शिकायत करना कोई अपराध नहीं है, जबकि यह व्यवस्था खामियों से भरी हुई है, चरमरा रही है और बेकार हो चुकी है।"
उन्होंने आगे कहा,
"अगर कुछ करने की जरूरत है तो इस व्यवस्था को बदलने और सुधारने की जरूरत है। ये छात्र बस यही मांग रहे थे। वे हिंसा नहीं कर रहे थे, आक्रामक नहीं थे और न ही किसी के साथ बुरा व्यवहार कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें पीटा गया, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया। पहले उन्हें मजबूर करना, उनके घर गुंडे भेजना, फिर 15 साल की एक लड़की से जबरन माफी मंगवाना और उसके बाद उस माफी को स्वीकार करना पूरी तरह बेतुका है। हम इसे स्वीकार नहीं करते। हमें ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जो काम करे, हम चाहते हैं कि पेपर लीक बंद हों और इस देश के भविष्य का सम्मान और उसकी रक्षा की जाए।"
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा, "ये युवा हैं, जो यहां भारत की प्रेस के सामने खड़े हैं। लेकिन अमित शाह और प्रधानमंत्री में यहां खड़े होने की हिम्मत नहीं है।" छात्रों को "ठीक उसी तरह के युवा जिनकी इस देश को जरूरत है" बताते हुए राहुल ने कहा कि अपनी आवाज उठाने के कारण उन्हें "उत्पीड़न, हिंसा और यातना" का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि उनमें इतनी हिम्मत है कि वे अपनी बात इतने स्पष्ट तरीके से रख पा रहे हैं।"
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि,
अगर गृह मंत्री को इस हिंसा की जानकारी नहीं थी तो वे "अक्षम" हैं और अगर उन्होंने इसका आदेश दिया था तो वे "दोषी" हैं। दोनों ही परिस्थितियों में जिम्मेदारी उनकी है।"
राहुल गांधी की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक वीडियो जारी किए जाने के बाद आई, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि प्रदर्शनों के दौरान उनके और उनकी मां के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले युवा प्रदर्शनकारियों को उन्होंने माफ कर दिया है।
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने कहा था कि छात्र "गहरे दर्द" में हैं और उन्हें सरकार से माफी की जरूरत है, न कि सरकार की ओर से माफ किए जाने की। उन्होंने कहा था कि छात्र बेरोजगारी, अनुचित परीक्षा व्यवस्था और बदहाल होती शिक्षा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
राहुल गांधी ने RSS पर भारत के इतिहास की विविधता के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने और उन्हें अभिव्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन भारत की विविधता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ प्रतिरोध को दर्शाता है। राहुल गांधी ने कहा, "भारत अपने इतिहास को किसी के भी पैरों तले रौंदे जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा।"