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पेंटागन का कबूलनामा, अमेरिकी सैन्य अभियान में 153 निर्दोष नागरिक मारे गए

TCN Desk TCN Desk | 12 Aug, 2026 · 4 min read
पेंटागन का कबूलनामा, अमेरिकी सैन्य अभियान में 153 निर्दोष नागरिक मारे गए

हूती के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन रफ राइडर’ के दौरान अमेरिकी सैन्य हमलों में पिछले साल 153 नागरिक मारे गए।

पेंटागन ने स्वीकार किया है कि 2025 में अमेरिकी सैन्य अभियानों में 153 निर्दोष नागरिक मारे गए और 240 से ज्यादा लोग घायल हुए। पेंटागन ने बताया कि ये सभी नागरिक मौतें और घायल होने के मामले यमन में किए गए तीन हवाई हमलों से जुड़े थे।

CBS की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जारी किए गए इन आंकड़ों में कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर में नावों पर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में हुई मौतों को शामिल नहीं किया गया है। ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब पेंटागन इस साल शुरू हुए ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान चला रहा है।


सोमवार देर रात अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी गई और CBS News को प्राप्त एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के हूती के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन रफ राइडर के दौरान अमेरिकी सैन्य हमलों में पिछले साल 153 नागरिक मारे गए और 243 अन्य घायल हुए। मार्च से मई 2025 के बीच अमेरिकी सेना ने यमन में ईरान समर्थित हूती समूह से जुड़े ठिकानों पर बमबारी की थी। इसका घोषित उद्देश्य हूतियों को लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों पर हमले करने से रोकना था।

रिपोर्ट के अनुसार,

इस बात की संभावना अधिक है कि जहां-जहां सैन्य अभियान के दौरान निर्दोष नागरिक मारे गए वहां अमेरिकी सेना ने इन घटनाओं का आकलन करने के लिए घटनास्थलों का दौरा नहीं किया और न ही प्रत्यक्षदर्शियों के इंटरव्यू किए। आकलन के लिए अमेरिकी खुफिया जानकारी, तस्वीरों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टिंग का सहारा लिया गया।

बता दें कि 6 अप्रैल को यमन की राजधानी सना के पास 5 नागरिक मारे गए। 17 अप्रैल को रास ईसा बंदरगाह के पास 80 नागरिक मारे गए। 28 अप्रैल को सादा के पास 68 नागरिक मारे गए। NBC News और The Washington Post ने सबसे पहले इन आकलनों का विवरण प्रकाशित किया था। युद्धों में नागरिकों को होने वाले नुकसान पर नजर रखने वाली संस्था Airwars ने पिछले साल बताया था कि ऑपरेशन रफ राइडर में कम से कम 258 नागरिक मारे गए हो सकते हैं। पेंटागन की रिपोर्ट में काफी कम 153 मौतों की पुष्टि की गई है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस साल की शुरुआत तक यमन में 15 अन्य घटनाओं का अमेरिकी सेना आकलन कर रही थी। इन घटनाओं की जानकारी गैर-सरकारी संगठनों से मिली थी।

पेंटागन की रिपोर्ट इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें कुछ घटनाओं को शामिल नहीं किया गया है। कैरेबियन और प्रशांत महासागर में विवादास्पद अमेरिकी हमलों में हुई मौतें इसमें शामिल नहीं हैं। इन हमलों में पिछले साल करीब 120 और इस साल करीब 95 लोगों की मौत हुई। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि सितंबर 2025 में शुरू किए गए नावों पर ये हमले उन ड्रग तस्करों को निशाना बनाने के लिए हैं, जो ऐसे कार्टेल से जुड़े हैं जिन्हें प्रशासन आतंकवादी समूह मानता है।

हालांकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले गैरकानूनी और न्यायिक प्रक्रिया से बाहर की गई हत्याओं के समान हो सकते हैं। उनका तर्क है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बना सकती। आपराधिक गतिविधियों के संदिग्ध व्यक्तियों को भी तब तक सैन्य हमले का लक्ष्य नहीं बनाया जा सकता, जब तक वे सैन्य बल के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले कानूनी मानकों के दायरे में न आते हों।

2018 के वार्षिक रक्षा नीति कानून में अमेरिकी कांग्रेस ने पेंटागन के लिए यह अनिवार्य किया था कि वह पिछले वर्ष के सैन्य अभियानों में हुई नागरिक मौतों पर रिपोर्ट सौंपे। रिपोर्टिंग के पहले वर्ष यानी 2017 में अमेरिकी सैन्य अभियानों में करीब 500 नागरिक मारे गए थे। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद यह संख्या काफी कम हो गई। 2023 में केवल एक और 2024 में दो नागरिकों की मौत दर्ज की गई थी। लेकिन हूतियों के खिलाफ बड़े अमेरिकी सैन्य अभियान के कारण 2025 में यह संख्या फिर तेजी से बढ़ गई। रिपोर्ट के शुरुआती बयान में कहा गया है कि अमेरिकी सेना नागरिकों को होने वाले नुकसान को सीमित करने के लिए प्रतिबद्ध है और युद्ध के कानूनों के पालन का उसका मजबूत रिकॉर्ड है।

इस साल नागरिकों के मौत के आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब पेंटागन की एक अन्य रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य अभियानों के दौरान नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पेंटागन ने अमेरिकी सेना के व्यापक Civilian Harm Mitigation Program के बजट और कर्मचारियों में भी कटौती की। हालांकि नागरिकों की सुरक्षा को लेकर रक्षा सचिव हेगसेथ ने इस साल कांग्रेस से कहा था कि अमेरिकी सेना कभी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती और जहां तक संभव हो, ऐसी व्यवस्थाएं करती है जिससे नागरिकों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन पेंटागन ने सिर्फ इस केंद्र ही नहीं, बल्कि 2022 में बनाए गए व्यापक नागरिक सुरक्षा कार्यक्रम में भी बड़ी कटौती की है।