Politics

INDIA गठबंधन के सांसद करेंगे चुनाव आयोग का घेराव, किया बड़ा ऐलान

TCN Desk TCN Desk | 39m ago · 5 min read
INDIA गठबंधन के सांसद करेंगे चुनाव आयोग का घेराव, किया बड़ा ऐलान

चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोपों को लेकर विपक्ष ने संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है।

मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोपों को लेकर विपक्ष ने संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को INDIA गठबंधन की बैठक के बाद बताया कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे। उन्होंने अक्टूबर और नवंबर में देशभर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की भी घोषणा की।

राजधानी में हुई बैठक में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में गड़बड़ियों के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा बैठक के प्रमुख विषय रहे।


बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की जगह मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के सभी नेता इस मांग पर सहमत हैं।


खड़गे ने घोषणा की कि,

1 नवंबर, 2026 को दिल्ली में एक जनसभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि विपक्ष देशभर में पांच रैलियां करेगा, ताकि लोगों को बताया जा सके कि सरकार किस तरह उनका मतदान का अधिकार और अन्य संवैधानिक अधिकार छीन रही है।

खड़गे ने कहा,

इस ‘चोरी की सरकार’ द्वारा लाए गए सभी कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई में तेजी लाने की अपील भी की।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा,

इंडिया गठबंधन की बैठक में हमारी अच्छी चर्चा हुई। हमारी सामूहिक राय है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने चुनावों की चोरी की है। हम इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे। जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है, उन्हें सजा मिलेगी, चाहे वे कितने भी बड़े पद पर हों। मैंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे सामूहिक रूप से संविधान के रक्षक हैं।


राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को भारत के संविधान का सामूहिक रक्षक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष मिलकर देश में गंभीर बदलाव लाएगा।

बैठक में मौजूद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को ‘वैनिश कुमार’ बताते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर की गड़बड़ प्रक्रिया के जरिए वोट चोरी की गई। उन्होंने भाजपा पर निरंकुशता का आरोप भी लगाया।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी ने बैठक में कहा कि,

अब वह घर से बाहर भी नहीं निकल सकतीं। कभी भी बीजेपी के लोग मुझ पर हमला कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी सभी विपक्षी दलों के साथ खुले मन से इस मुद्दे पर लड़ने के लिए तैयार हैं। चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से जुड़े घोटाले और वोट चोरी का पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि सरकार वोट चुराकर सत्ता में आई। उनके अनुसार, राहुल गांधी वर्षों से यह मुद्दा उठा रहे हैं और संसद, सड़कों तथा सुप्रीम कोर्ट में लगातार इसे सामने रखते रहे हैं।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों और त अनियमितताओं पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई है। यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए कानूनों में बदलाव किए जाने का आरोप भी लगाया।

एनसीपी (शरद पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह मतपत्रों से चुनाव कराने की खरगे की मांग दोहराई। उन्होंने दावा किया कि एआई का हस्तक्षेप बढ़ने से मशीनों के जरिए मतदान को लेकर चिंता बढ़ी है। आव्हाड ने आशंका जताई कि,

एआई से मशीनों को प्रभावित करके अवांछित नतीजे हासिल किए जा सकते हैं। अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मतदान आंकड़ों का हवाला दिया। उनके अनुसार, दोपहर 12 बजे मतदान छह प्रतिशत, दो बजे नौ प्रतिशत, तीन बजे 30 प्रतिशत, शाम पांच बजे 39 प्रतिशत और सात बजे 51 प्रतिशत था, जो बाद में 64 प्रतिशत हो गया। पार्टी ने दावा किया कि कई राज्यों में ऐसा ही रुझान सामने आया।

एनसीपी (शरद पवार) के नेता आव्हाड ने ज्ञानेश कुमार को कानूनी संरक्षण मिलने का आरोप भी लगाया।

माकपा महासचिव एम.ए. बेबी ने कहा कि,

वाम मोर्चा इस आंदोलन को व्यापक जनआंदोलन बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े गैर-एनडीए दलों के साथ नागरिक समाज, कलाकारों, लेखकों और सांस्कृतिक हस्तियों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। गठबंधन की भविष्य की संरचना पर उन्होंने कहा कि यह अलग विषय है, जो संबंधित दलों के फैसलों पर भी निर्भर करता है।

बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी न INDIA गठबंधन का हिस्सा है, न एनडीए का। उन्होंने कहा कि दोनों से समान दूरी बनाए रखना पार्टी की नीति है। हालांकि, नवीन पटनायक शुरू से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर रहे हैं। आचार्य ने एसआईआर में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।

बैठक से पहले सूत्रों ने पीटीआई को बताया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्ताव लाने के नए प्रयास का मसौदा तैयार है। इस पर बैठक में मंजूरी के लिए चर्चा होनी थी।

बैठक में खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, ममता बनर्जी तथा सपा, वाम दलों, एनसीपी और शिवसेना (यूबीटी) के नेता शामिल हुए। डीएमके और आम आदमी पार्टी बैठक में शामिल नहीं हुईं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन के कारण नहीं पहुंचे। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है, लेकिन ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हटाने के प्रस्ताव का समर्थन करती है और सड़क से संसद तक लड़ रही है।

गौरतलब है कि बैठक ऐसे समय हुई जब Indian Express की एक खोजी रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में एसआईआर संबंधी फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां उठाईं। उनके अनुसार, कुछ आदेश उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी हुए थे। आयोग ने जवाब दिया कि अलग-अलग विचार संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं और उसके सभी आदेश कानूनी तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं। INDIA गठबंधन की पिछली बैठक 8 जून को हुई थी।