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हेमंत सोरेन छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए तैयार

TCN Desk TCN Desk | 1h ago
हेमंत सोरेन छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए तैयार

झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों ने सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है, ताकि इस मुद्दे का समाधान निकाला जा सके। यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान के एक दिन बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए उनकी सरकार के दरवाजे खुले हैं।


JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले यह आंदोलन 25 जुलाई को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ था। गुरुवार को मानसून सत्र के पहले दिन यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया, जहां विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी की। बता दें कि पिछले 13 दिनों में आंदोलन ने और जोर पकड़ा है। छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शन स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की भी लगातार मौजूदगी है, जो दिनभर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन लेकर पहुंच रहे हैं।

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के एक पदाधिकारी ने कहा,

“सरकार की बातचीत की पेशकश के जवाब में हमने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ यानी पत्रकार और एक वकील शामिल हैं।” प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा को रद्द किया जाए। इसके साथ ही भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच या तो केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराई जाए या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की समिति से कराई जाए।

गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। मंच के पदाधिकारी ने कहा,

“पत्रकारों और वकील की भूमिका केवल मार्गदर्शन देने तक सीमित रहेगी, क्योंकि हम शांतिपूर्ण बातचीत चाहते हैं और इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहते हैं।”

हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा एक राष्ट्रीय समस्या है। उन्होंने गतिरोध खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारियों को बातचीत का प्रस्ताव दिया था। इस बीच Cockroach Janta Party ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताई है। वहीं, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा की सहयोगी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी हेमंत सोरेन से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से बातचीत की कोशिशों के बावजूद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बनी हुई है।

राज्य सरकार का कहना है कि CID पहले से ही मामले की जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं। CID ने बुधवार को TDPL के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को गिरफ्तार किया। TDPL वही एजेंसी है जिसने राज्य की परीक्षाएं आयोजित की थीं। रक्षक सिंह परीक्षा आयोजित करने वाली व्यवस्था का हिस्सा था और उसने खुद भी JPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास की थी। CID ने उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया और रांची लेकर आई। CID ने इस मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 20 हो गई है।

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की पूरी परतें खोलने के लिए गठित विशेष जांच दल यानी SIT इस जांच का नेतृत्व कर रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ अधिकारी डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन लॉग और इससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस बीच BJP ने गुरुवार को झारखंड के छात्रों के आंदोलन को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया।

कांग्रेस नेता और झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं और छात्रों की मांगों पर विचार किया जाएगा। अंसारी ने कहा,

“मुख्यमंत्री ने समिति गठित कर दी है। हमने बातचीत के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। बातचीत होगी। हम छात्रों की मांगों को सुनेंगे और अगर उनकी मांगें उचित हैं तो हम निश्चित रूप से उन्हें स्वीकार करेंगे। वे हमारे छात्र हैं, हमारे बच्चे हैं।”

प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराई जाए। छात्रों का कहना है कि केवल एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी ही इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सकती है। छात्र उन परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की भी मांग कर रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर गड़बड़ी हुई है। इनमें खास तौर पर 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा शामिल है। इसके अलावा छात्र उन भर्ती एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं, जिन पर परीक्षा प्रक्रिया और OMR शीट में कथित हेरफेर के आरोप हैं।

इस आंदोलन का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं। वो रविवार रात से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि छात्रों ने विरोध के बाकी सभी लोकतांत्रिक रास्ते आजमा लिए हैं। महतो के मुताबिक, छात्र जुलाई की शुरुआत से ही यह मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित गड़बड़ियों से जुड़े सबूत सौंपे, प्रदर्शन किए और संविधान मार्च भी निकाला। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।