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गुजराती हिन्दू संगठन के कहने पर एफ़िल टावर से महिलाओं को हटाने के मामले में कंपनी प्रमुख देंगे इस्तीफा

TCN Desk TCN Desk | 57m ago · 4 min read
गुजराती हिन्दू संगठन के कहने पर एफ़िल टावर से महिलाओं को हटाने के मामले में कंपनी प्रमुख देंगे इस्तीफा

पेरिस में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के प्रमुख की यात्रा के समय महिलाओं को हटाने का मामला गर्मा गया है

पेरिस के प्रसिद्ध एफिल टावर पर एक हिंदू धार्मिक संगठन बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) समूह के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को तैनात करने का विवाद अब नेतृत्व परिवर्तन तक पहुंच गया है। टावर का संचालन करने वाली कंपनी SETE ने घोषणा की है कि उसके महानिदेशक Patrick Branco Ruivo वर्ष के अंत में पद छोड़ देंगे। वह 2018 से इस पद पर कार्यरत हैं।

France 24 News की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी के मुताबिक,

आंतरिक जांच में धार्मिक समूह के दौरे की व्यवस्था में संचालन संबंधी खामियां और कमियां सामने आई हैं। इनके कारण महिला कर्मचारियों को उनके कार्यस्थलों से हटाया गया। SETE ने इस व्यवहार को ‘अस्वीकार्य’ बताया है। घटना को लेकर कर्मचारियों के विरोध और राजनीतिक आलोचना के बाद प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे थे।


विवाद की शुरुआत 5 सितंबर को हुई,

जब बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी BAPS से जुड़े करीब 100 लोगों का प्रतिनिधिमंडल एफिल टावर पहुंचा। यह दौरा पेरिस के पास पारंपरिक हिंदू पत्थर के मंदिर के उद्घाटन से जुड़े समारोहों का हिस्सा था। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि प्रतिनिधिमंडल के टावर से गुजरने के दौरान महिलाओं को उनकी ड्यूटी से हटाया गया और पुरुषों ने उनकी जगह ली।

यूनियन प्रतिनिधि डायने दावोइन ने समाचार एजेंसी Reuters को बताया कि,

प्रतिनिधिमंडल के गुजरते समय महिला कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल छोड़ने को कहा गया, ताकि पुरुष कर्मचारी उनकी जगह काम कर सकें। कर्मचारियों के अनुसार, कुछ महिलाओं को दूसरे क्षेत्रों में भेज दिया गया, जबकि अन्य की जगह पुरुष सहकर्मियों को तैनात किया गया। महिला कर्मचारियों को यह निर्देश भी दिया गया था कि प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी के दौरान वे टावर के कुछ हिस्सों में न जाएं और न ही वहां से गुजरें। यूनियन के अनुसार, प्रभावित पीड़ित महिलाओं ने खुद को अपमानित महसूस किया।

SETE ने घटना के समय स्वीकार किया था कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने दौरे के दौरान महिलाओं से संपर्क सीमित रखने की व्यवस्था का अनुरोध किया था। कंपनी ने यह भी कहा था कि ऐसी शर्तें स्वीकार नहीं की जानी चाहिए थीं। इस स्वीकारोक्ति के बाद कर्मचारियों के बीच नाराजगी और बढ़ गई। अगले कुछ दिनों में विवाद तेज हुआ और 7 सितंबर को कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। वे प्रबंधन से बातचीत और यह आश्वासन चाहते थे कि भविष्य में किसी महिला कर्मचारी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होगा। दावोइन के मुताबिक, सप्ताहांत में तनाव बढ़ने के बाद कर्मचारियों ने बैठक करने का फैसला लिया, ताकि प्रबंधन के साथ संवाद शुरू हो और घटना दोबारा न हो।

विरोध के कारण एफिल टावर को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। वहां पहुंचे पर्यटकों को सूचना दी गई कि संचालन संबंधी कारणों से टावर खुलने में देरी हो रही है। दावोइन ने बताया कि प्रबंधन ने घटना को लेकर कर्मचारियों से माफी भी मांगी।

फ्रांस के राजनीतिक नेतृत्व ने भी इस व्यवस्था की आलोचना की। नेशनल असेंबली की अध्यक्ष Yaël Braun-Pivet ने कहा कि,

विदेशी मेहमानों की मांग पूरी करने के लिए महिलाओं को पीछे हटने पर मजबूर करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पेरिस के सोशलिस्ट मेयर Emmanuel Gregoire ने ,

इसे बेतुका, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य फैसला बताया तथा दो अलग-अलग जांच कराने का आदेश दिया।

SETE के अध्यक्ष Ariel Weil ने मंगलवार को बताया कि,

उन्होंने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले उपाय और प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करने को कहा है। उनके अनुसार, आने वाले महीनों में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी बेहतर परिस्थितियों में की जाएगी। कंपनी की घोषणा के मुताबिक,Ruivoवर्ष के अंत तक अपना पद छोड़ देंगे।

इस बीच, BAPS ने इस महीने की शुरुआत में घटना से हुई किसी भी पीड़ा या असुविधा के लिए माफी मांगी थी। संस्था ने कहा कि वह आपसी सम्मान और सेवा के सार्वभौमिक मूल्यों में विश्वास रखती है। अपनी वेबसाइट पर BAPS स्वयं को हिंदू मूल्यों के जरिए समाज को बेहतर बनाने के लिए समर्पित, स्वयंसेवकों द्वारा संचालित आध्यात्मिक संस्था बताती है।

BAPS हिंदू धर्म की मान्यताओं से जुड़ा एक संगठन है, जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी से करीबी संबंध हैं।

लंदन, लॉस एंजिलिस और सिडनी समेत दुनिया के कई प्रमुख शहरों में इसके मंदिर हैं। संस्था की मान्यताएं भगवान स्वामीनारायण की शिक्षाओं से जुड़ी हैं। BAPS में पुरुषों और महिलाओं के बीच सख्त पृथक्करण की व्यवस्था है, जिसमें मंदिर की गतिविधियां और प्रवेश द्वार भी शामिल हैं। संस्था का कहना है कि यह व्यवस्था महिलाओं के हित में शुरू की गई थी।

धार्मिक परंपराओं के नाम पर महिलाओं को अलग रखना भेदभावपूर्ण है। एफिल टावर की घटना ने धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करने और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के बीच कई सवाल खड़े किए हैं।