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लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं से क्यों कहा लड्डू प्रशांत किशोर के दफ्तर भेज दीजिए

TCN News Desk TCN News Desk | 59m ago
लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं से क्यों कहा लड्डू प्रशांत किशोर के दफ्तर भेज दीजिए

बांकीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं के उम्मीदवार नीरज सिन्हा की जीत की खुशी में लड्डू तैयार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।

भाजपा को बांकीपुर में अपनी जीत का पूरा भरोसा था। लेकिन प्रशांत किशोर ने भाजपा के भरोसे को अपने 30 दिनों के संघर्ष और मेहनत के दम पर ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात ये है कि चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के हवाले से यह बयान भी सामने आया था कि,

"अगर बांकीपुर में भाजपा के टिकट पर कुत्ता या बिल्ली भी चुनाव लड़ जाए, तो वह भी जीत जाएगा।" हालांकि बाद में रविशंकर प्रसाद ने ऐसा बयान देने से इनकार कर दिया।

सोमवार को मतगणना जारी रहने के दौरान पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं के उम्मीदवार नीरज सिन्हा की जीत की खुशी में लड्डू तैयार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग इन लड्डुओं का "डिलीवरी एड्रेस बदलने" की सलाह देने लगे।

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एक यूज़र ने लिखा,

"ये लड्डू पीके (प्रशांत किशोर) के दफ्तर भेज दीजिए।"

एक अन्य यूज़र ने उम्मीदवार से ज्यादा लड्डुओं की चिंता जताते हुए लिखा, "सिर्फ जिज्ञासा है कि अगर कोई पार्टी या उम्मीदवार जीत की उम्मीद में पहले से लड्डू बनवा ले और चुनाव हार जाए, तो उन लड्डुओं का क्या होता है? क्या उन्हें कहीं बांट दिया जाता है, दान कर दिया जाता है या फिर वे बेकार चले जाते हैं?"

बिहार के बांकीपुर में 30 सालों से खड़ा भाजपा का अभेद्य किला महज 30 दिनों में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ध्वस्त कर दिया। तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना के बाद अब नतीजे आ गए हैं। बिहार के बांकीपुर और मध्यप्रदेश के दतिया में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा झटका हालांकि बांकीपुर विधानसभा सीट से मिला है। बांकीपुर वही सीट है जिस पर भाजपा के नए-नए बने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन का 30 सालों से कब्जा था। यह वही नितीन नवीन हैं जिसे पीएम मोदी ने बॉस कहा था।

प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 18,953 वोटों से हराया। उन्हें 63,203 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार सिन्हा को 44,250 वोट प्राप्त हुए। वहीं, राजद की रेखा गुप्ता 14,085 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अप्रैल में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद विधानसभा सीट से इस्तीफा देने के कारण कराया गया। नितिन नवीन ने 2025 के विधानसभा चुनाव में यह सीट 51,936 से अधिक वोटों के अंतर से जीती थी।

जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व नौकरशाह मनोज भारती ने कहा,

"यह हमारी पार्टी के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत है। लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोपरि होती है। यह जनादेश उन दलों और नेताओं के लिए संदेश है जो अहंकार में किसी निर्वाचन क्षेत्र को अपनी जागीर समझते हैं।"

प्रशांत किशोर ने उपचुनाव में चुनौती स्वीकार की और भाजपा को करारी व निर्णायक शिकस्त दी। यह तब हुआ जब सत्तारूढ़ एनडीए ने, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल थे, मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।

बांकीपुर में पीके की जीत को नितिन नवीन और सम्राट चौधरी—दोनों के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। यह चुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा थी। साथ ही, नीतीश कुमार की जगह बिहार के मुख्यमंत्री बनने और राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लड़ा गया यह पहला चुनाव भी था।

दतिया उपचुनाव कभी भी मध्य प्रदेश सरकार के भविष्य का फैसला करने वाला चुनाव नहीं था, लेकिन आखिरकार यह भाजपा के नए प्रदेश नेतृत्व की परीक्षा बन गया। इस उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया। इस नतीजे ने यह भी दिखाया कि कई चुनौतियों और कमजोर मनोबल के साथ चुनावी मैदान में उतरी कांग्रेस संगठन ने उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत प्रदर्शन किया।

यह सीट कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जीती थी। हालांकि, उस चुनाव में विजयी रहे कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती को बाद में पार्टी ने निलंबित कर दिया था। उधर, गुजरात के वडोदरा जिले की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने उपचुनाव में जीत बरकरार रखी। पार्टी के उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,000 से अधिक वोटों से हराया। यह उपचुनाव भाजपा के वरिष्ठ विधायक योगेशभाई नारनदास पटेल के निधन के बाद कराया गया था। उन्होंने 2012, 2017 और 2022 में लगातार यह सीट जीती थी।