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क्यों बन रही है 2007 में फ्लॉप हुई 'आवारापन' का सीक्वल?

Satish Bhatt Satish Bhatt | 07 Aug, 2026 · 4 min read
क्यों बन रही है  2007 में फ्लॉप हुई 'आवारापन' का सीक्वल?

फिल्म के सीक्वल बनने की एक बड़ी वजह मोहित सूरी की 2025 में रिलीज़ हुई फिल्म 'सैयारा' भी मानी जा रही है।

हाल ही में 'आवारापन 2' का ट्रेलर रिलीज़ हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि लोगों ने इसे उतना पसंद नहीं किया, जितना इसके टीज़र को किया था। अब तक फिल्म के तीन गाने भी रिलीज़ हो चुके हैं, लेकिन उन्हें भी दर्शकों से वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इसके बावजूद फिल्म की हाइप में कोई खास कमी नहीं आई है।

लेकिन इस सबके बीच आज भी कई लोगों के मन में एक सवाल ज़रूर आता है कि 2007 में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई फिल्म का सीक्वल आखिर क्यों बनाया जा रहा है? साल 2007 में 'आवारापन' रिलीज़ हुई थी। रिलीज़ के कुछ ही हफ्तों बाद फिल्म सिनेमाघरों से उतर गई। उस समय का दौर आज से काफी अलग था। दर्शक हल्की-फुल्की, मनोरंजक और मसाला फिल्मों को ज्यादा पसंद कर रहे थे। वहीं 'आवारापन' एक गंभीर, इमोशनल और काफी डार्क फिल्म थी।

फिल्म में एक ऐसे इंसान की कहानी दिखाई गई थी, जो अपनी जिंदगी से टूट चुका है और मुक्ति की तलाश में भटक रहा है। यह उस दौर की आम बॉलीवुड फिल्मों से बिल्कुल अलग थी। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में दर्शक फिल्म से जुड़ नहीं पाए। एक और वजह इमरान हाशमी की उस समय की इमेज भी थी। तब उन्हें रोमांटिक थ्रिलर और "सीरियल किसर" स्टार के तौर पर देखा जाता था। दर्शकों को उनसे उसी तरह की फिल्मों की उम्मीद रहती थी। लेकिन 'आवारापन' में उन्होंने एक बेहद गंभीर और दर्द से भरा किरदार निभाया। उस समय के दर्शक शायद उन्हें इस नए अंदाज़ में देखने के लिए तैयार नहीं थे।

भले ही फिल्म थिएटर से जल्दी उतर गई, लेकिन टीवी पर इसका लगातार प्रसारण होता रहा। धीरे-धीरे लोगों ने इसे दोबारा देखना शुरू किया। इसके बाद यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इसकी पहुंच को और बढ़ा दिया। जो लोग इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे, उन्होंने बाद में इसे खोजकर देखा। समय के साथ फिल्म की फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती गई। आज सोशल मीडिया पर जब भी 'आवारापन' की बात होती है, तो बड़ी संख्या में लोग इसे इमरान हाशमी के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनते हैं। यही वजह है कि आज इसे एक कल्ट क्लासिक माना जाता है।

ऐसी फिल्में शुरुआत में भले ही बॉक्स ऑफिस पर कमाल न कर पाएं, लेकिन समय के साथ उनका अपना एक मजबूत दर्शक वर्ग बन जाता है। 'आवारापन' भी उसी श्रेणी की फिल्म है। अगर 'आवारापन' आज भी लोगों की यादों में ज़िंदा है, तो उसकी सबसे बड़ी वजह उसका संगीत भी है। "तो फिर आओ", "तेरा मेरा रिश्ता" और फिल्म के बाकी गानों ने इसे एक अलग पहचान दी। इन गानों को आज भी लोग उतने ही शौक से सुनते हैं। नई पीढ़ी के कई दर्शकों ने पहले इसके गाने सुने और बाद में फिल्म देखी।

बहुत कम फिल्मों के साथ ऐसा होता है कि उनका संगीत रिलीज़ के लगभग दो दशक बाद भी उतना ही लोकप्रिय बना रहे। 'आवारापन' इस मामले में बेहद खास फिल्म है। यही वजह है कि इसकी यादें कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड ने यह अच्छी तरह समझ लिया है कि सिर्फ पुरानी हिट फिल्मों पर ही दांव नहीं लगाया जा सकता। अगर किसी फिल्म का मजबूत फैन बेस है और लोग उसे आज भी याद करते हैं, तो वह भी एक बड़ी संपत्ति बन सकती है।

आज इंडस्ट्री में नॉस्टेल्जिया सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। पुराने किरदार, पुराने नाम और पुरानी कहानियां एक बार फिर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही हैं। यही वजह है कि निर्माता अब सिर्फ पुराने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि किसी फिल्म की आज कितनी चर्चा होती है और उसका फैन बेस कितना मजबूत है। 'आवारापन' भले ही 2007 में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन पिछले 19 वर्षों में उसने जो पहचान बनाई है, वह शायद उस समय की कमाई से भी ज्यादा मूल्यवान साबित हुई।

फिल्म के सीक्वल बनने की एक बड़ी वजह मोहित सूरी की 2025 में रिलीज़ हुई फिल्म 'सैयारा' भी मानी जा रही है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसके बाद मेकर्स को लगा कि 'आवारापन 2' को लाने का यही सही समय है। उन्हें भरोसा था कि पिछले कुछ वर्षों में बनी फिल्म की कल्ट फैन फॉलोइंग अब सिनेमाघरों तक पहुंच सकती है।

साल 2007 का दौर अलग था। उस समय दर्शकों के बीच कॉमेडी फिल्मों का जबरदस्त क्रेज़ था। उस साल की टॉप 10 हिट फिल्मों में से 7 कॉमेडी थीं। ऐसे माहौल में 'आवारापन' जैसी गंभीर फिल्म के लिए अपनी जगह बनाना आसान नहीं था।

लेकिन आज का दौर बदल चुका है। अब रोमांस, एक्शन और इमोशनल ड्रामा वाली फिल्मों को भी दर्शक बड़े पर्दे पर पसंद कर रहे हैं। अब 'आवारापन 2' बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है, इसका जवाब तो आने वाला वक्त ही देगा। फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसी दिन सनी देओल की 'बंटवारा 1947' भी रिलीज़ हो रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस बड़ी बॉक्स ऑफिस भिड़ंत में बाज़ी कौन सी फिल्म मारती है।

Satish Bhatt

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सिनेमा और पॉप कल्चर पर लिखने वाले स्वतंत्र लेखक सतीश भट्ट को बॉलीवुड और हॉलीवुड की बदलती प्रवृत्तियों, बॉक्स ऑफिस, फिल्म निर्माण और इंडस्ट्री के अंदरूनी पहलुओं पर विशेष रुचि है। द क्रेडिबल न्यूज़ के लिए नियमित रूप से लिखते हैं।