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संसद में गूची बैग लिए दिखे रवि किशन, लोगों ने कहा गाय के चमड़े का बना

TCN News Desk TCN News Desk | 3h ago
संसद में गूची बैग लिए दिखे रवि किशन, लोगों ने कहा गाय के चमड़े का बना

गाय की राजनीति करने वाले रवि किशन के बैग पर खामोश क्यों?

  1. इक़बाल अहमद


राजनीति का पॉवर और ग्लैमर हमेशा से अभिनय की दुनिया के दिग्गजों को अपनी तरफ़ खींचता रहा है. हिंदी सिनेमा से अमिताभ बच्चन, सुनील दत्त, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, हेमामालिनी, जयाप्रदा, जया बच्चन (भादुड़ी), गोविंदा इत्यादि ने राजनीति में क़िस्मत आजमाई. कामयाब भी हुए लेकिन यहाँ सुनील दत्त और जया बच्चन ऐसे दो नाम दिखाई देते है जो गरिमापूर्ण रूप से संसद और सड़क पर दिखाई दिए. बाक़ी जैसे आए थे वैसे ही वापस चले गए. दक्षिण में तो सिनेमा के कलाकारों ने ही राजनीति संभाल रखी है. एनटीआर, करुणानिधि, जया ललिता और अब थलापति विजय. वहाँ के अभिनेता और अभिनेत्रियाँ असल में राजनीति करना जानते है.

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ऐसे ही भोजपुरी सिनेमा से दो दिग्गज मनोज तिवारी और रवि किशन राजनीति में आए. और आज तक टिके हुए है. लेकिन चर्चा में अपने काम नहीं दूसरी वजह से रहते है.


अभिनय और राजनीति में एक बेसिक अंतर है. अभिनय में डायरेक्टर के बताए हुए फ्रेम में स्क्रिप्ट के अनुसार डायलॉग बोलने होते है और ग़लती होने पर रीटेक ले सकते है. राजनीति में एक एक शब्द का अर्थ निकाला जाता है. ग़लती होने पर रीटेक नही होता. डायरेक्टर के बेहतरीन अभिनेता राजनीति के मंच पर बार बार अनाड़ी साबित होते है. रवि किशन का कैरेक्टर इन सब को समझने के लिए केस स्टडी हैं.


हमारे जौनपुर की उर्वर मिट्टी ने देश को अनेकों अनेक प्रतिभाएं प्रदान की है. जैसे डीएनए सेंथेसिस में नाम कमाने वाले डॉक्टर लाल जी सिंह, टीडी कॉलेज की नींव रखने वाले तिलकधारी सिंह, शायर वामिक जौनपुरी, ब्यूरोक्रेसी में तो एक पूरा गांव ही छाया हुआ है नाम है माधोपट्टी. ये गाँव ही आईएएस की फैक्ट्री है.


इस इलाक़े ने एक और प्रतिभा को जन्म दिया. नाम है पंडित रवि किशन शुक्ला जिसने अभिनय की दुनियाँ में रवि किशन के रूप में शहर का नाम रौशन किया. मैंने दूरदर्शन के दौर में एक धारावाहिक देखा था. इस धारावाहिक ने रवि किशन का रोल हमेशा मार खाने वाला होता था. ऐसे ही छोटे छोटे रोल करते हुए एक दिन मर चुके भोजपुरी सिनेमा को ज़िंदा करने वाले मनोज तिवारी के साथ शामिल हो गए. भोजपुरी की पहली ब्लॉक बस्टर ससुरा बड़ा पईसा वाला के नायक मनोज तिवारी थे. उसके बाद रवि किशन ने मोर्चा संभाला, एक के बाद एक हिट फ़िल्म देकर भोजपुरी सिनेमा के सुपर स्टार बन गए.


भोजपुरी सिनेमा को स्थापित करने के बाद रवि किशन ने हिंदी सिनेमा में पहचान बनाने के लिए हाथ पैर मारना शुरू किया. नब्बे के दशक में जख्मी दिल, आतंक, आर्मी वगैरह में छोटे छोटे रोल किए. सलमान ख़ान की बहुचर्चित मूवी तेरे नाम में पंडित रामेश्वर उर्फ चुंडी का क़िरदार निभा कर लाइम लाइट में आए. इसके अलावा फिर हेरा फेरी का तोतला गुंडा छोटे, लक का मनोरोगी अपराधी राघव, मणिरत्नम की फ़िल्म रावण का किरदार मंगल, बुलेट राजा का मुख्य विलेन सुमेर यादव के साथ अनुराग कश्यप की फ़िल्म मुक्काबाज़ में दलित कोच संजय कुमार का किरदार रवि किशन की प्रतिभा को हमारी आँखों से चिपक जाता है.


पिछले साल लापता लेडीज में हमेशा पान चबाता हुआ इंस्पेक्टर श्याम मनोहर का किरदार निभा कर सबकी वाहवाही लूटी. इसके अलावा वेब सीरीज़ मामला लीगल का एडवोकेट त्यागी भी सबको याद रह गया.उनके अभिनय के सफ़र से ये बात तो साबित होती है कि वो एक मेहनती, प्रतिभाशाली और कामयाब अभिनेता है.


अभिनय की दुनियाँ में नाम और पैसा कमाने के बाद पंडित रविकिशन शुक्ला 2014 में राजनीति में क़दम रखते है. अपने पैतृक शहर जौनपुर से ही कांग्रेस के झंडे तले और बुरी तरह हारते है. सन 2017 में कांग्रेस से भाजपा में चले गए और 2019 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश के शहर गोरखपुर से सांसद हैं.


रवि किशन कैमरे के सामने जितने अच्छे अभिनेता है मंच से या लाइव कैमरे के सामने उतने ही बुरे वक्ता है. उनके और भोजपुरी सिनेमा में उनके प्रतिद्वंद्वी रहे मनोज तिवारी अक़्सर अपने बयानों और मीडिया के कैमरे के सामने अपनी हास्यास्पद हरकतों की वजह से चर्चित रहते है. पेपर लीक के विरोध और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर हुए जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नीट के पेपर को अख़बार बता डाला. वर्क फ्रॉम होम को होम फ्रॉम वर्क बोल देते है.


रवि किशन का सबसे चर्चित बयान गोरखपुर के राप्ती नदी किनारे बने आधुनिक श्मशान घाट (गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट) के उद्घाटन के दौरान दिया गया था. मंच पर सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रवि किशन ने कहा:


यहाँ अगर आपकी मृत्यु होती है तो आप डायरेक्ट स्वर्ग में जाएंगे. यहाँ जब आप जलाए जाओगे तो कितना आनंद आएगा. अत्याधुनिक है, इलेक्ट्रिक वाला है. इसलिए फूंकाई में टाइम नहीं लगेगा… डायरेक्ट स्वर्ग चले जाओगे. उन्होंने आगे जोड़ा कि स्वर्ग वही जाएगा जो सुबह यहाँ शौच नहीं करेगा.

उनका भाषण सुन सीएम योगी आदित्यनाथमंच पर माथा पकड़कर हँसने लगे.


अभी ताज़ा ताज़ा भारतीय पोशाक धोती कुर्ता में संसद पहुँचे तो उनके हाथ में जो गुच्ची का महँगा बैग दिखाई दे रहा था वो गाय के बछड़े की खाल का बना हुआ था. जहाँ एक तरफ़ पूरी हिंदूवादी पार्टी और उससे जुड़ी संस्थाएं गौ रक्षा के लिए किसी भी हद तक चली जा रहीं है वही रवि किशन गाय के बछड़े की खाल से बने गुच्ची के एक्सपेंसिव बैग के सार्वजनिक प्रदर्शन का मोह नही छोड़ पा रहे है.

वहीं अपने ग़रीबी के दिनों का महिमा मंडन करते हुए उनका बयान है कि मैंने ऐसी गरीबी देखी है कि आज भी जब सेवन स्टार होटल में जाता हूँ तो अच्छा खाना ऑर्डर नहीं करता. चाहे प्रोडक्शन का बजट हो या मेरे अपने पैसे. आज भी मैं सिर्फ सादी खिचड़ी ही ऑर्डर करता हूँ। कपड़े लॉन्ड्री में देने में भी हिचकिचाहट होती है.


सोशल मीडिया पर तुरंत लोगों ने इस बैग की क़ीमत और गाय के चमड़े से बने होने की बात करनी शुरू कर दी। बैभव मिश्रा नामक यूजर ने लिखा-

That’s a hideous Gucci bag, देशभक्त नामक यूजर ने लिखा-

So called Hindu! और साथ में ए आई से प्राप्त जानकारी भी पोस्ट की।

हालाँकि न रवि किशन ने इसका जवाब दिया और न ही मीडिया पर इसकी कोई चर्चा हुई।

राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए हमेशा ग्लैमर के शॉर्ट कट का सहारा लेती रहीं है. राजीव गांधी ने हेमवती नंदन बहुगुणा जैसे दिग्गज को हमारे के लिए उस समय के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन को इलाहाबाद ससंदीय सीट पर उतारा था. महाराष्ट्र के विरार में तब के पेट्रोलियम मंत्री राम नाईक के ख़िलाफ़ विरार के छोरे गोविंदा को खड़ा किया गया. इलाहाबाद में अमिताभ जीते थे तो विरार में गोविंदा. ये और बात है कि कुछ सालों में दोनों ने राजनीति से तौबा कर ली थी.


फ़्री इंटरनेट और सोशल मीडिया के ज़माने में राजनीति में विदूषक का भी रोल महत्वपूर्ण हो गया है. ऑन कैमरा इनके बाइट्स का न्यूज़ चैनल और स्वतंत्र मीडिया को भी इंतज़ार रहता है. क्योंकि इनमे वायरल हो जाने के सारे तत्व मौजूद होते है.


हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्री कंगना रनौत (राणावत) भी रवि किशन जैसा ही उदाहरण है. फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि जहाँ रवि किशन के बयान फ़िल्म में आने वाले कॉमेडियन का रोल निभाते है. जिसे देख कर दर्शक के चेहरे पर हँसी आती है. वहीं गैंगस्टर, क्वीन और तनु वेड्स मनु गर्ल कंगना रनौत अपने जहरीले और नफ़रत भरे बयानों के कारण चर्चा में रहतीं है.

रवि किशन का गाय के बछड़े का ऑफिस बैग उनके संस्कारी भारतीय पोशाक पर उतना ही भारी पड़ रहा है जितना उनका अभिनय उनके साथी कलाकारों पर भारी पड़ता है. यहाँ एक सवाल है, क्या कोई मुस्लिम नाम वाला सांसद ऐसे ही शान से गुच्ची का गाय के बछड़े के चमड़े वाला बैग लेकर संसद जा सकता है! या पुलिस किसी आम मुसलमान के घर से ये बैग बरामद करे तो तो क्या होगा!