क्यों बाबा रामदेव, धीरेंद्र शास्त्री सरीखे लोगों को लगने लगा है मोदी के दिन जाने वाले हैं?
दरअसल, इन बाबा और स्वंयभू धर्म गुरुओं को ये आभास होने लगा है कि मौसम बदलने वाला है।
ये अकारण नहीं है कि नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक योग गुरु बाबा रामदेव के स्वर बदल गए हैं और आश्चर्य की बात ये है कि जो कल तक कट्टर हिंदुत्व के पैरोकार थे, सावरकर और नाथूराम गोडसे की विचारधारा को सबसे श्रेष्ठ मानते थे- धीरेंद्र शास्त्री, उन्हें अब अचानक महात्मा गांधी के विचार पसंद आने लगे हैं। ऐसे ही लोगों पर उर्दू के मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी का ये शेर फिट बैठता है-
ख़बर देती है तहरीक-ए-हवा तबदील-ए-मौसम की
खिलेंगे और ही गुल ज़मज़मे बुलबुल के कम होंगे
बदल जाएगा मेयार-ए-शराफ़त चश्म-ए-दुनिया में
ज़ियादा थे जो अपने ज़ोम में वो सब से कम होंगे
दरअसल, इन बाबा और स्वंयभू धर्म गुरुओं को ये आभास होने लगा है कि मौसम बदलने वाला है। इनलोगों ने हवा का रूख भांप लिया है इसलिए ये अब जमाने की हलचल के साथ खुद को जोड़ने के लिए बैचेन हैं। रामदेव, जो हाल तक प्रधानमंत्री मोदी के कट्टर समर्थक माने जाते थे, ने अब एक ऐसा बयान दिया है जिसे उनके रुख में 180 डिग्री का बदलाव कहा जा सकता है।
उन्होंने मोदी शासन में भारत की मौजूदा परिस्थितियों की कड़ी आलोचना की है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों, शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि,
नौकरियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है।अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो देश में फिर बड़े आंदोलन की स्थिति बन सकती है। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में कई जगहों पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे तक शिकायत कर रहे हैं कि कहीं शिक्षक नहीं हैं, कहीं पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में जाति, वर्ग और समुदाय के नाम पर नफरत नहीं फैलनी चाहिए। भारत के सामने बाहरी चुनौतियां भी हैं, इसलिए देश के लोगों को आपसी एकता बनाए रखनी चाहिए।
वहीं, एक स्वंयभू धर्मगुरु धीरेंद्र शास्त्री का बयान भी इन दिनों चर्चा है। इस बयान को लेकर चर्चा हो रही है कि कहीं धीरेंद्र शास्त्री का भी तो हृदय परिवर्तन नहीं हो रहा है।
उन्होंने एक न्यूज चैनल को दिए बयान में कहा कि महात्मा गांधी के विचार उन्हें पसंद हैं। चैनल पर एक शो के दौरान जब पत्रकार ने उनसे पूछा- बेहतर विचार क्या... महात्मा गांधी या नाथूराम गोडसे। धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा,
महात्मा गांधी हमारे भारत को पूरे विश्व में पूजे जाने वाले महान व्यक्ति हैं। जो व्यक्ति वकील बनकर आया और संत बन कर गया ! यही वो विभूतियां हैं जिन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया है। अब आज इसे देखकर कुछ लोग कहेंगे हमारी विचारधारा अलग है तो हम गांधी जी को मानते है बस।
बाबा रामदेव बीजेपी के सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान से भी इन दिनों नाराज है। इधर हाल में कंगना रनौत ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान जेन जी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने इस जेनरेशन के लिए गटर जैसे शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद लोग उनके काफी नाराज हुए। बीजेपी सांसद का ये बयान संसद मार्च के दौरान आया था, जब देशभर में छात्र नीट पेपर लीक को लेकर आक्रोश में थे। हाल ही में स्वामी रामदेव ने एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कंगना रनौत के 'गटर जेनरेशन' बयान पर रिएक्ट किया।
जब उनसे कहा गया कि एक्ट्रेस ने एक जेनरेशन के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, तब योग गुरू ने उनकी पढ़ाई-लिखाई पर सवाल उठाने शुरू किए। रामदेव ने कहा-
उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। उन्होंने आगे कहा- 'ऐसे किसी भी देश के जवानों को गटर बोलना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। उनकी पार्टी के लोगों को उनके खिलाफ कोई एक्शन लेना चाहिए।
जब रामदेव से आगे कहा गया कि कंगना उनके योग की प्रशंसक रही हैं, तब उन्होंने इससे असहमति दिखाते हुए जवाब दिया-
कोई मेरे योग की तारीफ करे, तो क्या मैं उनके गुनाहों को माफ कर दूं? उन्होंने आगे कहा- आज की युवा कोई जाति नहीं है। आज का युवा सबकुछ है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, दलित, आदिवासी, वनवासी, इन सभी के बच्चे हैं। आज, जो युवा है उनमें बहुत ताकत है। उसमें कोई इनकार नहीं कर सकता। इसी युवा ने अच्छे-बुरे हर किसी को हिला डाला है। '
कंगना रनोट ने योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी पर भड़कते हुए कहा कि बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखिए। दरअसल, कंगना ने बाबा रामदेव की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कंगना के 'जेनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर कहा था कि ये बिगड़े दिमाग की निशानी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा,
“बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। आगे उन्होंने लिखा- कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”
दरअसल बाबा रामदेव, धीरेंद्र शास्त्री या फिर वैसे लोग जिन्हें अब लगने लगा है कि मोदी के दिन जाने वाले हैं, उन्हें अपनी दुकान बना कर रखनी है। धंधा चमका कर रखना है। इसलिए ऐसे लोगों को ये फर्क नहीं पड़ता है कि सत्ता में कांग्रेस रहे या भाजपा। वो हमेशा सत्ता के चारण बन कर ही रहते हैं। एक कहावत है- जिघर खीर, उधर भीड़। आने वाले दिनों में ऐसे कई स्वंयभू धर्मगुरु, बिजनेस टायकून, नामी-गिरामी मोदी भक्त पत्रकार भी बदलते मौसम और वक्त के साथ पाला बदलते नजर आएंगे।