धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब ज्ञानेश कुमार की बारी, मुंबई से CJP का बड़ा ऐलान
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं। जब तक वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, हम डटे रहेंगे।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जुटे हैं। प्रदर्शन से पहले इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। यह प्रदर्शन छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क के गेट नंबर छह पर हो रहा है। अभिनेत्री शबाना आजमी और गायक-संगीतकार विशाल ददलानी समेत कई चर्चित हस्तियों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
सीजेपी के प्रदर्शन में प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी पहुंचे।
सीजेपी ने पहले नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। संगठन के मुताबिक, मुंबई का यह प्रदर्शन देशभर में अक्टूबर के दौरान प्रस्तावित प्रदर्शनों और जन लामबंदी के अभियान की शुरुआत है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि,
अभियान के तहत विभिन्न शहरों में प्रदर्शन किए जाएंगे और अंततः नई दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन होगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने तक वह विरोध जारी रखने की तैयारी कर रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खोजी रिपोर्ट के बाद बढ़ा है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर दस महीनों के दौरान कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी। इनमें कुछ ऐसे फैसले और आदेश भी शामिल थे, जिनके बारे में दोनों आयुक्तों ने कहा था कि वे उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए।
दिपके ने दावा किया कि वर्ष 2024 से अब तक लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। उन्होंने नाम हटाए जाने के इस आंकड़े को 2024 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच मत प्रतिशत के मामूली अंतर से जोड़ा। उनका तर्क था कि मतदाता सूचियों में इतने बड़े पैमाने पर बदलाव चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। आयोग ने शनिवार को कहा था कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण समेत सभी प्रमुख निर्णय पूर्ण आयोग ने सर्वसम्मति से लिए थे। आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सामने आए आरोपों के विपरीत, एसआईआर से संबंधित निर्णय भी सभी सदस्यों की सहमति से हुए थे।
मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में दिपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त पद नहीं छोड़ते हैं, तो सीजेपी देशभर में अपना विरोध जारी रखेगा।
दिपके ने कहा,
ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं। जब तक वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, हम डटे रहेंगे। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ आपराधिक आरोपों में कार्रवाई होनी चाहिए।”
सीजेपी नेता ने मुंबई पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि,
यदि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शिवाजी पार्क में राजनीतिक रैली कर सकते हैं, तो सीजेपी को भी वहां प्रदर्शन करने की अनुमति मिलनी चाहिए। पीटीआई के मुताबिक, दिपके ने कहा, “मुझे जेल जाने से डर नहीं लगता। मैं बार-बार वापस आकर प्रदर्शन करूंगा।”
सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि,
यह अभियान मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन गोवा, बेंगलुरु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पटना और रांची में भी प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बना रहा है। इन प्रदर्शनों के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को देश के अलग-अलग हिस्सों में उठाया जाएगा।
शिंदे ने कहा,
गोवा, बेंगलुरु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पटना और रांची में प्रदर्शन होंगे। अगर कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।”
आंदोलन से जुड़े लोगों ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका अभियान स्वतंत्र रहेगा। संगठन चुनाव आयोग के खिलाफ छह अक्टूबर को होने वाले विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल नहीं होगा। सीजेपी अपनी घोषित योजना के मुताबिक अलग से प्रदर्शन और जन लामबंदी जारी रखेगा।
शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने दादर स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी है। मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता के मुताबिक, स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के जवानों समेत लगभग 40 अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि उसकी ओर से 50 अतिरिक्त कर्मचारियों और आरपीएफ कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
दादर स्टेशन पश्चिम और मध्य रेलवे, दोनों नेटवर्क का हिस्सा है। यह मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है और शिवाजी पार्क के सबसे नजदीक स्थित प्रमुख स्टेशनों में भी शामिल है। मुंबई पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस ने शिवाजी पार्क में सभाओं पर लागू प्रतिबंधों, संबंधित नागरिक निकाय की आवश्यक अनुमति नहीं होने तथा यातायात और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया है।
एसआईआर और चुनाव आयुक्तों की असहमति को लेकर उठे विवाद के बीच यह प्रदर्शन हो रहा है। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रहा है, जबकि चुनाव आयोग अपने इस रुख पर कायम है कि एसआईआर समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।