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UP चुनाव के पहले कांग्रेस ने AAP को दिया बड़ा झटका, 8 बार के विधायक ने भी की घर वापसी

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
UP चुनाव के पहले कांग्रेस ने AAP को दिया बड़ा झटका, 8 बार के विधायक ने भी की घर वापसी

उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा और रजत राकेश टंडन ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली।

आम आदमी पार्टी (AAP) को झटका देते हुए उसकी मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी वोटों को बिखरने से रोकना जरूरी है। कक्कड़ के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा और रजत राकेश टंडन ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा कर उनके पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी।


कांग्रेस में जाने के अपने फैसले पर कक्कड़ ने कहा कि,

वह उस दिल्ली को वापस देखना चाहती हैं, जिसमें उनका बचपन बीता था। उन्होंने राजधानी को हरा-भरा, स्वच्छ, प्रगतिशील और सुरक्षित बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, भारतीय राजनीति में एक दशक से अधिक समय बिताने के बाद उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस ही इस लक्ष्य को पूरा कर सकती है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की भी खुलकर प्रशंसा की।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कक्कड़ ने अपने फैसले को भाजपा की राजनीति के खिलाफ संघर्ष से जोड़ा।


उन्होंने कहा,

मैं बेहद गर्व के साथ कांग्रेस में शामिल हो रही हूं। अब हमें वोट बिखरने नहीं देना है। हमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ना है और भाजपा की प्रतिगामी राजनीति को भी हराना है।” उनके इस बयान में विपक्षी मतदाताओं को एकजुट करने और कांग्रेस के साथ राजनीतिक लड़ाई आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया।

प्रियंका कक्कड़ आम आदमी पार्टी के प्रमुख मीडिया चेहरों में शामिल रही हैं। उन्हें अप्रैल 2023 में पार्टी का मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। इस जिम्मेदारी में वह सार्वजनिक बहसों और मीडिया मंचों पर पार्टी का पक्ष रखती रही थीं। ऐसे में उनका कांग्रेस में शामिल होना अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि, दिए गए विवरण में उनके फैसले पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

कक्कड़ ने 2013 में आम आदमी पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद उन्होंने संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं। वह तेलंगाना में पार्टी की पर्यवेक्षक रहीं और दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र की कानूनी प्रमुख के तौर पर भी काम किया। इसके अलावा वह राज्यसभा सांसद संजय सिंह की सलाहकार रही हैं। उनका पेशेवर संबंध वकालत से है। उन्होंने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से कानून में स्नातकोत्तर डिग्री, एलएलएम, हासिल की है और करीब दो दशकों से वकालत करती रही हैं।

कांग्रेस की सदस्यता लेने के दौरान कक्कड़ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपमानित किए जाने और उन्हें कमजोर करने के लिए पूरी व्यवस्था लगाए जाने के बावजूद वह और कांग्रेस अपने रुख पर कायम रहे। कक्कड़ के मुताबिक, कांग्रेस की प्रामाणिकता ही उसकी आत्मा है। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव के आधार पर उन्हें इस पार्टी में वह आत्मा दिखी, जो दूसरी पार्टियों में नहीं मिली।

वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और मथुरा की मांट विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा ने अब कांग्रेस में वापसी की है। दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने कांग्रेस का हाथ थामा है। वहीं कांग्रेस में शामिल होते ही पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने ऐसा बयान दिया जो काफी चर्चा में आ गया।


पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि,

एक बागवान फिल्म आई थी उसमें कहता है ये बुड्ढा किस काम का, आज मैं कहता है ये बुड्ढा बहुत काम का है। उन्होंने कहा कि में स्वतंत्रता सेनानी परिवार से हूं, तिवारी कांग्रेस बनी तो भ्रमवश तिवारी जी के साथ चले गए। पिछली बार कम मार्जिन से मैं हार गया, राजनीति का मतलब है सेवा और ये सोच सिर्फ कांग्रेस के अंदर है। लोग जाति और धर्म की बात करते है लेकिन राहुल गांधी एकमात्र नेता है जो मानववाद की बात करते हैं।

उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली की प्रशंसा करते हुए यह भी कहा कि वह कैमरों के लिए आंसू नहीं बहाते। कक्कड़ ने कांग्रेस को दिल्ली को सुरक्षित और प्रगतिशील बनाने में सक्षम पार्टी बताया। उनके बयान में कांग्रेस से जुड़ने का फैसला केवल संगठन बदलने तक सीमित नहीं दिखा; उन्होंने इसे राजधानी के भविष्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ संघर्ष से जोड़ा। हालांकि, दिल्ली को लेकर किसी विस्तृत कार्ययोजना का उल्लेख नहीं किया गया।

कक्कड़ ने कांग्रेस और राहुल गांधी के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। उन्होंने इस संघर्ष को ‘भारत के विचार’ को जीवित रखने की लड़ाई बताया। उनके कांग्रेस में शामिल होने के साथ दिल्ली की राजनीति, विपक्षी एकजुटता और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद एक ही राजनीतिक संदेश में सामने आए हैं। अब कांग्रेस में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर पार्टी की आगे की घोषणा पर नजर रहेगी।