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संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी, पैलेट गन के इस्तेमाल पर FIR की मांग

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 5 min read
संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी, पैलेट गन के इस्तेमाल पर FIR की  मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल दिल्ली स्थित डीसीपी कार्यालय के बाहर धरना पर बैठ गए हैं।

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उन सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे, जिन पर आरोप है कि उन्होंने 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए विरोध मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाई थी। बाद में राहुल गांधी ने सेंट्रल दिल्ली स्थित डीसीपी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया।


Indian Express के अनुसार, राहुल गांधी के साथ छात्र साहिल लोचाव भी थे, जो पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए संसद मार्च के दौरान पैलेट लगने से घायल हुए थे। वे पहले मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन गए और इसके बाद संसद मार्ग स्थित डीसीपी (सेंट्रल दिल्ली) के कार्यालय पहुंचे।

कांग्रेस के एक नेता ने कहा,

“राहुल गांधी पहले मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन गए। वहां मामला दर्ज नहीं होने के कारण वे डीसीपी (सेंट्रल) से मिलने पहुंचे। जब तक मामला दर्ज नहीं होगा, वे वापस नहीं लौटेंगे।”

साहिल लोचाव ने 14 अगस्त को दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कांग्रेस नेता के मुताबिक पुलिस ने उन्हें जांच अधिकारी (Investigating Officer) की जानकारी नहीं दी। कांग्रेस नेता ने कहा, “उन्होंने 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए मामले की जानकारी लेने की कोशिश की। इसके बावजूद जांच अधिकारी का कोई विवरण नहीं दिया गया। शिकायत मिलने की कोई पावती भी नहीं दी गई।”


कांग्रेस नेता के अनुसार,

राहुल गांधी लोचाव की मदद के लिए उनके साथ गए थे, लेकिन डीसीपी ने भी मामले के जांच अधिकारी या उससे जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने कहा, “यह संज्ञेय अपराध है, इसलिए एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, लेकिन दिल्ली पुलिस ऐसा नहीं कर रही है।”

गौरतलब है कि नजफगढ़ के रहने वाले 19 वर्षीय साहिल लोचाव की 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पैलेट लगने के बाद एक आंख की रोशनी चली गई है। मार्च के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने पाया कि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने पैलेट गन से सात गोलियां चलाई थीं, जिनमें से पांच प्रदर्शनकारियों को लगी थीं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि,

साहिल लोचाव ने अपने वकीलों के साथ 14 अगस्त को दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उन्हें जांच अधिकारी (I/O) का नंबर नहीं दिया गया। पार्टी के मुताबिक, 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए दोबारा शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी मांगी गई, लेकिन तब भी न तो I/O नंबर दिया गया और न ही शिकायत की कोई पावती मिली।

पार्टी ने आगे आरोप लगाया कि शुक्रवार को राहुल गांधी कार्रवाई की मांग को लेकर लोचाव के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे, लेकिन डीसीपी ने भी मामले के अधिकारी या I/O नंबर की जानकारी नहीं दी। कांग्रेस का कहना है कि अपराध संज्ञेय प्रकृति का है और इसलिए एफआईआर दर्ज करना जरूरी है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने ऐसा नहीं किया।

ANI के मुताबिक, राहुल गांधी से धरना समाप्त करने के लिए कहा गया है। डीसीपी कार्यालय के बाहर अब रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी तैनात हो गए हैं।


पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस साहिल लोचव जैसे हर छात्र को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेगी।


उन्होंने कहा,

आज मैं साहिल लोचव के साथ हुई पुलिस की बर्बरता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने संसद मार्ग स्थित डीसीपी कार्यालय गया था। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया था। पैलेट लगने से गंभीर रूप से घायल साहिल की एक आंख की रोशनी अब खतरे में है।”

राहुल गांधी ने आगे कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ इस तरह की बर्बरता न केवल गैरकानूनी है, बल्कि एक गंभीर अपराध भी है। उन्होंने कहा,

न तो गृह मंत्री अमित शाह ने इस क्रूरता को लेकर छात्रों को कोई स्पष्टीकरण दिया है और न ही प्रधानमंत्री ने उनसे माफी मांगी है। अब जब साहिल न्याय के लिए एफआईआर दर्ज कराना चाहता है, तो उसे भी ऐसा करने नहीं दिया जा रहा है। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा,

अमित शाह जी, आप न्याय से इतना डर क्यों रहे हैं? यह डर दिखाता है कि आप अपना अपराध स्वीकार कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज होगी। न्यायिक जांच होगी। और इस बर्बरता के लिए ऊपर से नीचे तक जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हम साहिल और उसके जैसे हर पीड़ित छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।”

बता दें कि 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा बड़ा विवाद बन गया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री को जिम्मेदार मानते हुए उनसे इस्तीफे देने तक की मांग कर चुके हैं। विपक्ष अमित शाह से छात्रों पर हुए दमन को लेकर जवाब देने को कह रहे थे, लेकिन संसद में अमित शाह ने इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया।

The Hindu की एक रिपोर्ट के मुताबिक संसद मार्ग पुलिस स्टेशन की डेली डायरी में विरोध प्रदर्शन के दौरान RAF के जवानों द्वारा एंटी-रायट गन और प्लास्टिक पैलेट के इस्तेमाल का उल्लेख है। डायरी की एंट्री के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान RAF के जवानों ने एंटी-रायट गन से दो राउंड और प्लास्टिक पैलेट के दो राउंड चलाए थे।इस मामले के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई है। खास तौर पर उन आरोपों की जांच की मांग की जा रही है, जिनमें कहा गया है कि छात्रों को पैलेट और भीड़ नियंत्रण के दूसरे तरीकों से चोटें आईं।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ज्यादतियों की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की। यह समिति पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज, आंसू गैस और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए गए अन्य तरीकों से जुड़े आरोपों की जांच करेगी।