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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर पुणे पुलिस ने लगाई 30 शर्तें

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर पुणे पुलिस ने लगाई 30 शर्तें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में उमड़ रहे छात्रों की भीड़ से मोदी सरकार घबरा गई है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में उमड़ रहे छात्रों की भीड़ से मोदी सरकार घबरा गई है। प्रयागराज में जिस तरह राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों का जबरदस्त उत्साह देखा गया उसके बाद से केंद्र की ओर से भाजपा शासित सभी राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश है कि कार्यक्रम की अनुमति देने से पहले इतनी पाबंदियां और शर्ते लगाई जाएं कि छात्र परेशान हो जाएं और वो कार्यक्रम में आने से घबरा जाए।

राहुल गांधी के 22 अगस्त को पुणे में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को पुलिस ने 30 शर्तों के साथ अनुमति दी है। इन शर्तों में आपत्तिजनक बैनर और तस्वीरें लगाने पर रोक तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश शामिल है कि कार्यक्रम के दौरान किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। बता दें कि छात्राओं को समर्पित इस कार्यक्रम में शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसरों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।


पुलिस की ओर से बुधवार को जारी अनुमति आदेश के मुताबिक, कार्यक्रम शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक आरटीओ चौक के पास एसएसपीएमएस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। इसमें करीब 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। शर्तों के तहत आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि,

कार्यक्रम स्थल पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक तस्वीर, चित्र या बैनर प्रदर्शित न किए जाएं। कार्यक्रम के दौरान ऐसी किसी भी अप्रिय घटना के लिए आयोजकों को जिम्मेदार माना जाएगा, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। कार्यक्रम के दौरान किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए और इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।

महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने बताया कि,

पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति दे दी है और आयोजक सभी शर्तों का पालन करेंगे। पुलिस ने अनुमति देते समय कुल 30 शर्तें लगाई हैं।

पुलिस ने आयोजकों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार सुनिश्चित करने तथा पीने के पानी, शौचालय, अग्नि सुरक्षा उपकरण और पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

आयोजकों से निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने को भी कहा गया है, जिनमें महिला सुरक्षाकर्मी भी शामिल होंगी। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, खासकर महिला स्वयंसेवकों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है। पूरे कार्यक्रम स्थल को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे दिन और रात दोनों समय चालू रखने होंगे। आयोजकों को ध्वनि की अनुमत सीमा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 का पालन करने के लिए भी कहा गया है।

कार्यक्रम स्थल पर फोटोग्राफी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।

साथ ही पुलिस, चिकित्सा और अग्निशमन सेवाओं के लिए आपातकालीन रास्तों को खुला रखने का निर्देश दिया गया है।

कार्यक्रम की अनुमति ट्रैफिक विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलने की शर्त पर दी गई है। पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली कोई भी गैरकानूनी गतिविधि पाए जाने पर अनुमति रद्द की जा सकती है। पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल को लेकर किसी तरह का विवाद पैदा होने पर भी अनुमति तत्काल रद्द कर दी जाएगी।

इस बीच, पुणे पुलिस ने मंगलवार से 31 अगस्त तक 14 दिनों के लिए पूरे शहर में निषेधाज्ञा लागू की है। इसके तहत सार्वजनिक सभाओं और पुतला दहन पर पाबंदियां लगाई गई हैं। ये प्रतिबंध आगामी त्योहारों और कांग्रेस के कार्यक्रम से पहले लागू किए गए हैं। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत ये प्रतिबंध लागू करते हुए त्योहारों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है। हालांकि, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया है कि यह आदेश राहुल गांधी के कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए जारी किया गया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं और छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों को उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से की थी। इसके बाद उन्होंने इस अभियान के दूसरे और तीसरे कार्यक्रम को क्रमशः 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज में संबोधित किया।