गुजरात के इस गांव के रहस्यमयी कुंए के पानी में क्यों हो रहा है हलचल?
यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि भूवैज्ञानिक गतिविधि है।
हमारे मुल्क में अक्सर लोग कहीं भी भीड़ देखते ही उसके आसपास इकट्ठा हो जाते हैं, भले ही उन्हें यह न पता हो कि आखिर वहां हो क्या रहा है। कभी कोई देवता दूध पी रहे हैं तो कभी कोई देवता के सिर पर पसीने आ रहे हैं, ऐसी कई रहस्यमयी घटना, जिसका कारण जाने लोग उसी भेड़चाल में शामिल हो जाते हैं। ताजा मामला गुजरात के मोरबी जिले से इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक वीडियो का है। इस वीडियो में लोग एक कुएं के आसपास जमा होकर उसके पानी को देखते नजर आ रहे हैं। शुरुआत में कुछ लोगों ने इसे भूकंप से जुड़ी गतिविधि होने की आशंका जताई थी, लेकिन अधिकारियों ने फिलहाल ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिले के वीरपरडा गांव में प्रांजीवन सदारिया के खेत में स्थित करीब 18 फुट गहरे कुएं में 2 अगस्त 2026 से लगातार हलचल हो रही है और उसका पानी लगातार हिल रहा है। घटनास्थल के वीडियो में कुएं का पानी कभी एक तरफ ऊपर उठता और फिर दूसरी तरफ जाता दिखाई देता है। कई बार पानी अपने आप कुएं से बाहर भी छलक रहा है, जबकि हैरान ग्रामीण आसपास खड़े होकर इसे देख रहे हैं।
कुएं के मालिक प्रांजीवन सदारिया के मुताबिक, यह असामान्य गतिविधि 2 अगस्त को शुरू हुई। इस कुएं का निर्माण महज तीन महीने पहले हुआ था। उन्होंने बताया,
“जब मैं रविवार को अपने खेत पहुंचा तो कुएं का पानी किनारे से बाहर छलक रहा था और तब से लगातार यही हो रहा है।”
स्थानीय निवासियों ने बताया कि,
रविवार और सोमवार को पानी की सतह पर साफ तौर पर हलचल दिखाई दी। मंगलवार को यह गतिविधि कुछ समय के लिए रुक गई, लेकिन बुधवार और गुरुवार को फिर शुरू हो गई, जिससे कुएं को लेकर रहस्य और बढ़ गया। आसपास दो या तीन अन्य कुएं भी हैं, लेकिन उनमें पानी पूरी तरह शांत है, जिससे लोगों का संदेह और बढ़ गया है।
इस असामान्य नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों उत्सुक लोग पहुंच रहे हैं। पास के राजमार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक भी लगातार हिलते पानी को देखने के लिए रुक रहे हैं। लोग हैरानी से इस घटना को देख रहे हैं और अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे हैं। कुछ लोग इसे चमत्कार बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि पानी की इस असामान्य हलचल के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण हो सकता है।
घटना के वीडियो और इसकी खबर फैलने के बाद शुरुआत में कई स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि पानी की यह अजीब हलचल भूकंपीय गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, जिला प्रशासन ने भूकंप से इसके किसी भी संबंध से इनकार किया है और कहा है कि यह घटना किसी प्राकृतिक भूवैज्ञानिक प्रक्रिया के कारण होती दिखाई दे रही है।
जिला भूवैज्ञानिक जे. एस. वाधेर ने कहा कि,
शुरुआती जांच में भूकंप से जुड़ी किसी गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया, “यह भूकंपीय गतिविधि नहीं है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद भूजल दोबारा भर रहा है और चट्टानों के सूक्ष्म खाली स्थानों में फंसी हवा बाहर निकल रही है, जिससे कुएं के पानी में यह हलचल पैदा हो रही है।”
अधिकारियों ने गांधीनगर स्थित भूकंप अनुसंधान संस्थान से भी संपर्क किया। रिपोर्टों के मुताबिक संस्थान ने पुष्टि की है कि इस क्षेत्र के नीचे कोई सक्रिय भ्रंश रेखा नहीं है। हाल में हुई भारी बारिश के कारण भूमिगत जलभृत तेजी से दोबारा भर गए हैं। भूजल स्तर बढ़ने के साथ भूमिगत चट्टानों में फंसी हवा दरारों और सूक्ष्म छिद्रों के रास्ते बाहर निकली हो सकती है, जिससे पानी की सतह पर लगातार हलचल पैदा हो रही है।
मोरबी के जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि गुजरात सरकार को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और गांधीनगर से वैज्ञानिकों की एक टीम विस्तृत अध्ययन के लिए मौके पर पहुंचेगी। उन्होंने कहा, “हमने गुजरात सरकार को इसकी जानकारी दे दी है और आगे की जांच के लिए गांधीनगर से एक टीम घटनास्थल का दौरा करेगी।”
हालांकि शुरुआती आकलन में भूजल के पुनर्भरण को इस घटना का सबसे संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पानी में हो रही इस असामान्य हलचल का सटीक कारण विशेषज्ञों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। तब तक यह रहस्यमयी कुआं स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और मोरबी के एक शांत गांव को व्यापक चर्चा और उत्सुकता का केंद्र बना चुका है।