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CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 5 min read
CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कई शहरों में प्रदर्शन किया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने जम्मू, देहरादून, कोलकाता, लखनऊ, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और कुछ स्थानों पर पुतले जलाए। कोलकाता की सड़कों पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक रैली निकाली गई।


स्थानीय चुनाव आयोग कार्यालयों तक मार्च की योजना के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और वाटर कैनन तैनात किए गए।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कई शहरों में प्रदर्शन किया।

वहीं पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।


कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों को 25 सितंबर को राज्य चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च करने और कुमार को पद से हटाने तथा गिरफ्तार करने की मांग उठाने का निर्देश दिया था। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच ये प्रदर्शन हुए।

Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दस महीनों के दौरान SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। चुनाव आयोग ने इस बात से इनकार किया है कि ये आपत्तियां संस्थागत असहमति को दर्शाती हैं। आयोग के मुताबिक, कामकाज से जुड़े सवाल, आंतरिक प्रतिक्रियाएं और प्रशासनिक सुझाव कई सदस्यों वाली संवैधानिक संस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि SIR सहित उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

इससे पहले गुरुवार को राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी गड़बड़ी की साजिश के शीर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं। गांधी ने कुमार के कदम को देश के खिलाफ बताया और कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को सरकारी गवाह बनना चाहिए।


जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट, इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने “वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” और “निष्पक्ष चुनाव के बिना लोकतंत्र नहीं” लिखे बैनर दिखाए। विधायकों ने कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की तथा सदन के वेल में जाने की कोशिश की। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के कहने पर वे अपनी सीटों पर लौट आए, जिसके बाद प्रश्नकाल जारी रहा।


असम के गुवाहाटी, उत्तराखंड के देहरादून, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। देहरादून में भारी पुलिस बल तैनात होने की खबर है।


पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ FIR दर्ज करने तथा गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता सचिन पायलट के नेतृत्व में चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करेंगे।
कर्नाटक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स थाने में ज्ञानेश कुमार और भाजपा विधायक अभय पाटिल के खिलाफ शिकायत दी। पार्टी ने मतदान अधिकारों के उल्लंघन और मतदाता सूचियों में हेरफेर को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए। भारतीय युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को 5, रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का कार्यक्रम रखा है।


इससे पहले गुरुवार को मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने भोपाल में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था।

युवा कांग्रेस ने “Gyanesh, It’s Done Bro” नाम से देशव्यापी ऑनलाइन नागरिक याचिका भी शुरू की है, जिसमें कुमार के खिलाफ कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की गई है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल अगले दो सप्ताह में संसद के दोनों सदनों में कुमार को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस कार्य समिति की 29 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित बैठक में भी SIR और चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज से जुड़े विवाद पर चर्चा होने की उम्मीद है।

बता दें कि कांग्रेस ने गुरुवार को अपनी सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश दिया था कि वे 25 सितंबर को संबंधित राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालें। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही, उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी की है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने बताया कि,

आंदोलन के दूसरे चरण में सभी जिला कांग्रेस कमेटियां 28 सितंबर को अपने-अपने जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालेंगी। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए गए सभी फैसलों और वोटर लिस्ट में बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई। सभी जिला कांग्रेस कमेटियां (DCCs) 28 सितंबर को अपने-अपने कलेक्ट्रेट तक ऐसे ही बड़े प्रोटेस्ट मार्च करेंगी।

वेणुगोपाल ने कहा कि,

बुधवार को हुए बड़े खुलासों के बाद ज्ञानेश कुमार का 'देशद्रोह' खुलकर सामने आ गया है और उन्हें हमारे लोकतंत्र के खिलाफ उनके देश-विरोधी कामों के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा विरोध तब तक लगातार जारी रहेगा जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, जेल नहीं भेजा जाता और हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

नोट- इस खबर को अपडेट की जा रही है।