बिहार में नहीं रुक रही छेड़छाड़ की घटनाएं, जमुई के बाद समस्तीपुर और मधेपुरा के वीडियो वायरल
ऐसी घटनाओं के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है?
बिहार के जमुई कांड को अभी कुछ ही दिन बीते थे कि एक और वैसा ही शर्मनाक मामला समस्तीपुर से सामने आ गया। यहां एक और नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह मामला 15 सितंबर का बताया जा रहा है।
दरअसल, पूरा मामला समस्तीपुर जिले के कर्पूरी थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के बांध का है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक नाबालिग लड़का और लड़की बाइक से बांध पर पहुंचे थे और आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी बीच कुछ उपद्रवी लड़कों ने दोनों नाबालिगों को घेर लिया और लड़के के साथ जमकर मारपीट की। इसके बाद लड़का वहां से भाग गया। लड़के के वहां से जाते ही इन युवकों ने नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में लड़की इन हरकतों का विरोध करती नजर आ रही है, लेकिन इसके बावजूद युवक नहीं रुके और उसके साथ बदसलूकी करते रहे। आरोप है कि उन्होंने लड़की से बार-बार उसका पता पूछा। जब लड़की ने अपने साथ आए लड़के को अपना भाई बताया, तो युवकों ने उसके साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें राहुल कुमार (19), अवधेश पासवान (46), विकास शर्मा (32) और राम बाबू साहनी (38) शामिल हैं। समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि मामला सामने आते ही जांच शुरू कर दी गई है और थाने में FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी कड़ी में एक और घटना का वीडियो आज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दो-तीन छात्राओं और एक लड़के के साथ बदसलूकी की घटना दिखाई दे रही है। यह घटना मधेपुरा के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ युवक छात्राओं और एक लड़के को घेरकर उनसे बहस करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान हाथापाई जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक स्कूल के बाहर का है। भीड़ में मौजूद कुछ लड़के बाइक से आए एक लड़के की गाड़ी की चाबी निकाल लेते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगती है। छात्राएं भी इस विवाद में शामिल हो जाती हैं।
हालांकि उदाकिशुनगंज एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने बताया कि कुछ लोग वीडियो को गलत तरीके से पेश कर भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहस के दौरान किसी भी तरह की छेड़खानी की घटना नहीं हुई है।
पुलिस ने वीडियो में दिख रहे सभी नाबालिग छात्र-छात्राओं की पहचान कर ली है। उनके परिजनों को नोटिस भेजा गया है और किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसडीपीओ ने बताया कि सोशल मीडिया पर गलत मंशा से वीडियो प्रसारित कर अफवाह फैलाने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है?
अभी हाल ही में जमुई की घटना ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। यह घटना 19 सितंबर की बताई गई थी। बीते रविवार तक इस मामले में किसी ने थाने में शिकायत नहीं की थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष से बात कर प्राथमिकी दर्ज की और कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ है। मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार ने BBC न्यूज़ हिंदी से इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान मुख्य अभियुक्त के पैर में गोली लगी। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना शाम करीब 6:30 बजे की है और लखीसराय-जमुई मुख्य सड़क से करीब 3 किलोमीटर दूर हुई थी। वायरल वीडियो में नाबालिग छात्र-छात्रा एक स्कूटर पर बैठे दिखाई दे रहे हैं और युवकों की भीड़ ने उन्हें घेर रखा है। भीड़ उनसे सवाल कर रही है कि शाम के समय दोनों वहां क्या कर रहे हैं। इसी दौरान छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं छात्र युवकों के समूह से छात्रा को बचाने की कोशिश करता नजर आ रहा है।
इन घटनाओं के सामने आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक टीवी चैनल पर दिया गया एक पुराना बयान वायरल हो रहा है। जिसमें वो कहते नजर आरहे हैं कि अगर आप रात 2 बजे खाना खाकर सड़क पर लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाएं और कोई आपको छू ले, तो मैं सुबह इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन बिहार में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं मुख्यमंत्री के इस दावे से अलग एक दूसरी तस्वीर पेश करती है।