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जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर में एबीवीपी ने पूरी रात किया तांडव, छात्र दहशत में

TCN Desk TCN Desk | 4h ago · 5 min read
जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर में एबीवीपी ने पूरी रात किया तांडव, छात्र दहशत में

ABVP के नेताओं, समर्थकों ने पूरी रात विश्वविद्यालय में तांडव मचाया और कैंपस में कई जगहों पर तोड़फोड़ की।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के समर्थकों ने कुछ ही घंटों के भीतर दो बार जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में धावा बोला। ABVP के नेताओं, समर्थकों ने पूरी रात विश्वविद्यालय परिसर में तांडव मचाया और कैंपस में कई जगहों पर तोड़फोड़ की।


ABVP के नेताओं ने इस कार्रवाई को “सर्जिकल स्ट्राइक” और “रामनवमी पूजा” बताते हुए कहा कि इसका मकसद परिसर को “कॉकरोचों से मुक्त” करना है।

The Telegraph के अनुसार, वामपंथी छात्र संगठनों के एकजुट समूह ने गुरुवार दोपहर ABVP के नेताओं के परिसर में घुसने की कोशिश का विरोध किया। इससे पहले बुधवार आधी रात के कुछ देर बाद हुए हमले को वे रोक नहीं पाए थे, जब उनकी ओर जलते हुए कपड़े के गोले फेंके गए थे। दोपहर के हमले के दौरान एबीवीपी समर्थकों ने पुलिस को भी पीछे धकेल दिया और बाहर से विश्वविद्यालय के बंद मुख्य द्वार पर लातें मारीं और उसे धक्का दिया। इस दौरान उन्होंने परिसर के अंदर अंडे, जूते और डंडे भी फेंके। हालांकि, गेट के अंदर बड़ी संख्या में जमा जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।


हमलावरों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को भी नुकसान पहुंचाया, जिसे नंदलाल बोस ने डिजाइन किया था। लगातार गेट पीटने के कारण प्रतीक चिह्न का बाहरी घेरा निकल गया। जब तक विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड और पुलिस हमलावरों को तितर-बितर करते, तब तक उनमें से कुछ मुख्य द्वार पर चढ़ चुके थे।

एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य शुभब्रत अधिकारी ने कहा,

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में ‘दिमागी नक्सलियों’ की बात की थी। उन नक्सलियों को निष्क्रिय करने का काम यहां जादवपुर विश्वविद्यालय से शुरू हो गया है। हमने यहां उसी तरह सर्जिकल स्ट्राइक शुरू की है, जैसे गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में माओवादी खतरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई की थी। “सर्जिकल स्ट्राइक शुरू करके हमने रामनवमी पूजा की शुरुआत कर दी है। इसी स्ट्राइक के जरिए हम वामपंथ और अति-वामपंथ के वर्चस्व को खत्म करेंगे।”

हमले का पहला चरण गुरुवार तड़के करीब एक बजे शुरू हुआ। आधी रात के हमले में मौजूद एबीवीपी के एक समर्थक ने बाद में कहा, “अगर जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र कॉकरोच हैं, तो हम छिपकलियां हैं। हम उन्हें खा जाएंगे। जादवपुर की विधायक सरबोरी मुखर्जी भी हमलावरों के समर्थन में पहुंचीं और उन्होंने उन्हें ही असली पीड़ित बताया। उन्होंने जवाबी कार्रवाई में “पूरी रात तांडव लीला” करने की धमकी दी।

पुलिस के अनुसार,

विवाद की शुरुआत इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फैकल्टी के वामपंथी छात्रों की एक बैठक से हुई, जिसमें वे “एकतरफा” तरीके से छात्र संघ गठित करने की कोशिश कर रहे थे। परिसर में मौजूद एबीवीपी समर्थकों ने इसका विरोध किया। परिसर के बाहर से भी बड़ी संख्या में एबीवीपी समर्थक अपने कम संख्या में मौजूद साथियों के समर्थन में पहुंचे। इसके बाद झड़प हुई और वामपंथी संगठनों के छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक मुख्यालय अरविंदो भवन के भीतर एक बंद गेट के पीछे शरण ली।

वीडियो फुटेज से संकेत मिलता है कि एक समय गेट का ताला टूटने की स्थिति में पहुंच गया था। एक छात्र ने गुरुवार को आरोप लगाया कि हमलावरों ने झंडों और बैनरों को लपेटकर उनमें आग लगाई और जलते हुए गोले तथा डंडे अंदर मौजूद छात्रों की ओर फेंके। कई लोगों का मानना था कि विधायक मुखर्जी के बयान से स्थिति और बिगड़ गई। उन्होंने रात करीब 1:30 बजे जादवपुर पुलिस स्टेशन के बाहर कहा, “अगर पुलिस उन छात्रों से सरेंडर नहीं करवाती, तो पूरी रात तांडव लीला होगी।”

बाद में जब उनसे पूछा कि उनके इस बयान का क्या मतलब था, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अंदर फंसी छात्राओं में से एक अनुष्णा दास ने फेसबुक लाइव में कहा,

100 से ज्यादा बीजेपी और एबीवीपी समर्थकों ने हमारा पीछा किया। हम जान बचाने के लिए भाग रहे थे और मजबूर होकर अरविंदो भवन में शरण लेनी पड़ी। “हम अभी भी इमारत के अंदर फंसे हुए हैं। वे हमारी ओर जलती हुई चीजें फेंक रहे हैं।”

उन्होंने कहा,

चूंकि हम देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने और उसमें सुधार की मांग करने की हिम्मत करते हैं, इसलिए वे हम पर हमला कर रहे हैं। हम Gen Z से आक्रोश के साथ उठ खड़े होने की अपील करते हैं।”

पुलिस ने कहा कि जादवपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी ने कुलपति और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। परिसर में अशांति की शिकायत डायल 100 के जरिए मिली थी। पुलिस के अनुसार, प्रो-वाइस चांसलर ने भी जादवपुर पुलिस स्टेशन से संपर्क कर परिसर में पुलिस सहायता मांगी थी। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया, “इसके बाद पुलिस टीम परिसर में दाखिल हुई, बाहरी लोगों को वहां से हटाया और पाया कि अरविंदो भवन के बाहर कुछ पोस्टर और बैनर फाड़े तथा जलाए गए थे।”

कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने गुरुवार शाम हमले की निंदा की। हालांकि, उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं कराई। गुरुवार देर शाम उन्होंने एक जांच समिति गठित करने की घोषणा की, जिसकी औपचारिक अधिसूचना शुक्रवार को जारी की जाएगी।

रिसर्च स्कॉलर सम्प्रीति ने कहा,

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हमले के विरोध में निकाली गई रैली में जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। इसीलिए बंगाल में एबीवीपी हमारी तुलना कॉकरोचों से कर रही है... हम उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।”