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राहुल ने अमित शाह से पूछा, किसने दिया छात्रों पर बर्बर हमले का आदेश?

TCN News Desk TCN News Desk | 14h ago
राहुल ने अमित शाह से पूछा, किसने दिया छात्रों पर बर्बर हमले का आदेश?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा है कि किसने छात्रों को मारने का आदेश दिया?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा है कि किसने छात्रों को मारने का आदेश दिया। राहुल गांधी एक पत्र लिखते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग की है।


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पत्र में राहुल गांधी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि छात्र 'निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली' के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय, उन पर बर्बर बल का इस्तेमाल किया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर 'बिना सोचे-समझे बल का प्रयोग किया, जिसमें घातक हथियार और आंसू गैस शामिल थे, और दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने विरोध को दबाने के लिए पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया जो पुलिस की कार्रवाई का सबसे बर्बर व्यवहार था।

मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए, गांधी ने कहा कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है। उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल से मिलने का भी जिक्र किया। पैलेट लगने के कारण उसकी एक आँख की रोशनी जाने का खतरा है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल अंततः केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं। उन्होंने अमित शाह से दो प्रमुख मुद्दों पर सीधे जवाब मांगे। पहला,

उन्होंने पूछा कि क्या गृह मंत्री ने छात्रों के खिलाफ पैलेट गन जैसे 'घातक बल' के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी। यदि नहीं, तो इनके इस्तेमाल की अनुमति किसने दी थी।

दूसरा, उन्होंने सादे कपड़ों में उन लोगों की पहचान और अधिकार के बारे में सवाल उठाया जो छात्रों को लाठियों से पीटते हुए देखे गए थे। पत्र में पूछा गया है कि

"क्या सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते हुए देखे गए लोग पुलिसकर्मी हैं या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती की अनुमति किसने दी?"

बता दें कि राहुल गांधी का यह पत्र राष्ट्रीय राजधानी में छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच आया है, जिसमें विपक्ष सरकार पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगा रहा है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के जवाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपाय किए गए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी तक राहुल गांधी के पत्र पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें कि एक दिन पहले राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के लिए अमित शाह को सीधा ज़िम्मेदार ठहराया था।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के कुछ घंटे बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गांधी ने कहा कि शाह ने 'छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।'

उन्होंने कहा,

"हमारे छात्रों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के लिए हम सीधे तौर पर अमित शाह को ज़िम्मेदार मानते हैं। उन्होंने हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने हमारे छात्रों के ख़िलाफ़ पैलेट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंज़ूरी दी।"

जब छात्रों ने जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन शुरू किया, तो राहुल गांधी ने उनके प्रति एकजुटता और समर्थन ज़ाहिर किया। वह प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।