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पंजाब से नाम कटा, दिल्ली के वोटर लिस्ट में लौटे राघव चड्ढा, AAP ने कहा-गैरकानूनी एंट्री

TCN Desk TCN Desk | 51m ago · 4 min read
पंजाब से नाम कटा, दिल्ली के वोटर लिस्ट में लौटे राघव चड्ढा, AAP ने कहा-गैरकानूनी एंट्री

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में “पिछले दरवाजे” से जोड़ा गया।

कुछ दिन पहले भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शिकायत की थी कि उनका नाम पंजाब के ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान राजनीतिक बदले की कार्रवाई के कारण हटा दिया गया है। लेकिन अब अचानक से उनका दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में आ गया है। अचानक हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी सकते में आ गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे चुनाव आयोग की धांधली के तहत की गई बैक डोर एंट्री और गैरकानूनी बताया है।

बता दें कि आम आदमी पार्टी को छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्य सभा सदस्य राघव चड्ढा ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान तैयार की गई ड्राफ्ट सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। अब उनका नाम दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल हो गया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली की राजेंद्र नगर विधानसभा सीट पर गलत तरीके से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया है।

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने दावा किया कि,



चड्ढा का नाम दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में “पिछले दरवाजे” से जोड़ा गया। उनके मुताबिक, 31 अगस्त को जारी मूल सूची में 746 मतदाताओं के नाम थे, लेकिन बाद में राघव चड्ढा का नाम 747वें नंबर पर दिखाई देने लगा।

इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए चड्ढा ने कहा कि,

उन्होंने चुनाव आयोग के सभी नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। उनका आरोप है कि भाजपा में शामिल होने के बाद से AAP नेतृत्व लगातार उन्हें निशाना बना रहा है।
चड्ढा ने इसी साल अप्रैल में AAP छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी।

इससे पहले चड्ढा ने बताया था कि,

पंजाब में चुनाव आयोग ने उन्हें मोहाली स्थित उनके पंजीकृत पते से स्थानांतरित दिखाया है। उन्होंने इसे पंजाब की AAP सरकार की राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया था।


दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने कहा कि,

मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम जोड़ने, हटाने या उसमें बदलाव करने की प्रक्रिया केवल फॉर्म 6, 7 और 8 के आधार पर होती है।

CEO कार्यालय के अनुसार,

SIR की ड्राफ्ट सूची तैयार करने के लिए 16 जून से 31 अगस्त तक दिल्ली की मतदाता सूची फ्रीज रखी गई थी। इस दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए लगभग 2.14 लाख फॉर्म 6 जमा हुए थे। हालांकि, ड्राफ्ट सूची तैयार किए जाते समय इन आवेदनों को शामिल करने की प्रक्रिया नहीं की गई।

31 अगस्त को दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके तहत 7 सितंबर तक 25,011 नए फॉर्म 6 जमा किए गए। मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों ने 700 आवेदनों को मंजूरी दी थी। अधिकारियों के अनुसार, इनमें राघव चड्ढा का आवेदन भी शामिल था। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होनी है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे दावे और आपत्तियों की अवधि में फॉर्म 6 भर सकते हैं। स्वीकृत आवेदनों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाते हैं। विवाद की असली वजह यही प्रक्रिया है।

AAP के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने कहा कि,

राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 46 की 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में अंतिम नाम क्रम संख्या 746 पर था। उसमें राघव चड्ढा का नाम नहीं था, लेकिन बाद में चुनाव आयोग के पोर्टल पर उनका नाम क्रम संख्या 747 पर दिखाई देने लगा।


भारद्वाज ने सवाल किया कि,

क्या चड्ढा का वोट पंजाब से दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। राघव चड्ढा खुद कह रहे थे कि वह पंजाब के मतदाता हैं और वहीं अपना नाम दोबारा जुड़वाएंगे। जब दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची फ्रीज थी, तो SIR के बीच उनका नाम यहां कैसे जुड़ गया? चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि यह किस प्रक्रिया के तहत हुआ।
हालांकि, राजेंद्र नगर की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम पहली बार दर्ज नहीं हुआ है। वर्ष 2022 के राज्यसभा चुनाव के लिए दिए गए हलफनामे में उन्होंने खुद को राजेंद्र नगर के बूथ नंबर 52 का मतदाता बताया था।
पंजाब से राज्यसभा में पहुंचने के बाद उन्होंने अपना मतदाता पंजीकरण पंजाब स्थानांतरित करा लिया था। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने मोहाली के एसएएस नगर स्थित एक बूथ पर मतदान भी किया था।

AAP के आरोपों पर पलटवार करते हुए चड्ढा ने,

पार्टी की तुलना एक “नाराज पुराने प्रेमी” से की। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि अरविंद केजरीवाल और AAP को हर समय केवल मेरी चिंता रहती है। वे एक ऐसे नाराज व्यक्ति की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जिसे छोड़ दिया गया हो।

हालांकि, चड्ढा ने यह साफ नहीं किया कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में किस तरह दिखाई देने लगा। उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग की सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है। अब इस पूरे विवाद पर अंतिम और स्पष्ट जवाब चुनाव आयोग को देना है।