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राजधानी में मॉब लिंचिंग, मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या

TCN Desk TCN Desk | 15h ago · 6 min read
राजधानी में मॉब लिंचिंग, मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या

शराब पीकर शोर कर रहे लोगों ने मना करने पर मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीट कर हत्या कर दी

अब देश की राजधानी में भी मॉब लिंचिंग होने लगी है। मणिपुर के जाने-माने संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की रविवार देर रात दक्षिण दिल्ली में उनके घर के बाहर कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। उनकी उम्र 55 साल थी। वह अपनी पत्नी और एक बेटे के साथ रहते थे।

Indian Express की एक खबर के अनुसार, परिवार के मुताबिक, रविवार रात करीब 11:30 बजे सिंह दिल्ली के किलोकरी गांव स्थित अपने घर से बाहर आए। वहां कुछ लोग काफी शोर-शराबा कर रहे थे। सिंह ने उनसे शोर न करने को कहा। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस हो गई और मामला जल्द ही मारपीट में बदल गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से ज्यादातर लोग डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करते हैं। मारपीट में सिंह को गंभीर चोटें आईं। उनके बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए ओखला के होली फैमिली अस्पताल ले गए। लेकिन सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर जोरदार चोट लगने के कारण उन्हें अंदरूनी रक्तस्राव हुआ और इसी वजह से उनकी मौत हुई।


दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि,

पुलिस ने परिवार और समुदाय के लोगों से मुलाकात की है और उन्हें जल्द और कानून के अनुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। मामले की जांच जारी है।
विक्रम सिंह मणिपुर के मशहूर रॉक बैंड Phoenix के प्रमुख गिटारिस्ट थे। उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में इस बैंड के साथ काम किया और मणिपुर के रॉक संगीत को आगे बढ़ाने वाले शुरुआती कलाकारों में उनकी गिनती होती थी। उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत Ultra Vires नाम के बैंड से की थी। बाद में वह Phoenix से जुड़े और फिर मणिपुर के एक और प्रसिद्ध बैंड Eastern Dark का हिस्सा बने। बाद में वह मणिपुर छोड़कर दिल्ली आ गए और यहां संगीत शिक्षक के रूप में काम करने लगे।

Phoenix के मुख्य गायक विवेक शर्मा ने उन्हें अपना बेहद करीबी दोस्त और बड़े भाई जैसा बताया। उन्होंने कहा कि विक्रम सिंह बहुत शांत और विनम्र इंसान थे। वह हमेशा काम को बेहतरीन तरीके से पूरा करने में मदद करते थे, लेकिन कभी खुद तारीफ या पहचान पाने की कोशिश नहीं करते थे।

विक्रम सिंह एक ऐसे परिवार से आते थे, जिसका संगीत से गहरा संबंध रहा है। उनकी मां चोंगथम कमला मणिपुर की प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका हैं। उन्हें कभी-कभी “मणिपुरी फिल्म इंडस्ट्री की लता मंगेशकर” भी कहा जाता था। कमला ने 1972 में बनी पहली मणिपुरी फीचर फिल्म ‘मतामगी मणिपुर’ के लिए गाना गाया था। इसके बाद उन्होंने कई और गाने रिकॉर्ड किए और मणिपुर की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बातचीत और संगीत कार्यशालाओं में भी हिस्सा लिया। वह इम्फाल के ऑल इंडिया रेडियो की प्रसिद्ध गायिका भी रही हैं। 85 साल की उम्र में वह अभी भी इम्फाल में संगीत की मास्टरक्लास आयोजित करती हैं।

पुलिस के अनुसार,

रविवार रात पुलिस को एक PCR कॉल मिली कि सिंह के घर के पास कुछ लोग उन्हें पीट रहे हैं। सिंह कई सालों से इसी इलाके में रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ज्यादातर आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है और वे इलाके में डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करते हैं।

54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह दिल्ली में पिछले 17 वर्षों से निजी संगीत शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। देर रात हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ काम करने वाली मणिपुरी सामाजिक कार्यकर्ता बी. रुचिदा शर्मा के अनुसार,

रविवार रात करीब 11:30 बजे सिंह अपने तीसरी मंजिल के फ्लैट से कूड़ा फेंकने के लिए नीचे गए थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने पास के दो ढाबों से जुड़े कुछ कर्मचारियों को अपने घर के बाहर शोर-शराबा करते देखा। सिंह ने उनके चिल्लाने और हंगामा करने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। जल्द ही विवाद बढ़ गया। आरोप है कि जब सिंह अपने घर की ओर लौटने लगे तो समूह ने उनका पीछा किया।

शर्मा ने बताया,

हमलावर उनका पीछा करते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचे। उन्होंने गलियारे में सिंह को घेर लिया और उन पर लगातार हमला किया। इसके बाद सभी मौके से भाग गए।”

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इमारत की सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए मामले की गहन जांच की मांग की। फुटेज में आठ लोग सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखाई दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह वीडियो हमले के बाद की है।


कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि इस हत्या को शराब के नशे में हुई हिंसा की एक सामान्य या अकेली घटना मानकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए।


उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि,

वर्षों से तेज संगीत, सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा और नियमों की अनदेखी को सहन किए जाने के कारण “दंड से मुक्ति की संस्कृति” पैदा हुई है। अपने घर के बाहर शोर और उपद्रव का विरोध करने पर सिंह को पीट-पीटकर मार दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे व्यवहार के खिलाफ नियमों को लगातार लागू करने में नाकाम रही, जिससे इस तरह की घटनाओं के लिए माहौल बना। विक्रम सिंह की जान लेने वाला डंडा भले ही सरकार ने न चलाया हो, लेकिन उनकी हत्या का माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने सिंह के एक मित्र के हवाले से लिखा,


चोंगथम विक्रम सिंह बेहद विनम्र व्यक्ति थे। उनमें न अहंकार था, न किसी के प्रति दुश्मनी। वह एक शांत स्वभाव के इंसान थे, जिन्हें संगीत से गहरा प्रेम था। वह उन दुर्लभ लोगों में से थे, जो बहुत कुछ करते हैं, लेकिन उन्हें पहचान बेहद कम मिलती है। आपकी आत्मा को शांति मिले। आपको न्याय मिले। पूरा पूर्वोत्तर आपके परिवार के लिए प्रार्थना कर रहा है।”

सोमवार शाम किलोकरी गांव में करीब 100 लोग मोमबत्ती मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग की।

विक्रम सिंह मणिपुर में एक प्रतिभाशाली गिटारवादक और संगीत शिक्षक के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने दिल्ली में कई वर्षों तक लोगों को संगीत की शिक्षा दी थी।

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने घटना पर गहरा दुख और चिंता जताई। उन्होंने कहा कि,

विक्रम सिंह का संगीत के क्षेत्र में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी अचानक हुई मौत परिवार, संगीत जगत और मणिपुर के लोगों के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी (NESSDU) ने भी घटना की निंदा की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।


वरिष्ठ पत्रकार अजित अंजुम ने कहा-

कितनी शर्मनाक घटना है ? देश की राजधानी दिल्ली में मणिपुर के एक म्यूजिशियन को पीट पीटकर मार दिया गया . एक नाबालिग समेत सात आरोपियों को गिरफ़्तार तो किया गया है लेकिन ये कोई पहली घटना नहीं है. नॉर्थ इस्ट के लोगों के प्रति रवैये की वजह से ऐसी हिंसक घटनाएं पहले भी होती रही हैं .

घटना को लेकर उत्तरपूर्व के लोगों में भारी आक्रोश है। बड़ी संख्या में लोगों ने कैन्डल मार्च किया और हत्यारों की गिरफ़्तारी की मांग की।