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टाटा, बाय-बाय, खत्म कहकर राहुल गांधी ने छात्रों में भरा BJP सरकार को बदलने का जोश

TCN Desk TCN Desk | 09 Aug, 2026 · 6 min read
टाटा, बाय-बाय, खत्म कहकर राहुल गांधी ने छात्रों में भरा BJP सरकार को बदलने का जोश

राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि आप शिक्षा पर पैसा खर्च करते हैं, मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक हो जाता है।

टाटा, बाय-बाय, खत्म... कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब प्रयागराज के स्टेडियम में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में Gen Z के इस पसंदीदा शब्द को दोहराते हुए मोदी सरकार को बदलने की बात कही तो पूरा स्टेडियम छात्रों की तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में छात्रों का उत्साह चरम पर था।

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा,

आप भारत की शक्ति और गौरव हैं। जब मैं यह कहता हूं तो मैं भारत के हर नागरिक की बात कर रहा हूं।” “इस अंधेरे में आप लोगों ने लाइट जला दी। आपने वह किया जो आपके माता-पिता नहीं कर पाए। वे अपने डर का सामना नहीं कर पाए, मगर हिंदुस्तान के स्टूडेंट और युवाओं ने डर का सामना किया और देश को बदल दिया। युवाओं से “अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मैं इसमें आपके साथ खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा।”

जंतर-मंतर या केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र किए बिना राहुल गांधी ने युवाओं द्वारा किए गए कई प्रदर्शनों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि युवा अब मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देने लगे हैं।

राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में एक बड़ी सभा को संबोधित किया, जिसमें ज्यादातर छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें कई लोग प्रयागराज के बाहर से भी आए थे। कार्यक्रम का मैदान कई जगह पानी से भरा हुआ था और कीचड़ फैला था। सभा से पहले जेसीबी मशीनों की मदद से जलभराव वाले स्थानों पर चूना और रेत डाली गई और जमीन को समतल करने के लिए रोड रोलर भी चलाया गया।

जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ महीने भर चले प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्रों से जुड़े अपने कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए “दर्द, डेटा और दौलत” का जिक्र किया।


राहुल गांधी ने कहा,

आज शाम मैं आपसे दर्द, डेटा और दौलत के बारे में बात करना चाहता हूं।” “भारत के पास युवा हैं और दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा है। युवा और डेटा मिलकर 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था बनाते हैं। यह डेटा देश के युवाओं का है, लेकिन इससे होने वाला आर्थिक फायदा बड़ी कंपनियों के पास जा रहा है।

राहुल गांधी ने अपने पीछे लगी स्क्रीन पर उद्योगपति गौतम अडानी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरों की ओर इशारा करते हुए कहा,

डेटा आपका है, दर्द आपका है, लेकिन दौलत उनकी है? यही सिस्टम है।”

उन्होंने कहा कि ,

आपसे कहा जाता है कि जितनी चाहें रील देखें, जितने चाहें व्हाट्सऐप मैसेज भेजें और इंस्टाग्राम पर जितनी चाहें रील देखें या बनाएं, लेकिन यह 21वीं सदी का नशा है।”

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, जिसमें भाजपा ने जीत हासिल की थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार द्वारा सस्ता डेटा उपलब्ध कराने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि लोग इंस्टाग्राम पर रील बनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस “सिस्टम का एक पहलू लोगों की सोच को नियंत्रित करना भी है।


उन्होंने कहा,

हर संस्था में प्रचारक, ब्यूरोक्रेसी में प्रचारक, फोर्सेज में प्रचारक, मीडिया में प्रचारक, न्यायपालिका में प्रचारक, पैरामिलिट्री में प्रचारक, यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में प्रचारक, यह सोच को कंट्रोल करने का तरीका है।”

उन्होंने कहा कि,

आप शिक्षा पर पैसा खर्च करते हैं, मेहनत करते हैं, लेकिन रोजगार के सारे दरवाजे बंद हैं। पेपर लीक होता है और कोई अमीर बच्चा पेपर खरीद लेता है और आपका भविष्य बर्बाद कर देता है।”

बता दें कि जंतर-मंतर आंदोलन से पहले हुए बड़े प्रदर्शनों में से एक प्रयागराज में भी हुआ था, जहां 2 मई को उत्तर प्रदेश की दो भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे थे। आमतौर पर सफेद या काली टी-शर्ट में नजर आने वाले राहुल गांधी इस कार्यक्रम में गुलाबी शर्ट पहने हुए थे। उत्साहित भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन और रूस की तमाम चर्चाओं के बावजूद भारत के युवाओं की बराबरी कोई नहीं कर सकता।

कांग्रेस नेता ने दो छात्रों को मंच पर भी बुलाया और उनसे अपने अनुभव साझा करने को कहा। अपने मोहब्बत की दुकान के संदेश पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने कहा,

आपको मोहब्बत की दुकान खोलनी है और मोहब्बत से लड़ना है… एक भी छात्र के दिल में नफरत नहीं होनी चाहिए।”

प्रयागराज से पहले राहुल गांधी कोटा और देहरादून में भी इसी तरह के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर चुके हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर कार्यक्रम में अपनी पार्टी की मौजूदगी को न्यूनतम रखा। सभा स्थल के आसपास पार्टी के झंडे नहीं लगाए गए, ताकि पूरा ध्यान छात्रों पर रहे।

कार्यक्रम स्थल के आसपास राहुल गांधी के कई पोस्टर लगे हुए थे, जिनमें उन्हें जन नायक बताया गया था। पोस्टरों पर कई नारे भी लिखे थे, जैसे— “हमें नौकरी चाहिए, पैलेट गन नहीं”, “मंत्री जी की बड़ी कार, देश का युवा बेरोजगार” और “जॉब नहीं मिलेगा तो सिंहासन हिलेगा।”

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रयागराज निवासी शिवम सिंह ने कहा,

“हमारी चिंताओं का समाधान करने के बजाय मौजूदा सरकार हमें परेशान करने और हमारी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग करने की कोशिश कर रही है।”

सिंह ने बताया कि .

उन्होंने दो साल पहले पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया था और तभी से सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के कारण उन पर परिवार की जिम्मेदारी भी है।

प्रयागराज में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बस्ती के 26 वर्षीय राजेश पाल ने कहा कि,

उनका परिवार भाजपा का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज से परिवार नाराज है। राजेश ने बताया कि वह दिल्ली जाकर प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके।

31 वर्षीय अवधेश पाल ने कहा कि वह पिछले छह वर्षों से कौशांबी स्थित अपने घर से दूर प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अवधेश ने कहा, मैं कई परीक्षाएं दे चुका हूं, लेकिन उनमें से कई के नतीजों का अभी इंतजार है। कई अन्य परीक्षाएं पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गईं।” इन तीनों ने बताया कि उन्होंने प्रयागराज में 29 मई को हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। रितेश अवस्थी ने कहा कि वह वाराणसी से “यह सुनने आए हैं कि छात्रों की समस्याओं के बारे में राहुल गांधी क्या कहते हैं।”

वाराणसी से आए एक अन्य अभ्यर्थी 25 वर्षीय विनय सिंह ने कहा,

राहुल गांधी समझते हैं कि ये समस्याएं छात्रों के करियर को प्रभावित कर रही हैं और अनिश्चितता पैदा कर रही है। वह उन गिने-चुने नेताओं में से हैं जो हमारी बात सुनने के लिए तैयार नजर आते हैं।”