मोदी सरकार की मंत्री पेपर लीक की फायदे गिना रही हैं
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेपर लीक की फायदे गिना रही हैं।
पेपर लीक को लेकर जहां देशभर में छात्रों और उनके अभिभावकों में उबाल है। देशभर में आंदोलन और प्रदर्शन हो रहे हैं। वहां मोदी सरकार की एक मंत्री पेपर लीक की फायदे गिना रही हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेपर लीक के फायदे गिना रही है। मंत्री के इस असंवेदनशील बयानों से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने उनकी टिप्पणियों की आलोचना की है और उन पर छात्रों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है।
न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में, सीतारमण ने कहा कि हालांकि पेपर लीक से शुरू में उन छात्रों पर असर पड़ा जिन्होंने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी, लेकिन कुछ उम्मीदवारों ने दोबारा परीक्षा से पहले मिले अतिरिक्त समय का इस्तेमाल अपनी तैयारी को बेहतर बनाने के लिए किया।
सीतारमण ने कहा,
"ऐसे युवा हैं जो सामने आकर कह रहे हैं, 'हां, पहले तो पेपर लीक होने से मुझे बुरा लगा। लेकिन बाद में मैंने उस समय का फ़ायदा उठाया और और भी अच्छी तैयारी की, जिससे मेरा प्रदर्शन बेहतर हुआ।' तो ऐसे युवा भी हैं जिन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और शानदार सफलता हासिल की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET पेपर लीक मुद्दे पर सीतारमण की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें छात्रों के प्रति "असंवेदनशील" बताया।
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि
कुछ छात्रों को री-NEET से फ़ायदा हुआ और उन्होंने कड़ी मेहनत की, "इस तर्क के हिसाब से तो देश में हर परीक्षा का पेपर लीक हो जाना चाहिए।"
रंका ने सवाल उठाया कि क्या सरकार परीक्षा प्रणाली की विफलता की ज़िम्मेदारी लेने के बजाय "पेपर लीक के फ़ायदों का गुणगान" कर रही है।