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स्पेन-मोरक्को सीमा पर प्रवासियों का सैलाब, समुद्र से 18 लोगों का शव मिला

TCN News Desk TCN News Desk | 13h ago
स्पेन-मोरक्को सीमा पर प्रवासियों का सैलाब, समुद्र से 18 लोगों का शव मिला

मोरक्को से 49,000 प्रवासियों के स्पेन के छोटे से स्वायत्त क्षेत्र सेउटा (Ceuta) में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान 18 लोगों की मौत हो गई।

मोरक्को से कुछ ही घंटों में लगभग 49,000 प्रवासियों के स्पेन के छोटे से स्वायत्त क्षेत्र एन्क्लेव सेउटा (Ceuta) में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान 18 लोगों की मौत हो गई। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम ने मैड्रिड सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है और यूरोपीय संघ (EU) के कई देशों की ओर से स्पेन की तीखी आलोचना भी शुरू हो गई है।

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स्पेन और मोरक्को ने शुक्रवार को स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र स्यूटा (Ceuta) की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। दोनों देशों ने सीमा पर लगी बाड़ को मजबूत किया और ऐसा प्रतीत हुआ कि एक ही दिन में समुद्र और ज़मीन के रास्ते हुई भारी संख्या में घुसपैठ को काफी हद तक रोक दिया गया है। इस दौरान समुद्र से अभी तक 18 शव बरामद किए गए।

Reuters के अनुसार, स्पेन के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग ने अपनी वेबसाइट पर गृह मंत्रालय के हवाले से दावा किया कि 24 घंटे के भीतर 49,000 से अधिक लोग अवैध रूप से सीमा पार कर स्यूटा में दाखिल हुए। हालांकि बाद में यह बयान वेबसाइट से हटा दिया गया और इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया गया।


मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित स्पेन के इस छोटे से क्षेत्र स्यूटा में अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से पूरे यूरोप में चिंता और राजनीतिक मतभेद पैदा हो गए। फ्रांस ने स्पेन से लगी अपनी सीमा पर जांच बढ़ाने की घोषणा की, जबकि इटली ने चेतावनी दी कि वह स्पेन के साथ शेंगेन (Schengen) व्यवस्था को निलंबित करने तक का कदम उठा सकता है। स्यूटा के प्रवेश द्वारों पर मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने वॉटर कैनन तैनात किए और लोगों को पीछे धकेलने की कोशिश की। झड़पों के बाद इलाके में एक बस और सात कारों के जले हुए अवशेष भी दिखाई दिए।

स्पेन सरकार ने कहा कि जो लोग अवैध रूप से सीमा पार कर चुके हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस भेजने की कोशिश की जाएगी। हालांकि हाल ही में आए एक अदालत के फैसले ने उन विशेष नियमों पर कुछ पाबंदियां लगा दी हैं, जिनके तहत स्यूटा और मेलिला से बिना प्रक्रिया के तुरंत लोगों को वापस भेजा जा सकता था। बता दें स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ स्यूटा का दौरा करने वाले थे।

स्यूटा और मेलिला (Melilla) उत्तरी मोरक्को में स्थित स्पेन के दो स्वायत्त शहर हैं। ये यूरोपीय संघ की अफ्रीका से लगी एकमात्र स्थलीय सीमाएं हैं। दोनों शहरों की आबादी करीब 85,000 है और यहां समय-समय पर यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की भीड़ उमड़ती रही है, लेकिन गुरुवार को हुई यह भारी घुसपैठ अब तक की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

स्पेन के क्षेत्रीय नीति मंत्री एंजेल विक्टर टोरेस ने कहा कि,

इस अचानक बढ़ी घुसपैठ की एक वजह हाल में आया स्पेन के सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी हो सकता है। अदालत ने कहा था कि समुद्र के रास्ते स्यूटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों को विशेष नियमों के तहत तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता।

टोरेस ने स्थानीय रेडियो से कहा कि सरकार ने स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की है और अदालत के आदेशों तथा प्रवासियों के अधिकारों का सम्मान करते हुए उन्हें अंततः वापस भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

एक प्रवासी 32 वर्षीय अब्राहिम ने कहा कि वह टैंगियर से सीमा पार करने की उम्मीद में आया था, लेकिन जब वह पहुंचा तो प्रवेश द्वार लगभग पूरी तरह बंद कर दिए गए थे। सीमा पार करने की कोशिश करने वालों में महिलाएं, बच्चे और मोरक्को के अलावा सहारा के दक्षिणी अफ्रीकी देशों के लोग भी शामिल थे।

स्पेन की गार्डिया सिविल पुलिस एसोसिएशन (AUGC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि गुरुवार को सीमा पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों को रोकना संभव नहीं हो सका। प्रवास का मुद्दा पूरे यूरोप में बेहद संवेदनशील बना हुआ है। वर्ष 2015 के शरणार्थी संकट, जब सीरिया समेत कई देशों से दस लाख से अधिक लोग यूरोप पहुंचे थे, के बाद से इस मुद्दे पर दक्षिणपंथी दलों का प्रभाव लगातार बढ़ा है।

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने कहा कि उन्होंने स्पेन से लगी सीमा पर तुरंत जांच बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि व्यवहार में यह व्यवस्था कैसी होगी। सामान्य परिस्थितियों में शेंगेन क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच सीमा जांच नहीं होती, लेकिन विशेष परिस्थितियों में अस्थायी रूप से इसे लागू किया जा सकता है।

इटली की दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि

उनका देश नागरिकों की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए असाधारण कदम उठाने, यहां तक कि स्पेन के साथ शेंगेन व्यवस्था निलंबित करने के लिए भी तैयार है।

फिनलैंड के गृह मंत्री ने भी मेलोनी के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पूरे यूरोपीय संघ को इटली की राह अपनानी चाहिए। हालांकि स्पेन की समाजवादी सरकार का कहना है कि वह अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त है, लेकिन उसका यह भी मानना है कि

प्रवासी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। इसी सोच के तहत सरकार ने बड़े पैमाने पर नागरिकता देने की योजना चलाई, जिसके तहत पिछले एक वर्ष में 5 लाख से अधिक अनियमित प्रवासियों ने स्पेन की नागरिकता के लिए आवेदन किया।

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि स्यूटा की तस्वीरें दिखाती हैं कि मैड्रिड सरकार द्वारा 5 लाख से अधिक अनियमित प्रवासियों को स्पेनिश (और इस तरह यूरोपीय) नागरिकता देने का फैसला गलत था और इससे मानव तस्करी को बढ़ावा मिलता है।

इसके जवाब में स्पेन के विदेश मंत्री जोसे मैनुएल अल्बारेस ने ताजानी की टिप्पणी को "अनुचित" बताया। उन्होंने कहा कि स्पेन अपने साझेदार देशों से राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि एकजुटता की अपेक्षा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध दर्ज कराने के लिए इटली के राजदूत को तलब किया जाएगा।