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पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर झोटा की हत्या, मचा सियासी तूफान

TCN Desk TCN Desk | 57m ago · 4 min read
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर झोटा की हत्या, मचा सियासी तूफान

झोटा लंबे समय से मानसा और आसपास के इलाकों में नशे और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सक्रिय थे।

पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि एक मेडिकल स्टोर पर नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर हुई बहस के दौरान दुकान मालिक अश्वनी कुमार ने उन पर नजदीक से गोली चलाई। गोलीबारी में झोटा का एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।

The Tribune की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जानकारी के मुताबिक, झोटा सुबह एक मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। उन्होंने दुकान मालिक से पूछा कि उस सुबह दुकान से नशीले पदार्थ किसने खरीदे और किसने बेचे थे। इसी सवाल को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि बहस बढ़ने पर अश्वनी कुमार ने पिस्तौल निकालकर गोली चला दी। झोटा को मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बठिंडा के डीआईजी हरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान हो चुकी है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने में जुटी है।


इस बीच झोटा के समर्थक उनके घर पर जुटने लगे। नशे के खिलाफ उनके अभियान से जुड़े लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है। हत्या ने पंजाब में नशीले पदार्थों की बिक्री, कानून-व्यवस्था और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार,

झोटा उस समय फेसबुक पर लाइव प्रसारण कर रहे थे। सामने आए वीडियो में वह मेडिकल स्टोर मालिक से नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर सवाल करते दिखाई देते हैं। वह एक बुजुर्ग व्यक्ति से पूछते हैं कि क्या उसने इसी दुकान से नशीले पदार्थ खरीदे थे। बुजुर्ग के पुष्टि करने के बाद झोटा वहां मौजूद लोगों से डीएसपी को बुलाने और दुकान की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग दिखाने की मांग करते हैं। वीडियो में झोटा दुकान मालिक से पिस्तौल निकालने की वजह भी पूछते सुनाई देते हैं। बहस के दौरान वह उसे गोली चलाने की चुनौती देते हैं और बिक्री पर सवाल दोहराते हैं। दुकान के बाहर भीड़ बढ़ने पर झोटा लोगों को दूरी बनाए रखने के लिए कहते हैं, क्योंकि दुकान मालिक के पास पिस्तौल थी। करीब चार मिनट 15 सेकंड की बहस के बाद गोली चलने और मोबाइल जमीन पर गिरने की आवाज आती है।


हत्या के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर तीखा हमला बोला है।

PTI


पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि,

झोटा की दिनदहाड़े हत्या राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और नशा-विरोधी अभियान की विफलता का परिणाम है। वड़िंग ने कहा कि सरकार ने झोटा की मुहिम का समर्थन नहीं किया। वड़िंग ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए बताया कि 2023 में झोटा की गिरफ्तारी के बाद भी वह उनके परिजनों से मिले थे।

कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने भी आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि,

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति की हत्या बताती है कि पंजाब में नशा माफिया कितना ताकतवर है। खैरा ने सरकार के अभियान को प्रचार तक सीमित बताते हुए राजनीतिक-पुलिस-नशा माफिया गठजोड़ का आरोप लगाया।

दूसरी ओर, आप नेता बलतेज पन्नू ने हत्या की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी में एक केमिस्ट दुकान चलाने वाले व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। पन्नू के मुताबिक, पंजाब में किसी को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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गौरतलब है कि झोटा लंबे समय से मानसा और आसपास के इलाकों में नशे के खिलाफ सक्रिय थे। वह संदिग्ध विक्रेताओं से सीधे सवाल करते और बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते थे। उनके अभियान से कई गांवों में नशे के खिलाफ चर्चा तेज हुई। हालांकि, उनके सीधे टकराव वाले तरीकों को लेकर विवाद भी हुए।
पंजाब में नशे के खिलाफ सक्रिय व्यक्ति की हत्या का मामला पहले भी सामने आया है। जालंधर जिले के लखनपाल गांव के नंबरदार और नशा-विरोधी कार्यकर्ता राम गोपाल की 28 जनवरी 2023 की रात हत्या हुई थी। उनके बेटे और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि वह नशा बेचने वालों की जानकारी पुलिस को देते थे और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। मामले की एफआईआर में छह लोगों को नामजद किया गया था।

सितंबर 2023 में बठिंडा के सिधाना गांव में नशा-विरोधी समिति के सदस्य जसवीर सिंह की भी निगरानी के दौरान सिर में चोट लगने से मौत हुई थी। समिति की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज करके दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पुलिस ने आरोपियों के नशा तस्कर होने से इनकार किया था और चोट लगने की परिस्थितियां अस्पष्ट थीं।